सरकार एफडीआई को बापिस ले : शांता कुमार

पालमपुर, 07 दिसंबर । पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद शान्ता कुमार ने कहा कि सरकार आवश्यक क्षेत्रों में निवेश में उत्साह नहीं दिखा पा रही। उन्होने कहा कि रेलवे, वायु सेवा, सुरक्षा, पावर सैक्टर आदि क्षेत्रों में विदेशी निवेश की अत्यन्त आवश्यकता है।

आज राज्य सभा में ‘मल्टी ब्रांड रिटेल सैक्टर’ में विदेशी निवेश पर जारी चर्चा में भाग लेते हुए शांता कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की सीमाएं चीन से लगती है। 1962 के चीन युद्ध के घाव अभी तक गहरे हैं। हिमाचल सरकार ने हाल ही में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पठानकोट-लेह लददाख।रेल लाईन के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया था लेकिन धन की कमी के कारण यह प्रस्ताव कार्यान्वित नहीं हो पा रहा। चीन ने रेल लाईन सीमाओं तक पहुंचा दी है। लेकिन भारत सरकार इस मामले में धन की कमी के कारण कुछ भी कर पाने में असमर्थ है। ऐसे अति महत्वपूर्ण क्षेत्र में निवेश के लिए सरकार प्रयास क्यों नहीं कर रही?
उन्होंने कहा कि भारत प्रतिवर्ष अरबों करोड़ो के शस्त्र खरीदता है यदि रक्षा क्षेत्र में एफडीआई की छूट दी जाए तो भारत में ही आधुनिक शस्त्र तैयार किये जा सकते है। उन्होने कहा कि भारत दवाई उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी था देश को विकासशील देशों की फार्मेसी कहा जाता था एफडीआई की खुली छूट देने के बाद रैनबैक्सी और डाबर जैसी दवाई की कंपनियां चैगुने मूल्यों पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने खरीद ली जिसके कारण दवाई कंपनियों का एकाधिकार हो गया और जीवन रक्षक दवाईयों के मूल्य आसमान छूने लगे।
उन्होने कहा कि यह सब विदेशी ताकतों के दवाब में किया जा रहा है। उन्होने कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां जिन क्षेत्रों में लूट करना चाहती है उन क्षेत्रों में विदेशी निवेश की सरकार अनुमति दे रही है।
शांता कुमार ने कहा कि भारत में वायु सेवा क्षेत्र में धन के अभाव के कारण सिसक रहा है। आज हिमाचल प्रदेश में तीन हवाई अडडे है लेकिन किसी भी हवाई अडडे पर वायु सेवा उपलब्ध नहीं है। उन्होने कहा कि रिटेल में एफडीआई की अनुमति से देश को नुकसान होगा। अत: सरकार को एफडीआई लागू करने का निर्णय तर्क एंव विवेक से लेना चाहिए।

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