हिमाचल की ‘फ्रूट बॉल’ कुल्लू घाटी में अनार की दस्तक

हिमाचल की ‘फ्रूट बॉल’ कुल्लू घाटी में अनार की दस्तक

निचले इलाकों में सेब व अन्य फलों का विकल्प बन रहा है अनार

Sept 14/ Kullu

कुल्लू घाटी के निचले इलाकों के बागवान बड़े पैमाने पर अनार की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इन इलाकों की जलवायु अनार के लिए उपयुक्त होने के कारण इसकी खेती क्षेत्र के किसानों और बागवानों के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हो रही है। ग्लोबल वार्मिंग व बदलते मौसम के मद्देनजर निचले इलाकों में अब अनार की खेती सेब, नाशपाती व अन्य फलों का विकल्प बनकर उभर रही है।
बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार अनार की खेती हिमाचल प्रदेश के मध्यवर्ती अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में सफलतापूर्वक की जा सकती है। इसे समुद्रतल से 1500 मीटर तक उंचाई वाले क्षेत्रों में उगाया जा सकता है। उत्तम श्रेणी के फलों के उत्पादन के लिए शुष्क और गर्म जलवायु की आवश्यकता होती है। इसके लिए वार्षिक पचास से साठ सेंटीमीटर तक वर्षा पर्याप्त है।
हालांकि, अन्य फलों के लिए उपयुक्त मिट्टी में भी अनार आसानी से उगाया जा सकता है लेकिन इसके लिए थोड़ी क्षारीय और गहरी दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है। भौगोलिक परिस्थितियों और जलवायु के अनुसार बागवानी विशेषज्ञों ने अनार की विभिन्न किस्में विकसित की हैं। इसकी विभिन्न किस्में लगाकर बागवान काफी लाभान्वित हो रहे हैं। इसकी मुख्य किस्मों में कंधारी, बीदाना, स्पिन डंडन, चावला, गणेश और भगवा आदि प्रमुख हैं। उद्यान विभाग के उपनिदेशक डा. बीसी राणा के अनुसार अनार की भगवा किस्म कुल्लू घाटी के काफी उपयुक्त है। पछेती किस्म का यह अनार कम फटने वाला, खाने के लिए उपयुक्त और बहुत ही आकर्षक होता है। लगभग ढाई सौ से 300 ग्राम तक वजन वाला यह अनार केसरी रंग का, मुलायम और चमकदार होता है। डा. राणा कहते हैं कि यह मध्य अक्तूबर में पककर तैयार हो जाता है और इसकी भंडारण क्षमता भी काफी अच्छी होती है।

अनार के विपणन में भी बागवानों को कोई दिक्कत नहीं आती है। उन्हें पास ही भुंतर सब्जी मंडी में अपनी पैदावार का अच्छा दाम मिल जाता है। घर के पास ही फसल के अच्छे दाम मिलने से कुल्लू घाटी के निचले इलाकों के बागवान लाभान्वित हो रहे हैं। इस प्रकार हिमाचल की ‘फ्रूट बॉल’ मानी जाने वाली कुल्लू घाटी के निचले इलाकों में अनार अब सेब, नाशपाती व अन्य फलों के विकल्प के रूप में बनकर उभरा है। इससे फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

 

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