हिमाचल में भूमिगत जल उपयोगकर्ताओं को 31 दिसम्बर तक पंजीकरण प्रमाण पत्र अनिवार्य

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नार्थ गजट न्यूज। शिमला

जल शक्ति विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि प्रदेश में पहले से निर्मित सभी घरेलू सिंचाई, वाणिज्यिक और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए मौजूदा भूगर्भ जल संरचनाएं हिमाचल प्रदेश भूगर्भ जल (विकास और प्रबन्धन का विनियमन और नियंत्रण) अधिनियम 2005 की धारा 8 के अन्तर्गत पंजीकृत होना आवश्यक है। इसलिए प्रदेश में भूगर्भ जल के सभी वर्तमान उपयोगकर्ताओं को पंजीकरण प्रमाण पत्र के लिए www.emerginghimachal.hp.gov.in पोर्टल के माध्यम से इस अधिनियम के अन्तर्गत फार्म 4 और 4ए के माध्यम से आॅनलाइन आवेदन 31 दिसम्बर, 2020 तक जमा करने की सलाह दी गई है।

भूगर्भ जल प्राधिकरण के इस पोर्टल को 31 दिसम्बर, 2020 के बाद निष्क्रिय कर दिया जाएगा और किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा ट्यूबवैल, बोरवैल और सक्रिय हैंडपम्प जो हिमाचल प्रदेश ग्राउड वाटर प्राधिकरण, शिमला के साथ पंजीकृत नहीं है, के अनाधिकृत उपयोगकर्ताओं के खिलाफ भूगर्भ जल अधिनियम, 2005 और नियम 2007 की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत कार्रवाई की जाएगी।

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