भाजपा ने बनाए प्रदेश में संगठनात्म तौर पर पांच नए जिले

कार्यसमिति की बैठक में पास किया प्रस्ताव
शिमला और मण्ड़ी के दो तथा कांगड़ा के होंगे अब चार जिले
शिमला, 23 फरवरी । प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक शनिवार को शिमला में आयोजित की गई। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव जगत प्रकाश नड्डा और हिमाचल भाजपा के सह प्रभारी श्याम जाजू इसमें विशेष तौर पर उपस्थित रहे। हांलाकि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार इसमें उपस्थित नहीं हो पाए। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद बतौर अध्यक्ष सतपाल सत्ती की यह पहली बैठक थी। बैठक में प्रदेश में संगठनात्मक दृष्टि से नए जिले बनाने को लेकर प्रस्ताव लाया गया जिसे सभी ने सहमित से पारित कर दिया।
भाजपा की कार्यसमिति की बैठक में तय किया गया कि प्रदेश के तीन जिलों कांगड़ा, मण्डी और शिमला में संगठनात्म नजरिए से नए जिले वनाए जाएंगे। भाजपा अध्यक्ष सत्तपाल सत्ती ने बताया इस पर सभी नेताओं ने अपनी आम सहमति दी है। हालांकि बैठक में शांता कुमार ने न आने से एक प्रश्र चिन्ह आवश्य लगा है।
संगठनात्म नजरिए से बनने वाले नए जिलों में शिमला में महासू और शिमला दो जिले, मण्डी के मण्डी और सुंदरनगर तथा कांगड़ा के चार नए जिले बनाने का प्रस्ताव पास किया गया। कांगड़ा के चार नए जिलों में पालमपुर, कांगड़ा, देहरा और नुरपूर जिले शामिल हैं।
इन सभी जिलों के विधानसभा क्षेत्रों को जिला वार बांटा गया है। शिमला जिले में शिमला शहरी, कसुम्पटी और शिमला ग्रामीण तीन विधानसभा क्षेत्र रखे गए हैं जबकि शेष विधानसभा क्षेत्रों को महासू जिले में रखा गया है। वहीं मण्ड़ी जिले में सुंदरनगर में सुंदरनगर, धर्मपुर, नाचन, करसोग और सरकाघाट विधानसभा क्षेत्रों को रखा गया है। जबकि शेष पांच विधानसभा क्षेत्रों को मण्ड़ी जिले में रखा गया है।
प्रदेश के सबसे बड़े कांगड़ा जिले को तोड़ कर चार भागों में बांटा गया है। पालपुर जिले में चार विधानसभा क्षेत्रों पालमपुर, सुलह, जयसिंहपुर और बैजनाथ को रखा गया है। नुरपूर में नुरपूर, इंदौरा, ज्वाली और फतेहुपर विधानसभा क्षेत्रों को रखा गया है। कांगड़ा जिले में कांगड़ा, धर्मशाला, शाहपुर और नगरोटा बंगवा विधानसभा क्षेत्रों को लिया गया है। जबकि देहरा में सबसे कम तीन विधानसभा क्षेत्रों ज्वालामुखी, देहरा और जसवां-प्रागुपर को रखा गया है। अब नए जिले बनने प्रदेश भाजपा के भीतर राजनीतिक समीकरण भी बदलें गए। क्योंकि सबसे बड़े राजनीति जिले कांगड़ा को चार भागों में और शिमला व मण्डी जैसे बड़े जिलों को भी दो भागों में बांटा गया है। इन नए जिलों के बनने से अब भाजपा के जिला अध्यक्षों की संख्या 12 से बढक़र 17 हो गई है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने बताया कि नए जिलों के भाजपा अध्यक्षों के चुनाव एक मार्च से पहले करने का निर्णय लिया गा है। क्योंकि 2 और 3 मार्च को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है। इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष राज नाथ सिंह ने एक मार्च से पहले सभी चुनावों को पूरा करने का निर्णय लिया है। सत्ती ने बताया कि इन नए जिलों के गठन को लेकर धूमल और शांता कुमार दोनों की स्वीकृति मिली है। बैठक में भाजपा की सरकार द्वारा किए गए सभी कार्यो को भी सराहा गया।