जल शक्ति विभाग में होगी 2322 कार्यकर्ताओं की नियुक्ति : HP Cabinet Decisions

पुष्प उत्पादकों को चार करोड़ रुपये की सहायता प्रदान

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल HP Cabinet की आज यहां आयोजित बैठक में जल शक्ति विभाग में 2322 कार्यकर्ताओं की नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया। इनमें विभागीय पैरा कार्यकर्ता नीति के अन्तर्गत 718 पैरा पम्प आॅपरेटर, 162 पैरा फिटर्स और 1442 बहुउदेशीय कार्यकर्ता शामिल हैं, जो 486 पेयजल और 31 सिंचाई योजनाओं का संचालन करेंगे।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने HP Cabinet Meeting की अध्यक्षता की।

मंत्रिमण्डल ने बिलासपुर जिला के झण्डूता में लोक निर्माण विभाग का नया मण्डल खोलने और विभाग के घुमारवीं मण्डल के अन्तर्गत बरठीं, झण्डूता और कलोल को इसके नियंत्रण में लाने के अतिरिक्त आवश्यक पद सृजित करने का निर्णय लिया।

राष्ट्रीय एम्बुलेंस सर्विस-108 के सुचारू संचालन के लिए जीवीके-ईअमआरआई के कर्मचारियों को अंतरिम वेतन का भुगतान करने का निर्णय

बैठक में राष्ट्रीय एम्बुलेंस सर्विस-108 के सुचारू संचालन के लिए विशेष अंतरिम उपाय के रूप में समझौता प्रावधानों के ऊपर प्रावधान करने और जीवीके-ईअमआरआई के कर्मचारियों को अंतरिम वेतन का भुगतान करने का निर्णय लिया गया।

HP Cabinet ने हिमाचल प्रदेश वार अवार्ड्स एक्ट-1972 की धारा-3 में संशोधन का निर्णय लिया ताकि युद्ध जागिरों का अनुदान पांच हजार रुपये से बढ़ाकर सात हजार रुपये प्रतिवर्ष किया जाए।बैठक में कांगड़ा जिला के शाहपुर में नगर पंचायत के गठन को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के सात पद सृजित करने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने मण्डी जिला की नगर पंचायत सरकाघाट को नगर परिषद के रूप में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया ताकि शहर की बेहतर योजना तैयार की जा सके।

कोविड-19 महामारी और लाॅकडाऊन के उपरान्त प्रदेश के पुष्प उत्पादकों को मार्च से मई, 2020 महीनों में फूलों के परिवहन की सुविधा न मिलने के कारण लगभग 15.77 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए उन्हें लाभ प्रदान करने के लिए मंत्रिमण्डल ने प्रभावित पुष्प उत्पादकों को चार करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करने के लिए दिशा-निर्देशों को अपनी स्वीकृति प्रदान की।

HP Cabinet Meeting में टोल नीति-2020-21 की शर्त संख्या 2.14 के खंड 3 के अन्तर्गत उन सभी व्यक्तियों को टोल पट्टों के आवंटन की निविदा एवं नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति प्रदान की गई, जिन्होंने वर्ष 2019-20 में टोल पट्टे के लम्बित बकायों को चुका दिया है।

बैठक में राजकीय पाॅलिटेक्निक महाविद्यालय, सुन्दरनगर जिला मण्डीमें अंग्रेजी विषय के एक प्रवक्ता और राजकीय पाॅलिटेक्निक महाविद्यालय रोहडू में माॅडन आॅफिस प्रेक्टिस के एक-एक पद को अनुबन्ध आधार पर भरने की स्वीकृति प्रदान की गई।

100 करोड़ से बनेगा स्मार्ट सिटी इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर : किशन कपूर

कपूर बोले 20 करोड़ से शहर के लिये 15 इलैक्ट्रिक बसें खरीदी जा रही हैं

नार्थ गजट न्यूज। धर्मशाला

सांसद किशन कपूर ने कहा कि कहा कि धर्मशाला को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए आम जनमानस की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि धर्मशाला स्मार्ट सिटी में 100 करोड़़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर बनने जा रहा है। जिसकी सैद्धातिंक मंजूरी मिल चुकी है तथा इसकी डीपीआर बनाई जा रही है। किशन कपूर आज सोमवार को डीआरडीए के सभागार में स्मार्ट सिटी एडवाईजरी फोरम की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि 20 करोड़ रुपये की लागत से एचआरटीसी के माध्यम से शहर के लिये 15 इलैक्ट्रिक बसें खरीदी जा रही हैं और शहर में विभिन्न स्थानों पर 10 चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन बसों के आने से शहर में पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी और शहर को आधुनिक परिवहन सुविधा प्राप्त होगी।
किशन कपूर ने कहा कि स्मार्ट सिटी द्वारा 5 समावेशी रोड बनाए जा रहे हैं जिनमें कैमल ट्रैक, भागसूनाग से लेकर धर्मकोट, एमसी कार्यालय से गैस एजेंसी, बीएसएनएल कार्यालय से कैंची मोड, अप्पर धर्मकोट से लोअर धर्मकोट रोड बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन पर 7 करोड़ रुपये व्यय होंगे।
कपूर ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत पार्किग की समस्या से निपटने के लिये पहलेे एक पार्किग दलाईलामा मन्दिर के साथ बनी थी। उसे अब और बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्किग निर्माण में जो कमियां है उन्हें दूर किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्मार्ट सिटी के तहत हिलन घर, बस अड्डा के पास भी पार्किग का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां भी जगह होगी वहां पर पार्किंग स्थल विकसित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि शहर में 7 हजार स्ट्रीट लाईटस लगाई जाएंगीं और 33 हजार स्मार्ट मीटर भी लगाये जायेंगे। उन्होंने नड्डी के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्लांट में 5 टीपीडी क्षमता का वेस्ट से ऊर्जा बनाने का प्लांट भी लगाया जायेगा। उन्होंने कहा कि इन कार्यों पर 100 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे।
उन्होंने कहा बस अड्डा धर्मशाला से स्कूल शिक्षा बोर्ड तक 35 करोड़ रुपये की लागत से तीन किलोमीटर लम्बा स्मार्ट रोड बनाया जायेगा।
उन्होंने कहा कि शहर में घर-घर कूड़ा एकत्रीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि शहर में विभिन्न स्थानों पर सीढि़यों और अन्य रास्तों, दलाई लामा मन्दिर और पर्वतारोहण संस्थान के समीप स्थित पार्किंग के कार्य के उन्नयन का कार्य भी शीघ्र आरंभ कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट बस शेल्टरों के निर्माण और पुराने बस शेल्टरों की मरम्मत का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि इन कार्यों पर 42 करोड़ रुपये व्यय किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों ने शहर को सुन्दर बनाने के लिये अपने बहुमूल्य सुझाव दिये। कपूर ने कहा कि उनके सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर अमल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत सभी कामों का अमलीजामा पहनाया जाएगा ताकि शहर साफ-सुथरा रहे। उन्होंने स्मार्ट सिटी के तहत लंबित कार्यों को समयबद्व पूरा करने के अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत विभिन्न कार्यों के बेहतर कार्यन्वयन के लिये कार्यकारी अधिकारी प्रदीप ठाकुर व उनके सहयोगी बधाई के पात्र हैं।

इससे पूर्व कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी प्रदीप ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए स्मार्ट सिटी के तहत कार्यन्वित किये जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तार से जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्यों ने भी स्मार्ट सिटी के विकास के लिए अपने अपने सुझाव दिए।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गैर सरकारी सदस्य मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने उप-तहसील सुलह का लोकार्पण किया

जयराम ने विपक्ष को महामारी को मुद्दा बनाकर राजनीति नहीं करने नसीहत दी

सुलह विधानसभा क्षेत्र के लिए 80 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित

राजेश व्यास। पालमपुर

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज कांगड़ा जिला के सुलह विधानसभा क्षेत्र में 80 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने जिला कांगड़ा के डरोह (स्तर-2) में 57.07 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन, 108.35 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पाहड़ा जिला कांगडा के अतिरिक्त भवन, उप-तहसील सुलह, 1.94 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पालमपुर के काठुल कुहाल में बहाव सिंचाई योजना, पालमपुर में 1.47 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाली एफआईएस कूहल सिंचाई योजना, पालमपुर की ग्राम पंचायत सनहून और आस-पास के गांव के लिए 1.16 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित उठाऊ सिंचाई योजना तथा मारंड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-2 (बैच-1) के अन्तर्गत 10.92 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से धीरा से देवी टीला (कनपट) सड़क के स्तरोन्यन, 8.61 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से चिरान से थिरक वाया देवी टीला गांव और बाथू खड्ड पर पुल सहित, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-2 (बैच-1) के अन्तर्गत 3.68 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से फेरड से थांबा सड़क के स्तरोन्यन और 99.55 लाख रुपये की अनुमानित लागत से सपरूल से हरिजन बस्ती सनोह वाया राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सनोह की आधारशिला रखी।

मुख्यमंत्री ने 6.35 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से ठाकुरद्वारा राम नगर राजचर टी एस्टेट गोडाउन शिव नगर काॅलोनी राधाकृष्ण मन्दिर हिमालय वाया टी फैैक्ट्री सलोह सड़क और जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 1.52 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पालमपुर की ग्राम पंचायत रौरा के लिए उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखी।

उन्होंने जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 2.89 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से गांव बुल्ला मेंजा, गर्देहर, घडेला कलां व फुलवार की आंशिक रूप से कवर की गई बस्तियों के लिए उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 1.44 करोड़ रुपये की लागत से गांव घराना खास, अलसा, बड़रेहड व तमलोह की आंशिक रूप से कवर की गई बस्तियों के लिए उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, 2.44 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पालमपुर के लाहरू बछवाई में उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखी। उन्होंने इसी मिशन के अन्तर्गत कुरल, सिहोटू व मरहून तथा पालमपुर क्षेत्र में लाहरू बछवाई उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना का शिलान्यास भी किया, जिसपर 5.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

उन्होंने पालमपुर में लाहरू बछवाई में 3.05 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना के अन्तर्गत गांव चैकी जोना, बरसोला लाहरू और किरवान की बस्तियों के लिए जल जीवन मिशन के तहत उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखी। इसके अतिरिक्त, पालमपुर के सुलाह थम्बा ननौं में 5.67 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पेयजल आपूर्ति योजना, आंशिक रूप से कवर की गई हेन्जा बस्ती और समीपवर्ती बस्तियों के लिए ग्राम पंचायत मनसीवाल, सिहोल और पालमपुर के बोड़ा में ‘हर घर नल’ की आधारशिला रखी। इन कार्यों पर 5.62 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने घरून तथा भवराना और सुलह खण्ड के विभिन्न गांवों के लिए भी लगभग 13.02 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली पेयजल योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 1.52 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली ग्राम पंचायत रौरा के लिए उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखी।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पालमपुर विधानसभा क्षेत्र में 10.25 करोड़ रुपये की लागत से धर्मशाला-डाड-पालमपुर-होलटा-चढियार-संधोल सड़क पर न्यूगल खड्ड पर 120 मीटर लम्बे डबल लेन पुल का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने पालमपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पहले कांगड़ा जिले का दौरा करते समय, वह धर्मशाला से वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से शिलान्यास और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने की योजना बना रहे थे। लेकिन कांगड़ा के नेताओं के इस आश्वासन के उपरान्त ही परस्पर दूरी का समूचित ध्यान रखा जाएगा, उन्होंने सार्वजनिक बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए, सरकार ने सार्वजनिक परिवहन शुरू करने का निर्णय लिया और राज्य में सभी व्यावसायिक गतिविधियों को भी बहाल किया। उन्होंने कहा कि लोगों को अभी भी यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि वे इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए सभी सुरक्षा उपायों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता भी इस महामारी को मुद्दा बनाकर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैंे। जब वे शिमला में अपने कार्यालय से बैठक कर रहे थे, इन नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राज्य के लोगों से मिलने से बच रहे हैं। लेकिन अब जब वह कांगड़ा के दौरे पर हैं, तो वही नेता आरोप लगा रहे हैं कि मुख्यमंत्री सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।

जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता भी आधारहीन और अनावश्यक आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने उन्हें पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे कांग्रेस शासित राज्यों की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी, जहां स्थिति बहुत खराब है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अन्य राज्यों से लगभग 2.50 लाख लोगों को घर वापिस लाया है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस नेता सरकार के इन प्रयासों का भी विरोध कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस वायरस को फैलने से रोकने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि विश्व के 142 करोड़ की आबादी वाले सबसे विकसित 15 देशों, जहां कोरोना से लगभग सात लाख मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि 135 करोड़ की आबादी वाले भारत में लगभग 42 हजार लोगों की मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री द्वारा समय पर लिए गए निर्णयों के कारण ही संभव हुआ है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि अनुच्छेद-370 का हटाया जाना दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति के कारण संभव हो पाया है, जिससे भारत में अब एक राष्ट्र, एक संविधान और एक झंडा है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्म भूमि से संबंधित निर्णय से भगवान श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य अब पूर्ण हो पाएगा। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि हमें अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर के भूमि पूजन के साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हुआ है और अब देश में राम राज्य सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारों ने देश व राज्य के लोगों के लिए विभिन्न योजनाएं समर्पित की हैं, जिनमें आयुष्मान भारत, हिमकेयर, उज्ज्वला योजना व गृहिणी सुविधा योजना, विभिन्न आवासीय योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सहारा योजना, जन धन योजना इत्यादि शामिल हैं।

जय राम ठाकुर क्षेत्र के लोगों को आश्वासन दिया कि लोगों की विभिन्न विकासात्मक मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक विपिन सिंह परमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह दिन सुलह विधानसभा क्षेत्र के लिए स्वर्णीम दिवस है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित की हैं। उन्होंने उप तहसील सुलह का उद्घाटन करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया, जिससे क्षेत्र के लोगों की लंबित मांग पूर्ण हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों के उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी और विकासात्मक योजनाएं आरंभ की हैं। उन्होंने वर्तमान प्रदेश सरकार पर विपक्ष नेताओं द्वारा तथ्यहीन आरोपों की भी कड़ी निन्दा की। उन्होंने मुख्यमंत्री कोविड फंड और पीएम केयर्ज फंड में 35 लाख रुपये के योगदान के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से सुलह विधानसभा क्षेत्र के मांझा के लिए नेचर पार्क और स्टेडियम स्वीकृत करने का भी आग्रह किया।

उद्योग मन्त्री बिक्रम सिंह, वन मन्त्री राकेश पठानिया, सांसद राज्य सभा इंदु गोस्वामी, विधायक मुल्खराज प्रेमी, अरूण मेहरा व विशाल नेहरिया, पूर्व विधायक दुलो राम, जिला भाजपा अध्यक्ष हरिदत्त, राज्य भाजपा महासचिव त्रिलोक कपूर, उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति, पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

हिमाचल को शीघ्र बेसहारा पशु मुक्त राज्य बनाने के प्रयासः जय राम ठाकुर

मुख्यमंत्री ने गौसदन, गौशाला व गौ अभयारण्य योजना को सहायता की शुरूआत की

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां पशुपालन विभाग की गौसदन, गौशाला और गौ अभयारण्य योजना को सहायता और राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम चरण-दो के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि डेढ़ साल के भीतर हिमाचल प्रदेश को देश का बेसहारा पशु मुक्त राज्य बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में हिमाचल देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौसदन, गौशाला, गौ अभयारण्य योजना सहायता के अंतर्गत भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, पशु उत्पादकता और स्वास्थ्य के लिए सूचना नेटवर्क और राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्ण टैगिंग के बाद उन सभी गौसदनों, गौशालाओं, और गौ अभयारण्यों के रख-रखाव के लिए भत्ते के रूप में प्रति माह 500 प्रति गाय दिए जाएंगे, जिनमें मवेशियों की संख्या 30 या इससे अधिक है। उन्होंने कहा कि इन लाभों को सरकार द्वारा स्थापित गौ अभयारण्यों, गौशालाओं, पंचायतों, महिला मंडलों, स्थानीय निकायों और गैर-सरकारी संगठनों आदि द्वारा चलायी जा रही गौ अभयारण्यों और गौशालाओं तक बढ़ाया जाएगा।

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि किसी को भी अपने मवेशियों को लावारिस छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राज्य सरकार की पहली मंत्रिमंडल की बैठक में ही अराजनीतिक तौर पर मानवीय दृष्टिकोण से यह निर्णय लिया गया था कि बिना किसी आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन का लाभ उठाने के लिए आयु सीमा 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष की जाए। मंत्रिमंडल का दूसरे फैसले में बेसहारा पशुओं को आश्रय देने और गौ सदनों के रखरखाव के लिए प्रति बोतल शराब पर एक रुपये का उपकर लगाने का प्रावधान किया गया।

जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने अब प्रति बोतल शराब पर 1.50 रुपये प्रति मवेशी रुपये का उपकर लगाने का फैसला किया है ताकि राजस्व में बढ़ोतरी के साथ गौ अभयारण्यों को विकसित किया जा सके। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सड़कों पर एक भी मवेशी नहीं मिले जिसके लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम चरण- दो के अंतर्गत मवेशियों की नस्ल सुधारने के लिए कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के आठ लाख से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।

जय राम ठाकुर ने किसानों और गौसदनों व गौशालाओं की प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ भी बातचीत की।

कृषि, ग्रामीण विकास और पंचायती राज एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि यह पहली बार है कि मुख्यमंत्री ने राज्य के पशुपालकों के साथ बातचीत की है। गौ सदनों और गाय अभयारण्यों में सभी बेसहारा छोड़े गए मवेशियों को गौ सदनों और गौर अभयारण्यों में लाने का प्रयास किया जाएगा, जिसके लिए समाज के हर वर्ग के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में गौ अभयारण्यों की क्षमता वृद्धि के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य के सात जिलों में सात गाय अभयारण्य स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें जल्द ही क्रियाशील बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग गौर अभयारण्यों से गाय का गोबर खरीदेगा और किसानों को केंचुआ खाद के रूप में बेचा जाएगा। गौ अभयारण्य क्षेत्रों में चारे के पेड़ लगाने के भी प्रयास किए जाएंगी ताकि गायों को हरा चारा मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साल में दो बार मवेशियों का मुफ्त टीकाकरण सुनिश्चित करेगी।

पशुपालन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह ने कहा कि राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम चरण- दो राज्य में मवेशियों की नस्ल में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा जिसके परिणामस्वरूप कृषि क्षेत्र से आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश का ‘मिल्क बाउल’ बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

निदेशक पशुपालन डा. अजमेर सिंह डोगरा ने विभाग की विभिन्न गतिविधियों पर एक प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि लोगों को उनके मवेशियों को छोड़ने से हतोत्साहित करने के लिए मवेशियों की टैगिंग की जा रही है।

मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डा. आर.एन. बत्ता, गौ सेवा अयोग के सदस्य और अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन में प्रदेश अव्वल: महेंद्र सिंह

राजेश व्यास । पालमपुर

जल शक्ति, राजस्व, बागवानी एवं सैनिक कल्याण मंत्री, महेंद्र सिंह ठाकुर ने रविवार को पालमपुर में कांगड़ा और चंबा में जलशक्ति तथा उद्यान विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जयसिंहपुर के विधायक रविंदर धीमान, बैजनाथ के विधायक मुलख राज प्रेमी, ज्वाली के विधायक अर्जुन ठाकुर, धर्मशाला के विधायक विशाल नेहरिया, निदेशक उद्यान विभाग डॉ0 के सी आजाद सहित जल शक्ति और उद्यान विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।

महेंद्र सिंह ने कहा कि जल जीवन मिशन भारत सरकार का महत्वकांक्षी कार्यक्रम है, जो पूरे देश में मिशन के रूप में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को जल जीवन मिशन प्रभावी कार्य करने के लिए देश भर में प्रथम स्थान पर आंका गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जल जीवन मिशन के सभी कार्यों में तेजी लाकर समयबद्ध पूरा किया जाये।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों से काम लेना सरकार का दायित्व है और अपने कर्मचारियों तथा अधिकारियों के हितों की रक्षा भी सरकार की जिम्मेवारी है जिसे मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृतव में सरकार बखुबी निभा रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को भी पूरी कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से कार्य कार्य करें ताकि आम लोगों को योजनाओं का लाभ प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य में ढ़िलाई को किसी भी रूप में सहन नहीं किया जायेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि अधिकारी स्थानीय विधायकों को विश्वास में लेकर उनकी प्राथमिकता के अनुसार कार्य करें। उन्होंने कहा कि अब दोनों विभागों के कार्य प्रगति को जानने और देखने के लिये अगली मीटिंग किसी बंद हाल में नहीं बल्कि उस योजना स्थल पर ही होगी।

उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं की टेंडर इत्यादि प्रक्रियाओं में अधिक तेजी लायी जाए, ताकि लोगों तक समय पर इनका लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि 1 करोड़ से कम वाली सभी योजनाओं के टेंडर खोलने का समय 7 दिन तथा अवार्ड करने का समय 14 दिन, 1 करोड़ से 5 करोड़ तक कि योजनाओं के टेंडर खोलने का समय 14 दिन और 28 दिन अवार्ड करने तथा 5 करोड़ से अधिक के टेंडर खोलने का समय 14 दिन तथा अवार्ड करने का समय 35 दिन निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र में प्रदेश का भविष्य है और प्रदेश के किसानों के स्वावलंबन में बागवानी सबसे बेहतर विकल्प है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निचले हिमाचल के लिये भी बागवानी क्षेत्र में लोगों को प्रोत्साहित करने के लिये महत्वकांशी शिवा परियोजना आरम्भ की है। उन्होंने कहा कि हरसीपत्तन पुल से सुजानपुर पुल ब्यास नदी के किनारे वाले क्षेत्र में फल इत्यादि उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं।उन्होंने इस क्षेत्र को शिवा परियोजना के तहत लाने का कार्य करने का निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने जल शक्ति विभाग और उद्यान विभाग को केंद्र प्रायोजित सभी स्कीमों पर कार्य कर लोगों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश भी दिये।

इससे पहले उन्होंने शिवा परियोजना में आरम्भ किये 3 प्रोजेक्ट साइटों जयसिंहपुर उपमंडल की त्रेहल और लाहट बैजनाथ उपमंडल की सेहल का मौके पर निरीक्षण किया और विभाग को इस परियोजना के कार्यो में तेजी लाने के निर्देश दिये।

सस्ते शिक्षा ऋण के लिए विद्यार्थी क्रेडिट कार्ड योजना होगी तैयार

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज शिमला में मंत्रिमंडल उप-समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों के लिए विद्यार्थी क्रेडिट कार्ड योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके माध्यम से पात्र विद्यार्थियों को सरल व सस्ता ऋण प्रदान किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का दृष्टिपत्र आम जनता की राय पर आधारित है, ताकि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके। उन्होंने विभागाध्यक्षों को इसका प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सरकार राज्य में वर्तमान शिक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए विद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी सुविधाएं प्रदान कर रही है। राज्य में 137 महाविद्यालयांे में से 114 महाविद्यालयों में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। सभी 137 महाविद्यालयों में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 27.77 लाख रुपये और 1837 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में 372.47 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि 905 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटाॅप और एक जीबी मासिक इंटरनेट डाटा उपलब्ध करवाया जा रहा है। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में प्रतिस्पर्धा परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रदान की जा रही है। स्नातक स्तर के 72 अभ्यर्थियों, दस जमा दो के विज्ञान के 200 अभ्यर्थियों और दस जमा दो के वाणिज्य के 26 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है।

समिति ने राजकीय विद्यालयों में योग, शतरंज तथा संगीत की कक्षाएं आरंभ करने के निर्देश दिए। राज्य में 60 महाविद्यालयों और 315 विद्यालयों में एनसीसी गतिविधियां चल रही हैं।

समिति ने भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को स्थानीय बोलियां जैसे बघाटी, हंडुरी, कुलवी, किन्नौरी, पंगवाली, सिरमौरी और स्पीति जैसी लुप्त प्राय भाषाओं के संरक्षण और अनुसंधान के लिए नीति तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कांगड़ी, गद्दी, तिब्बती व पहाड़ी हिमाचली संस्कृति के संरक्षण के लिए सांस्कृतिक केंद्र खोलने के लिए उचित स्थल चिन्हित करने के भी निर्देश दिए।

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, वन मंत्री गोविंद सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव भाषा, कला एवं संस्कृति आरडी धीमान, सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार, सचिव शिक्षा राजीव शर्मा, विशेष सचिव वित्त डीडी शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा रोहित जमवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

जानिए जयराम सरकार के नए मंत्रियों के बारे में

 

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज यहां राजभवन में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की उपस्थिति में सादे व गरिमापूर्ण समारोह में तीन नए मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।पावंटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुख रामए नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राकेश पठानिया व घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजिन्द्र गर्ग ने मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कार्यवाही का संचालन किया। सामाजिक दूरी के मापदण्डों को ध्यान में रखते हुए शपथ ग्रहण समारोह सीमित लोगों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

संक्षिप्त जीवन परिचय
सुख राम

सुख राम का जन्म 15 अप्रैलए 1964 को गांव अमरगढ़ के पांवटा तहसील जिला सिरमौर में हुआ। वह वर्ष 2003 में हिमाचल प्रदेश विधान सभा में निर्वाचित हुए और दिसम्बर 2007 को पुनः निर्वाचित हुए। वह 9 जुलाईए 2009 से दिसम्बर 2012 तक मुख्य संसदीय सचिव ;मुख्यमंत्री के साथ कृषि एवं पशु पालन विभाग के लिए जुड़े। दिसम्बर 2017 में तेरहवीं विधानसभा में पांवटा विधानसभा क्षेत्र से पुनः निर्वाचित हुए। वह कल्याण समिति के अध्यक्ष रहे।

विशेष रूचिः समाज सेवा

पसंदीदा खेल हाॅकी,कबड्डी, खो.खो, क्रिकेट व ऐथलेटिक्स।

भाषा जानकारीः हिन्दी, अंग्रेजी व उर्दू।

राकेश पठानिया

राकेश पठानिया सपुत्र कर्नल काहन सिंह का जन्म 15 नवम्बर, 1964 को गांव लदोड़ी जिला कांगड़ा में हुआ। इन्होंने वर्ष 1991 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और जिला कांगड़ा के भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के अध्यक्ष रहे। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राज्य सचिव और भाजपा राज्य कार्यकारिणी के सदस्य रहे। यह वर्ष 1998 में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में राज्य विधानसभा के लिए चुने गए और दिसंबर 2007 में फिर से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुने गए। वह वर्ष 1998.2003 तक पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रहे। दिसंबर 2017 में तेरहवीं विधानसभा के लिए तीसरी बार फिर से राज्य विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए।

लोक प्रशासन समिति के अध्यक्ष और लोक लेखा और नियम ुस्तकालय तथा सुविधा समितियांे के सदस्य रहे।

विशेष रूचिः तैराकी और ऐथलेटिक्स

राजिन्द्र गर्ग

राजिन्द्र गर्ग सुपुत्र  बलदेव सिंह का जन्म 30 मईए 1966 को तंदोड़ा गांव, जिला बिलासपुरए हिमाचल प्रदेश में हुआ।

शिक्षाः एमएससी ;वनस्पति विज्ञान, 1990, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में से हुई। वह 1982 में स्वयंसेवक बने और 1983 में एबीवीपी से जुड़े। 1986.87 तक एबीवीपी जिला बिलासपुर के संयोजक रहे। 1990.97 तक एबीवीपी के पूर्णकालिक संगठन सचिव ;एमपी, 2000.06 तक दैनिक भास्कर में स्थानीय संवाददाता के रूप में कार्य किया। 2006.10 तक भाजपा प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के संयोजक, 2006.10 तक निदेशक हिमाचल प्रदेश राज्य शिक्षा बोर्ड, 2006.10 सदस्य एचपी तकनीकी शिक्षा बोर्ड, और 2009.11 तक भाजपा राष्ट्रीय प्रशिक्षण सैल के सदस्य और वह दिसंबर, 2017 में 13वीं विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए।

विशेष रुचि सामाजिक कार्य।

पसंदीदा खेल कबड्डी।

भाषा की जानकारी हिंदी और अंग्रेजी।

ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली से अब घर बैठे ही बनवाएँ जरूरी प्रमाण पत्र

नार्थ गजट न्यूज। धर्मशाला

उप-तहसील में बनने वाले राजस्व प्रमाण ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली से जिले में तहसील, पत्र बनाने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है ।   यह जानकारी देते हुए डीसी काँगड़ा राकेश  प्रजापति ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को यदि तहसील-उप तहसील से किसी प्रमाण पत्र की जरूरत है तो वह ई-डिस्ट्रिक्ट वेबसाइट पद पर लॉग इन करके संबंधित प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकता है और अपने दस्तावेज भी अप लोड कर सकता है । उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से पिछड़ा क्षेत्र, कानूनी वारिस, अल्पसंख्यक, कृषक, डोगरा क्लास, चरित्र प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बोनाफाइड, आय प्रमाण पत्र, ओबीसी प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र, स्थाई निवासी इत्यादि विभिन्न प्रमाण पत्र ऑनलाइन  बनवाए जा सकते हैं।

उन्होंने नागरिकों से ऑनलाइन सेवा ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली का अधिक से अधिक उपयोग करने का आहवान किया जिससे कि वे कोरोना वायरस महामारी के काल में तहसील -उप तहसील कार्यालयों पर होने वाली भीड़ से दूर रह सकें । तहसील – उप तहसील कार्यालय में सिर्फ दस्तावेज पंजीकरण की सेवाओं के लिए ही विजिट किया जाए । उन्होंने बताया कि प्रमाण पत्रों के सभी आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन किया जाएगा । तहसील – उप तहसील से आवेदन की स्वीकृति के बाद आवेदक स्वयं प्रमाण पत्र को डाउनलोड और प्रिंट कर पाएगा । नागरिकों द्वारा उक्त आवेदनों के लिए अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या लोक मित्र केंद्र की सेवाओं का उपयोग भी किया जा सकता है । उन्होंने बताया कि इसके लिये राजस्व विभाग द्वारा कॉमन सर्विस सेंटर या लोक मित्र केंद्र की राजस्व प्रमाण पत्रों से जुड़ी सेवाओं के लिए फीस निर्धारित की गई है जिसमें 17 रुपए सरकारी प्रभार, 10 रुपए आवेदन फीस, 10 रुपए प्रिंटिंग शुल्क और  2 रुपए प्रति पेज स्कैनिंग चार्ज निर्धारित किए गए हैं । यदि कोई कॉमन सर्विस सेंटर या लोक मित्र केंद्र नागरिकों से इससे अधिक शुल्क वसूलता है या सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर सेवा देने से इनकार करता है तो उसे नागरिक से शिकायत मिलने पर तुरंत बंद कर दिया जाएगा ।

बांस लगाएं, होगी मोटी कमाई

तीन वर्षों में तैयार होकर लोगों की अच्छी आमदन का जरिया बनेंगे

कांगड़ा जिला के चार विकास खण्ड़ों में 90 हैक्टेयर क्षेत्र में लगभग 90 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य

राजेश व्यास। पालमपुर

पालमपुर, जिला कांगड़ा के देहरा, सुलह स्थित भेडूॅ महादेव, पंचरूखी और लंबागांव विकास खण्डों के सैंकड़ों किसानों ने बांस उत्पादन को स्वरोजगार का जरिया बनाने की दिशा में पहल की है। प्रदेश का कृषि विभाग, राष्ट्रीय बांस मिशन योजना में किसानों को बांस उत्पादन के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवा रहा है। बेरोजगारों को बांस आधारित उद्योग लगाने के लिए आर्थिक सहायता के अलावा प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

      बांस का जीवन में समाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व होने के कारण प्रदेश और देश में बांस की काफी मांग रहती है। मांग के अनुरूप उत्पादन को बढ़ाने के लिए कृषि विभाग ने राष्ट्रीय बांस मिशन योजना में किसानों को प्रेरित किया जा रहा है ताकि लोगों को स्वरोजगार देकर उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सके।

      कांगड़ा जिला के चार विकास खण्ड़ों में 90 हैक्टेयर क्षेत्र में लगभग 90 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। राष्ट्रीय बांस मिशन योजना के अंतर्गत बांस के रोपण तथा किसानों द्वारा बांस के उत्पाद आधारित उद्योग लगाने के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रथम चरण में विकास खण्ड देहरा के गांव नहालियां में बांस के 6 हजार पौधे, पंचरूखी विकास खण्ड के गांव पढ़ियारखर में 3 हजार, लंबागांव विकास खण्ड के औछ में 3 हजार तथा सुलह स्थित भेडू महोदव विकास खण्ड के बच्छवाई, भदरोल, क्यारवां और डंईं गांवों में 3 बांस के पौधे रोपित किये जा रहे हैं।

      किसानों को अधिक तथा जल्दी आमदन के लिए बांस की उन्नत किस्म डेंड्रोकलस स्ट्रिक्टस के पौधे उपलब्ध करवाये जा रहे हैं, जो तीन वर्षों में तैयार होकर लोगों की अच्छी आमदन का जरिया बनेंगे। बंजर अथवा किसी भी उपयोग में नहीं लाई जा रही जमीन पर बांस का उत्पादन आसानी से कर अच्छी आमदन प्राप्त की जा सकती है। बाजार में बांस की अच्छी मांग के कारण बेरोजगार युवा बांस उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में भी अपना सकते हैं।

      उप-निदेशक कृषि पालमपुर, पीसी सैनी ने बताया कि बांस की प्रदेश में और प्रदेश के बाहर अच्छी खासी मांग है। मांग के अनुरूप बेहतर किस्म के बांस उत्पादन के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। लोगों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए अनुदान पर बांस के पौधे वितरित किये जा रहे हैं। बेरोगार युवाओं को बांस आधारित उद्योग स्थापना के लिए सहायता उपलब्ध करवाने के साथ-साथ बांस अधारित उत्पाद बनाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया रहा है।

      जिला कृषि अधिकारी, कुलदीप धीमान ने बताया कि बांस को बड़ी आसानी से बंजर भूमि में उगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बांस के एक कनाल भूमि में 40 पौधे लगाये जाते हैं और किसानों को बांस के 15 हजार पौधों का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बांस के पौधे सामुहिक जमीन पर लगाने पर लाभार्थी को शत-प्रतिशत सहायता और व्यक्तिगत 25 कनाल जमीन पर एक हजार बांस के पौधे लगाने पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 25 हजार रुपये अनुदान का प्रावधान है। इस वर्ष जिला कांगड़ा में 112 लाख रुपये व्यय करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की जानकारी एवं सहायता लेने के लिए नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

 मेधावी बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की मिलेगी निशुल्क कोचिंग  

दो अगस्त को आयोजित होगा आनलाइन स्क्रीनिंग टेस्ट

नार्थ गजट न्यूज। धर्मशाला

बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान के तहत मेधावी बेटियों को जिला प्रशासन की ओर से आईआईटी, जेईई और नीट प्रतियोगी परीक्षाओं के दो वर्श की निशुल्क कोचिंग सुविधा प्रदान की जाएगी।

यह जानकारी एडीसी राघव शर्मा ने बुधवार को डीआरडीए सभागार में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान के तहत जिजिविषा कार्यक्रम आरंभ किया है तथा उसी के तहत बेटियों को निशुल्क कोचिंग देने का प्रावधान भी किया गया है। इस के लिए दो अगस्त 2020 को आनलाइन स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया जाएगा। जिसमें 26 मेधावी छात्राओं को कोचिंग के लिए सिलेक्ट किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दस जमा एक विज्ञान संकाय में सरकारी सीनियर सेकेंडरी में अध्ययनरत छात्राएं आनलाइन स्क्रीनिंग के लिए आवेदन कर सकती है इस के लिए संबंधित स्कूल प्रबंधन या उपनिदेशक शिक्षा विभाग के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही आनलाइन स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए आवेदन संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 8774455000, 8264340139 पर संपर्क कर सकते हैं।

अतिरिक्त उपायुक्त राघव शर्मा ने कहा कि कांगड़ा जिला में लिंगानुपात में सुधार के लिए आरंभ किए गए जिजिविषा कार्यक्रम का भी सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए इसमें सभी पंचायतों में हमारे गांव की बेटी हमारी षान के तहत सराहनीय उपलब्धि हासिल करने वाली बेटियों के फ्लेक्स पंचायतों में स्थापित किए जाएं इसके साथ ही खंड स्तर पर बेहतरीन कार्य करने वाली बेटियों को ब्लाक एंबेसडर भी बनाया जाए ताकि समाज को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों को बेटा बेटी एक समान का संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए भी कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्णतय अंकुश लगाने के लिए भी सख्त कदम उठाए जाएंगे तथा कन्या भ्रूण हत्या के बारे में जानकारी देने वाले नागरिकों को जिला प्रशसन की ओर से बीस हजार की नगद राशि का इनाम दिया जाएगा, सूचना देने वाले की पहचान पूर्ण रूप से गुप्त रखी जाएगी इस बारे में सीएमओ कांगड़ा को सूचना दे सकते हैं।
इससे पहले डीपीओ रणजीत सिंह ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कांगड़ा जिला में चल रहे विभिन्न प्रकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर सीएमओ गुरदर्शन सहित महिला, विकास विभाग के विभिन्न अधिकारी तथा गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित थे।

प्रदेश में भाजपा दोबारा सरकार बनाएगी : जयराम

मुख्यमंत्री की कांग्रेस को सलाह, पंजाब की स्थिति की ओर नजर डालें जहां कांग्रेस पार्टी का शासन

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

भारतीय जनता पार्टी राज्य में नई ऊंचाइयां प्राप्त करेंगी और सुरेश कश्यप की अध्यक्षता में पार्टी अपने आधार का विस्तार करेगी। पार्टी कड़ी मेहनत से वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर, एक बार फिर राज्य में सरकार बनाएगी। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज संसद सदस्य सुरेश कश्यप द्वारा राज्य भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के अवसर पर पीटरहाॅफ में आयोजित समारोह में कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में उभरी है और यह राज्य के लोगों के लिए सम्मान की बात है कि अनुसूचित जाति समुदाय का एक नेता आज राज्य में भाजपा का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुरेश कश्यप एक शिक्षित, साधारण और ईमानदार नेता है, जो राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और पार्टी को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरेश कश्यप ने वर्ष 2012 में पच्छाद में कांग्रेस के गढ़ को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कांग्रेस ने लगातार सात बार यह सीट जीती है। उन्होंने कहा कि यही नहीं भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप ने शिमला संसदीय सीट पर लगभग 3.77 लाख मतों के रिकाॅर्ड मार्जन से जीत दर्ज की है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि इस कोविड-19 महामारी के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग ने हमें एक-दूसरे से संपर्क करने में मदद की है और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को भी जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने न केवल राज्य के जिला अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 संकट से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए बैठकें की, बल्कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ भी वर्चुअल मीटिंग कर बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा लगता है कि नेता प्रतिपक्ष सरकार के खिलाफ आधारहीन और अनुचित आरोप लगाने में लगे हैं। उन्होंने उन्हें सलाह दी है कि पड़ोसी राज्य पंजाब की स्थिति की ओर भी एक नजर डालें, जहां कांग्रेस पार्टी का शासन है। उन्होंने कहा कि पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र की स्थिति भयावह है और इन सभी राज्यों में कांग्रेस पार्टी की सरकारों का शासन है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को राज्य सरकार के खिलाफ आधारहीन आरोप लगाने के बजाय इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपने राज्यों में कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सलाह देनी चाहिए।

जय राम ठाकुर ने कहा कि इस संकट के बावजूद राज्य सरकार विकास की गति सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा खर्च नहीं की गई राशि का उपयोग विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य में कोविड-19 के मामले बढ़े हैं, लेकिन फिर भी स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि सामुहिक प्रयासांे से हम निश्चित रूप से इस स्थिति पर विजय पाएंगे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री नवनियुक्त राज्य भाजपा अध्यक्ष के साथ राज्य भाजपा कार्यालय गए, जहां अध्यक्ष ने अपना कार्यभार संभाला।

सुरेश कश्यप बोले 2022 में पुनः सत्ता में आना सुनिश्चित करेंगे

राज्य भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने अपने पहले अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, द्वारा उन पर विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने केन्द्रीय नेतृत्व और राज्य के लोगों को आश्वस्त किया कि वह पार्टी को जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति न केवल उनके लिए सम्मान की बात है, बल्कि यह सम्पूर्ण अनुसूचित जाति समुदाय एवं राज्य के पूर्व सैनिकों के लिए भी गौरव की बात है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि उनकी नियुक्ति से पुनः यह साबित हुआ है कि भाजपा एक अलग विचारों की पार्टी है और यह सब केवल भाजपा में ही संभव है। उन्होेंने कहा कि वह अपनी नियुक्ति से सम्मानित हैं और केन्द्रीय नेतृत्व एवं राज्य के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए दृढं सकल्प के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने अपने सभी पूर्वाधिकारियों को राज्य में पार्टी को सुदृढ़ करने के लिए आभार व्यक्त किया और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए प्रेरित तथा मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। राज्य भाजपाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी राज्य सरकार के साथ अधिक समन्वय के साथ कार्य करेगी, ताकि भाजपा का वर्ष 2022 में पुनः सत्ता में आना सुनिश्चित हो।

राजीव बिंदल बोले नियुक्ति सिरमौर क्षेत्र के लोगों के लिए सम्मान की बात

राज्य भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं नाहन विधानसभा क्षेत्र के विधायक डाॅ. राजीव बिन्दल ने कहा कि विशेष रूप से सिरमौर क्षेत्र के लोगों के लिए यह सम्मान की बात है कि राज्य भाजपा अध्यक्ष सिरमौर जिले से हंै। उन्होंने आशा जताई कि राज्य में सुरेश कश्यप के कुशल नेतृत्व में पार्टी अपने आधार का और अधिक विस्तार करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए सत्ता केवल राज्य और देश की सेवा का एक माध्यम है।

राज्य भाजपा महासचिव एवं मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

पूर्व मंख्यमंत्री शांता कुमार और प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल, केन्द्रीय राज्य वित्त एवं कार्पोरेट मामले मंत्री अनुराग ठाकुर, सांसद राम स्वरूप शर्मा, राज्य भाजपा मण्डलों के 74 मण्डलाध्यक्षों ने भी वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से इस अवसर पर सम्मिलित हुए।

संगठन सचिव पवन राणा, विधायक एवं राज्य भाजपा महासचिव राकेश जम्वाल, पूर्व सांसद कृपाल परमार, पूर्व राज्य भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती, भाजपा महिला मोचा अध्यक्षा रश्मिधर सूद, पूर्व मंत्री एवं हिमुडा उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा, विधायक कमलेश कुमारी, शिशु कल्याण परिषद की महासचिव पायल वैद्य तथा शिमला नगर निगम की पूर्व महापौर कुसुम सदरेट भी अन्य सहित इस अवसर पर उपस्थित थीं।

सुरक्षा कारणों से हिमाचल के स्पिति क्षेत्र में रक्षा मंत्री से हवाई पटटी बनाने की मांग

राज्यपाल ने रक्षा मंत्री से सीमावर्ती क्षेत्रों के मुद्दे उठाए

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि लाहौल और स्पीति जिले में स्पीति क्षेत्र में हवाई पट्टी की तत्काल आवश्यकता है, ताकि जरूरत पड़ने पर आगे के क्षेत्रों में सेना की शीघ्र तैनाती की जाए। यह हवाई पट्टी अग्रिम लैंडिंग ग्राउंड के रूप में कार्य करेगी। जिले के भीतरी क्षेत्रों में हैलीपैड भी विकसित किए जाने चाहिए। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष चीन के साथ लगते प्रदेश में सीमावर्ती क्षेत्र किन्नौर और लाहौल-स्पीति से संबंधित विभिन्न मुद्दों को उठाया और उनसे इन क्षेत्रों में संचार प्रणाली को मजबूत करने का आग्रह किया।

राजनाथ सिंह को लिखे पत्र में राज्यपाल ने उनसे इस मामले को व्यक्तिगत रूप से देखने और राज्य में भारत-चीन सीमा को सुरक्षित रखने से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा मंत्री को राज्य के सीमावर्ती गांवों में मजबूत दूरसंचार नेटवर्क स्थापित एवं संचालित करने तथा वर्तमान में चल रहे भारत-चीन सीमा विवाद के मद्देनजर चीन से आने वाले ड्रोन की आवाजाही को ट्रैक करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारतीय एयर स्पेस के उल्लंघन की रोकथाम के लिए उपयुक्त स्थानों पर वायु रक्षा परिसंपत्तियों को तैनात करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा का लगभग 240 किलोमीटर हिस्सा हिमाचल प्रदेश के दो जिलों, किन्नौर (36 गांव) और लाहौल-स्पीति (12 गांव) में पड़ता है। भारत-चीन सीमा पर मौजूदा स्थिति को देखते हुए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। राज्यपाल ने रक्षा मंत्री को अवगत करवाया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस हाई अलर्ट पर है और इन दो जिलों के पुलिस अधीक्षकों द्वारा सीमा के समीप लगते गांव का दौरा किया गया है और लोगों से बातचीत कर उनमें विश्वास बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक ने 26 जून को हिमाचल प्रदेश आरक्षित वाहिनी के पांच कमांडेंट की प्रतिनियुक्ति की है, ताकि वह इन दोनों जिलों के 48 गांव का दौरा कर लोगों से बातचीत कर सकें। उन्होंने दोनों जिलों के सीमावर्ती गांवों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है।

उन्होंने लोगों के मनोबल और आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए केंद्रीय खुफिया एजेंसियों, भारतीय सेना की उपस्थिति और आईटीबीपी को सुदृढ़ करने की भी सिफारिश की ताकि चीन द्वारा घुसपैठ की किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटा जा सके। इसके अलावा आईटीबीपी और राज्य की खुफिया एजेंसियों को बुनियादी चीनी और तिब्बती भाषा का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। लोगों को केंद्रीय पैरा सैन्य बलों द्वारा गुरिल्ला युद्ध और रक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाना चाहिए। ऐसा प्रशिक्षण एसएसबी द्वारा 2001 से पूर्व प्रदान किया जाता था। इसकी स्थानीय लोगों ने भी मांग की है।