हिमाचल बना संस्कृत भाषा को दूसरी भाषा का दर्जा देने वाला देश का दूसरा राज्य

सरकार प्रदेश में संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने पर कर रही है विचारः मुख्यमंत्री

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

 

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने संस्कृत भाषा को दूसरी भाषा का दर्जा प्रदान किया है, क्योंकि यह भाषा अपने शब्दावली, साहित्य, विचारों, भावों और मूल्यों में समृद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत भाषा अपनी प्राचीनता के कारण ग्रीक भाषा की तुलना में अधिक परिपूर्ण, लैटिन भाषा की तुलना में अधिक समृद्ध और इन दोनों की तुलना में अधिक परिष्कृत है। उन्होंने कहा कि भारत के कुछ विद्यालयों में संस्कृत भाषा और पश्चिमी देशों के कुछ स्थानों में भी इसकी शिक्षा प्रदान की जाती है। भारत के वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने के साथ ही विश्व में भी संस्कृत भाषा के प्रति भी रूझान बढ़ा है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि संस्कृत भाषा के ज्ञान को बुद्धिजीवी समुदाय बहुत सम्मान प्रदान करता है। उन्हांेने कहा कि संस्कृत साहित्य मानव व्यवहार और सृष्टि में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से वर्णन करता है। अभूतपूर्व बदलाव और अनिश्चितता के इस युग में, यह समाज को आंकने और नए सिरे से देखने का एक महत्वपूर्ण साधन सिद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी राज्य सरकार द्वारा संस्कृत को दूसरी भाषा का दर्जा देने के निर्णय की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संस्कृत को और सरल और व्यवहारिक बनाने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि इसे लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया जा सके।

जय राम ठाकुर ने कहा कि संस्कृत भाषा को कम्प्यूटर साॅफ्टवेयर के लिए भी सबसे अच्छी भाषा माना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने पर भी विचार कर रही है जिसके लिए भूमि चिन्हित की जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृत विद्वानों और संस्कृत अकादमी को इस भाषा को सामान्य भाषा बनाने के लिए सुझावों के साथ आगे आना चाहिए ताकि छात्रों को इस भाषा का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया जा सके।

े शिक्षा मंत्री और संस्कृत अकादमी के उपाध्यक्ष सुरेश भारद्धाज ने कहा कि संस्कृत को दूसरी भाषा का दर्जा देने वाला हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड के बाद दूसरा राज्य हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि स्कूली छात्रों के पास विभिन्न स्तरों पर इच्छानुसार संस्कृत भाषा को चुनने का पर्याप्त अवसर हो।

सचिव हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी डाॅ. भक्त वत्सल ने मुख्यमंत्री का स्वागत कर अकादमी की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, सचिव शिक्षा डाॅ. राजीव शर्मा, निदेशक शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा भी उपस्थित थे।

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राज्य सरकार के कर्मचारियों की जीपीएफ स्टेटमेंट अब वेबसाईट पर उपलब्ध

 

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

सामान्य भविष्य निधि अभिदाताओं की वर्ष 2019-20 की जीपीएफ विवरणियां हिमाचल प्रदेश सरकार की वैबसाइट www.himkosh.nic.in  पर उपलब्ध करवा दी गई हैं। सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारी उनके अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों की वार्षिक सामान्य भविष्य निधि विवरणियां वैबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।

इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए, हिमाचल प्रदेश महालेखाकार कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि आहरण एवं वितरण अधिकारी को जीपीएफ स्टेटमेंट डाउनलोड करने के लिए प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर हिमकोष पर जाकर काॅलम ट्रेजरी कोड, डीडीओ कोड और पासवर्ड भरना होगा।

उपभोक्ता संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी से अपना वार्षिक जीपीएफ खाता विवरण प्राप्त कर सकता है और अपनी संतुष्टि के लिए विस्तृत रूप से उसकी जांच कर सकता है। वह अपनी शेष राशि की पुष्टि भी कर सकता है और किसी प्रकार की त्रुटि के संबंध में महालेखाकार कार्यालय की ई-मेल agaehimachalpradesh@cag.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता   www.aghp.cag.gov.in वेबसाइट पर अपनी वार्षिक विवरणिका को देख सकते हैं।

पुलों और सड़कों पर व्यय हो रहे 56 करोड़ : परमार

राजेश व्यास। पालमपुर

विधान सभा अध्यक्ष, विपिन सिंह परमार ने कहा कि सुलाह हलके में 10 नए पुलों के निर्माण पर 30 करोड़ तथा सड़कों पर साढ़े 26 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। विधान सभा अध्यक्ष शनिवार को सुलाह हलके के बल्लाह, पनापर, गलू में सड़कों और पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण तथा प्रगति का जायजा ले रहे थे।

उन्होंने कहा कि सुलाह हलके में गांवों की दूरियों को कम करने और आपस मे जोड़ने के लिये दर्जनों पुलों तथा सड़कों का निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि हल्के की न्यूगल खड्ड में झज्जर, चुल्लाह और बच्छवाई में, ताल खड्ड पर बल्लाह और पनापर में, मोल खड्ड पर चुला और घंडेरा में तथा सुकाड खड्ड पर ही चुला में और ठाकुरद्वार में पुलों का निर्माण किया जा रहा है। 6 नई सड़को के निर्माण के लिये भी 36 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किये गए हैं।

उन्होंने कहा कि इनमें धीरा से कहानफट देवीटिल्ला सड़क पर लगभग 10 करोड़, फरेड़ से ठम्बा सड़क पर लगभग साढ़े 3 करोड़, चिड़न से थिरक देवी टिल्ला पर लगभग 6 करोड़, राम नगर कॉलोनी से सलोह, घडूँ पर लगभग 6 करोड़ तथा स्नहूँ हरिजन बस्ती सड़क पर लगभग 1 करोड़ रुपये व्यय किये जा रहे हैं। इससे पहले उन्होंने के घडूँ में पौधरोपण भी किया और लोगों से पर्यावरण के संरक्षण के लिये वृक्षारोपण करने की अपील की।

कोविड महामारी के दौरान आवागमन नियमों में आंशिक संशोधन

 

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में आवागमन से संबंधित जारी आदेशों में आंशिक संशोधन किया है। यह जानकारी देते हुए  राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि जो विद्यार्थी और अभ्यर्थी अपने माता.पिता के साथ प्रतियोगी चयन परीक्षाओं के कारण प्रदेश के भीतर और बाहर आवागमन करना चाहते हैंए उन्हें राज्य में 72 घण्टों के भीतर आवागमन करने की स्थिति में क्वारंटीन नियमों से छूट की सुविधा प्रदान की जा सकती है। परीक्षा प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए प्रवेश पत्र को प्रदेश में आने व वापिस आने के लिए वैद्य दस्तावेज माना जाएगा और विद्यार्थियोंए अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को अलग से पंजीकरण करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रदेश में परीक्षा के लिए आने की स्थिति में उन्हें हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा पंजीकृत स्थानीय होटलों एवं इकाइयों में ठहरने की अनुमति प्रदान की जाएगी।

प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा समय.समय पर जारी किए गए दिशा.निर्देशों के अन्तर्गत जिला प्रशासन की अनुमति के पश्चात ही बागवानोंए कृषकों और ठेकेदारों द्वारा प्रदेश के बाहर से श्रमिकों को लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्वारंटीन अवधि पूरी होने के पश्चात या कोविड.19 की नेगेटिव रिपोर्ट आने के पश्चात ही कार्य स्थल पर कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाएगी।

कोविड.19 से निपटने के लिए ली जाए पीजीआई चंडीगढ़ की मददः राज्यपाल

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीजीआईएमईआर के निदेशक डाॅण् जगत राम के साथ हिमाचल प्रदेश में कोविड.19 स्थिति के बारे में चर्चा की और राज्य में इस महामारी की रोकथाम संबंधित सुझाव मांगे। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए भारत सरकार द्वारा जारी किए गए सभी दिशा.निर्देशों का पालन कर रहा है और केंद्र द्वारा जारी दिशा.निर्देशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश के मापदण्ड अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर हैं क्योंकि राज्य में कोरोना की प्रसार दर पांच प्रतिशत से कम है।

उन्होंने कहा कि राज्य के कोविड.19 जांच और परीक्षण दर अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है और अब तक 1ए27ए555 व्यक्तियों का कोरोना वायरस के लिए परीक्षण किया गया हैए जिनमें से 1ए24ए568 व्यक्ति नेगिटिव पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 1145 व्यक्ति इस बीमारी से ठीक हुए हैं और अब तक केवल 11 लोगों की मृत्यु हुई है।

राज्यपाल ने पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ द्वारा कोविड.19 से लड़ने के प्रयासों और व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि डाॅक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ अपनी जान खतरे में डालकर मरीजों का इलाज करने का सराहनीय काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि अस्पताल द्वारा अब तक कोविड.19 के लिए 15ए000 से अधिक परीक्षणए विशेष प्रयोगशालाएं स्थापित की गई और मरीजों का इलाज करने के लिए प्लाज्मा थेरेपी भी शुरू की गई है।

बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि इस महामारी को रोकने के लिए ट्रेसिंगए परीक्षण और उपचार महत्वपूर्ण है। उन्होंने पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ को इस महामारी से निपटने में हिमाचल प्रदेश की कार्यप्रणाली का अवलोकन करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उपचार के लिए आवश्यक दवाओं की आपूर्ति कम है और इसकी कालाबाजारी भी की जा रही हैए जिसकी जाँच की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कोविड.19 के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुएए पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ को प्रदेश के कोविड केयर सेंटरों का अध्ययन करने के लिए पर्यवेक्षकों की एक टीम को भेजने और राज्य के डाॅक्टरों के साथ विचार.विमर्श करके राज्य को इसमें सुधार संबंधी एक रिपोर्ट भेजने के लिए भेजने के लिए कहा।

डाॅण् जगत राम ने पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ द्वारा कोरोना वायरस से लड़ने के लिए किए गए विभिन्न प्रयासों का प्रस्तुतीकरण करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश कोविड.19 मामलों में अच्छा कार्य कर रहा है और रिकवरी दर भी अच्छी है। उन्होंने कहा कि पीजीआईएमईआर ने प्लाज्मा और स्टीराॅइड थेरेपी की सुविधा शुरू की है और यह सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है ताकि रोगियों के साथ कम संपर्क हो। उन्होंने राज्यपाल को आश्वासन दिया कि पीजीआईएमईआरए चंडीगढ़ इस महामारी से निपटने में हिमाचल सरकार की मदद करने के लिए हमेशा तत्पर है।

 

सुरक्षा कारणों से हिमाचल के स्पिति क्षेत्र में रक्षा मंत्री से हवाई पटटी बनाने की मांग

निर्धारित क्वारन्टीन प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाए : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से जिला सोलन और सिरमौर के उपायुक्तों से कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम और विभिन्न उपायों के बारे में विस्तृत चर्चा की और उन्हें दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कोविड देखभाल केंद्रों में मरीजों की सुविधा, स्वास्थ्य देखभाल और उन्हें संतुलित भोजन उपलब्ध प्रदान के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड देखभाल केंद्रों में मरीजों की डाइट और देखभाल के लिए निर्धारित प्रोटोकाॅल का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

जय राम ठाकुर ने कहा कि निर्धारित क्वारन्टीन प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाए। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत विभिन्न इकाइयों के प्रबन्धन का दायित्व है कि वह अन्य राज्यों से आने वाले उन्हीं श्रमिकों को कार्य पर रखें, जिन्होंने क्वारन्टीन नियमों का पालन सुनिश्चित किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश से बाहर जाकर 48 घंटे के भीतर वापिस आने की सुविधा का दुरूपयोग रोकने के लिए प्रक्रिया का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कोविड पाॅजिटिव मामलों में बढ़ौतरी के दृष्टिगत बद्दी नालागढ़ और नाहन में लाॅकडाउन लगाने के बारे में भी चर्चा की गई।

जय राम ठाकुर ने कहा कि अन्य राज्यों में फंसे हिमाचलवासियों की वापसी के कारण प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ौतरी हुई है, इसके बावजूद प्रदेश के पैरामीटर अन्य राज्यों से बेहतर हैं। भारत सरकार के मापदंडों के अनुसार कोरोना संक्रमण दर पांच फीसदी से कम होनी चाहिए। प्रदेश में व्यापक स्तर पर कोरोना जांच के बावजूद संक्रमण की पाॅजिटिव दर पांच प्रतिशत से बहुत कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों का प्रोटोकाॅल पुनः निर्धारित किया गया है। अन्य राज्यों से प्रदेश में आने वाले प्रवासी श्रमिकों को संस्थागत क्वारन्टीन किया जा रहा है। इस व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है।

हिमाचल सरकार ने तबादलों पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

प्रदेश में कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति के मद्देनजर हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्थानान्तरणों पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने का निर्णय लिया है। अब किसी भी विभाग, बोर्ड, निगम, विश्वविद्यालय इत्यादि द्वारा स्थानान्तरण व समायोजन के आदेश जारी नहीं किए जा सकेंगे। केवल विशेष परिस्थितियों जैसे गम्भीर चिकित्सा मामले व प्रशासनिक अनिवार्यता की स्थिति में ही स्थानान्तरण किया जा सकेगा। इसके लिए 10 जुलाई, 2013 के व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार संबंधित मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री का पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार कई एहतियाती कदम उठा रही है और इस बारे में समय-समय पर विभिन्न प्रकार के दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक कार्य के लिए सचिवालय व सरकारी कार्यालयों में न आएं और इस वायरस को फैलने से रोकने में अपना सहयोग दें। सरकार ने लोगों से सामाजिक दूरी बनाए रखने और फेस मास्क आदि का प्रयोग करने का भी आग्रह किया।

 

 

दृष्टिपत्र को साकार करना सरकार की प्राथमिकताः सुरेश भारद्वाज

 

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

 

प्रदेश सरकार राज्य के समग्र विकास के उद्देश्य से स्वर्णिम हिमाचल प्रदेश दृष्टिपत्र-2017 के कार्यान्यवन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश के सभी क्षेत्रों तथा वर्गों के उत्थान के लिए तैयार किए गए इस दृष्टिपत्र को साकार करना सरकार की प्राथमिकता है। यह जानकारी आज यहां स्वर्णिम हिमाचल प्रदेश दृष्टिपत्र-2017 के कार्यान्यवन के लिए गठित मंत्रिमंडल उप-समिति की बैठक के दौरान अध्यक्ष एवं शिक्षा मन्त्री सुरेश भारद्वाज ने दी। बैठक के दौरान परिवहन तथा तकनीकी शिक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में कृषि एवं उद्यान उत्पाद के परिवहन के लिए सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा प्रतिवर्ष एक माननीकृत मूल्य निर्धारण किया जा रहा है, जिससे उत्पादों को मंडियों तक उचित दामों में पहुंचाया जाता है। परिवहन संबंधी समस्याओं के निदान के लिए निदेशालय स्तर पर शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है। जिला मुख्यालयों में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने के लिए आठ स्थानों का चयन किया गया है तथा इन नगरों के बुनियादी ढांचों और सुविधाओं के लिए अब तक 12 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

उप-समिति के सदस्य व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि इंजीनियरिंग, फार्मेसी एवं बहुतकनीकी संस्थानों के 606 विद्यार्थियों तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के 9139 विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। इसके अतिरिक्त ‘स्कीम आॅफ कम्यूनिटी डवेल्पमेंट थ्रू पोलीटेकनिक’ योजना के अंतर्गत 249 प्रशिक्षणर्थियांे को रोजगार दिया गया।

उप-समिति के सदस्य एवं परिवहन मन्त्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने बैठक के दौरान कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निजी मिनी बस चालकों को 23 बस रूट परमिट आवंटित किए गए हैं, ताकि लोगों को यातायात सुविधा के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी मिल सके। हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा 25 इलैक्ट्रिक बसें कुल्लू व इसके आसपास के कस्बों में चलाई जा रही हैं। प्रदेश के विभिन्न कस्बों में 50 इलेक्ट्रिक टैक्सियां चलाई जा रही हैं। शिमला शहर में कुल 50 इलैक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं।

इस अवसर पर प्रधान सचिव तकनीकी शिक्षा के.के. पंत, उप-समिति के सदस्य सचिव एवं सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

50 लाख से बनेगी खरौठ से 61 मील सड़क : परमार

 

राजेश व्यास । पालमपुर

खरौठ, कबरियां, घनैटा एवं 61 मील गावों को आपस में सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस सड़क के निर्माण के लिये साढ़े 3 करोड़ रुपये का प्राकलन बनाकर स्वीकृति के लिये सरकार को भेजा गया है। विधानसभा अध्यक्ष, विपिन सिंह परमार ने सोमवार को दरंग, धोरण तथा घनैटा पंचायतों में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं का निरीक्षण के दौरान यह जानकारी दी।

परमार ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण लगभग सारे कार्य बंद पड़े रहे। उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास कार्यो को फिर से गति देने के लिए दिशा-निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने कहा कि सुलाह विधान सभा क्षेत्र में भी विभिन्न कार्यों को गति देने के लिए वे स्वयं प्रत्येक विकास कार्यों की प्रगति का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को सभी विकास योजनाओं को समयबद्ध तैयार करने के आदेश जारी किये, ताकि लोगों को इनका लाभ प्राप्त हो सके।

विधान सभा अध्यक्ष ने आज लगभाग 3 किलोमीटर पैदल सफर तय कर विकास योजनाओं की प्रगति का जायेजा लिया। उन्होंने ताल खड्ड पर डेढ़ करोड़ की लागत से बनने वाले पुल के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने दरंग में डेढ़ करोड़ से बनने वाले मध्य मार्ग का भी निरीक्षण किया और बताया कि इस सड़क लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है और शेष कार्य को भी शीघ्र पूरा करने के आदेश विभाग को दिये गए हैं। उन्होंने कहा कि दरंग में वन विभाग का सुंदर रेस्ट हाउस भी बनकर तैयार हुआ है, जो भविष्य में लोगों के काम आयेगा। उन्होंने दरंग, धोरण और घनेटा गांव में पेयजल के सुधार के लिए बनाये गये पेयजल टैंकों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जलशक्ति विभाग को पेयजल के बेहतर प्रबंधन की दिशा में कार्य करने के आदेश जारी कियेे, जिससे सभी को भरपूर पेयजल प्राप्त हो सके।

उन्होंने लोगों से कोराना वायरस से बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों की अनुपालना करने का आहवान किया, ताकि कोरोना को हराया जा सके। उन्होंने लोगों से मास्क लगाने, ज्यादातर घरों में ही रहने और समय-समय पर आने हाथों को साबुन से धोने की भी अपील की।

हिमाचली किसानों की आर्थिकी को संवारेगी अब हींग और केसर की खेती

 

राज्य के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चलेगी जयराम सरकार की यह योजना

 

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

 

हिमाचल प्रदेश सरकार किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चम्बा जिले के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए इन क्षेत्रों में कृषि से संपन्नता योजना के तहत हींग और केसर की खेती को प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात आज वर्ष 2020-21 के लिए बजट आश्वासनों पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत राज्य के लगभग एक लाख किसानों को प्राकृतिक कृषि अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक 20 हजार हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी तथा उनके उत्पादों को रासायनिक खाद मुक्त होने के कारण अच्छे मूल्य भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजस्व विभाग में कार्यरत अंशकालीन श्रमिकों के मानदेय को प्रतिमाह 3500 रुपये से बढ़ाकर 3800 रुपये किया गया है। इसी प्रकार नंबरदारों के मानदेय को 1500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये किया गया है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार करसोग के कुलथ, पांगी के ठांगी, चंबा के धातु शिल्प, चंबा की चुख और भरमौर के राजमाह को भौगोलिक संकेतक के रूप में पंजीकृत करवाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों को बेहतर बाजार भी मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि लाभार्थियांे को विभिन्न योजनाओं के लाभ सीधे हस्तांतरण के माध्यम से प्रदान करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केबिनेट की बैठकों को कम्प्यूटरीकृत करने तथा पेपरलेस बनाने के लिए ई-केबिनेट साॅफ्टवेयर का प्रयोग करने के प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सेवारत सैनिकों तथा स्वतन्त्रता सेनानियांे के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा के लिए पूर्व सैनिकों द्वारा किए गए कार्य को मान्यता प्रदान करने के लिए युद्ध जागीर के लाभार्थियों को मिलने वाली वार्षिक अनुदान राशि को पांच हजार रुपये से बढ़ाकर सात हजार रुपये प्रतिवर्ष किया गया है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि स्वदेश दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार की अनुमति को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत मंडी में शिवधाम विकसित किया जाएगा, इसके अतिरिक्त रिवाल्सर, बाबा नाहर सिंह मंदिर बिलासपुर, कालेश्वर मंदिर डाडा सिब्बा, अवाह देवी मंदिर हमीरपुर, कुल्लू जिला के मणिकर्ण, सिरमौर जिला के त्रिलोकपुर मंदिरों का विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य के विभिन्न भागों में पांच नए हेलीपोर्ट निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के सितम्बर माह तक शिमला में हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नई कल्याणकारी योजनाओं पर कार्य आरंभ करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नई आरंभ की गई पंचवटी व उन्नति योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की मदद में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण काश्तकारों को उनके उत्पादों के विपणन के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने में सहायता करेगी।

मुख्य सचिव अनिल खाची ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रशासन राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा तथा सभी विकासात्मक परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा किया जाएगा। प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जेसी शर्मा, सचिव पर्यावरण और विज्ञान प्रौद्योगिकी रजनीश, सचिव सचिवालय प्रशासन और सामान्य प्रशासन कुमार, सचिव ग्रामीण विकास और पंचायती राज संदीप भटनागर, सचिव वित्त अक्षय सूद, विशेष सचिव कृषि राकेश कंवर और मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डीसी राणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने जमा दो परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को दी बधाई

नार्थ गजट न्यूज। शिमला
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा मार्च, 2020 में आयोजित जमा दो कक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी है। परीक्षा परिणाम आज घोषित किया गया। परीक्षा में 86,633 नियमित विद्यार्थी बैठे थे, जिसमें से 76.07 प्रतिशत विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। इनमें से 49,878 कला, 11,399 वाणिज्य और 25,356 विज्ञान संकाय से थे।
जय राम ठाकुर ने मेरिट में आने वाली छात्राओं को बधाई दी है। सभी संकायों में प्रथम 10 स्थानों पर मेरिट में आए 83 विद्यार्थियों में से 65 छात्राएं हैं। उन्होंने छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कड़ी मेहनत करने तथा उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो विद्यार्थी इस परीक्षा में सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें निराश न होकर समर्पण और प्रतिबद्धता से पढ़ाई करनी चाहिए, ताकि वे अगली बार अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकें।

 

इतिहास की दो बड़ी गलतियों का भारत को भुगतना पड़ रहा है खामियाजा : शांता कुमार

भारत-चीन विवाद के मुददे पर बोले पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार

राजेश व्यास। पालमपुर

भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं हिमाचल प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री, शान्ता कुमार ने कहा है कि 1947 से लेकर 1950 के बीच के तीन वर्षों में हुई दो बड़ी गलतियां पता नहीं भारत को कितने वर्षों तक रूलाती रहंेगी और कितने जवानों का बलिदान लंेगी। भारत का विभाजन होने के तुरन्त बाद पाकिस्तान ने काष्मीर पर आक्रमण किया। एक बड़ा भू-भाग हथिया लिया। भारत की बहादुर फौजंे उसे खाली करवा रही थी। कुछ ही दिनों में पाकिस्तान पूरी तरह खदेड़ दिया जाता। पहली बड़ी गलती भारत ने तब की जब काष्मीर के मामले को राष्ट्र संघ में ले गये। युद्ध विराम करना पड़ा और वह क्षेत्र आज तक पाकिस्तान के अधिकार में है। पाक का आतंकवाद लगातार जवानों का बलिदान ले रहा है। हमीरपुर के जवान अंकुष ठाकुर को देख कर आंखे बरसने लगती हैं। सब शहीदों को मेरी श्रद्वांजली।
शान्ता कुमार ने कहा कि 1950 में चीन ने तिब्बत पर आक्रमण किया हजारों की हत्या की। अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने उसे जेनोसाइड का नाम दिया। महामहिम दलाई लामा जी भाग कर भारत आये। अमेरिका और ब्रिटेन जैसे बहुत से देष चाहते थे कि भारत तिब्बत प्रष्न को राष्ट्र संघ में उठाये। वे सब सहायता करना चाहते थे। महामहिम दलाई लामा जी के प्रति विष्व भर में बड़ी श्रद्वा थी परन्तु भारत ने तिब्बत के स्वतन्त्र देष के अस्तित्व को ही नही माना। राष्ट्र संघ में तिब्बत प्रष्न नही उठाया। तिब्बत को चीन का हिस्सा स्वीकार कर दूसरी बड़ी गलती की। विष्व के एक छोटे से देष एलसेवडार ने राष्ट्र संघ में तिब्बत का प्रष्न उठाया पर समर्थन नहीं मिला। जिस काष्मीर को राष्ट्र संघ में नहीं ले जाना चाहिये था उसे ले गये जिस तिब्बत को ले जाना चाहिये था उसे नहीं ले गये।
उन्होने कहा कि अंग्रेज भारत से अधिक समझदार थे। उन्होने 1914 में चीन, तिब्बत और भारत के प्रतिनिधियों को षिमला बुला कर भारत तिब्बत सीमा को मेकमोहन रेखा के नाम से निष्चित करने के लिए एतिहासिक षिमला समझौता करवाया। इतना ही नही 1904 में यंग मिषन के नाम से भारत की सेना तिब्बत मे गई। आराम से ल्हासा तक पहुंच गई। महामहिम दलाई लामा भाग गये। तिब्बत पर पूर्ण अधिकार करने का विचार किया परन्तु लन्दन से ब्रिटेन सरकार ने कहा तिब्बत पर अधिकार नहीं करना है। तिब्बत को भारत और चीन के बीच में एक स्वतन्त्र देष बनाये रखना आवष्यक है। यंग मिषन अपना प्रतिनिधि ल्हासा में रखकर लौट आया था। परन्तु आजाद भारत की सरकार ने तिब्बत को चीन देष का हिस्सा स्वीकार कर लिया।
इतिहास की इन दो गलतियों का भारत को बहुत मूल्य चुकाना पड़ा है। हजारों बलिदान देने पड़े है। नेहरू जी के हिन्दी चीनी भाई-भाई के बाद 1962 का आक्रमण मिला। अटल जी द्वारा बस में लाहौर यात्रा के बाद कारगिल यु़द्ध मिला और अब मोदी जी की चीन राष्ट्रपति से चार मुलाकातों के बाद बीस जवानों के शव मिले।

कांगड़ा जिला में कोविड-19 के आठ सेंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव

नार्थ गजट न्यूज। धर्मशाला
कांगड़ा जिला में कोविड-19 के आठ नये पॉजिटिव मामले आये हैं। इनमें एक 44 वर्ष कोरोना पॉजिटिव नागरिक 13 जून को दिल्ली से वापिस आया है तथा देहरा में संस्थागत क्वांरटीन के दौरान बीमार होने पर क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला भेजा गया था। वर्तमान में यह कोविड केयर सेंटर क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में है। इसके अलावा एक 34 वर्षीय महिला और उनकी 7 व 3 वर्ष की बेटियां जो गुरूग्राम से 12 जून को वापिस आये थे और भवारना के रहने वाले हैं कि रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यह सभी परौर में क्वारंटीन हैं और इन्हें धर्मशाला शिफ्ट किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त एक 55 वर्ष का व्यक्ति और उनकी 46 वर्ष की पत्नी जोकि 9 जून को दिल्ली से वापिस आये हैं तथा दिल्ली से ही 9 जून को वापिस आने वाले 23 वर्षीय युवक की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है, यह तीनों अभी पालमपुर में क्वारंटीन हैं।
इसके अलावा मरहूं की एक 30 वर्षीय महिला भी पॉजीटिव पाई गई है। इन चारों कोविड-19 के मरीजों को डीसीसीसी डाढ़ शिफ्ट किया जा रहा है।
  उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि जिला में कोरोना पॉजिटिव के अब तक कुल 155 मामले सामने आ चुके हैं तथा इनमें से 55 एक्टिव केस हैं जबकि 99 पॉजिटिव नागरिक स्वस्थ हो चुके हैं तथा एक की मौत हो चुकी है।
  उपायुक्त राकेश प्रजापति ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सामाजिक दूरी की अनुपालना सुनिश्चत करें तथा फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर फ्लू कार्नर में ही तुरंत चेकअप करवाएं ताकि किसी भी स्तर पर कोरोना का संक्रमण नहीं फैल सके। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए लोगों को स्वयं ही स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी।