मुख्यमंत्री का निर्देश, घर पर आइसोलेशन में रह रहे लोगों की करें स्वास्थ्य जांच

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी किए हैं कि उन सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाए, जिन्होंने कोविड-19 की स्थिति के चलते घर पर आइसोलेशन में रहने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह महसूस किया गया है कि ऐसे लोग उस समय अस्पताल जाते हैं जब उनकी तबीयत खराब हो जाती है।

मुख्यमंत्री आज यहां से प्रदेश के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, मेडिकल काॅलेजों के प्रधानाचार्यों और वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षकों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित कर रहे थे।

जय राम ठाकुर ने कहा कि शिक्षा, सूचना और संचार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि कोरोना जैसेे लक्षण सामने आने के बाद सम्बन्धित व्यक्ति तुरंत अस्पताल जाकर अपनी जांच करवा सकें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के ‘मास्क अप कैंपेन’ को सफल बनाने के लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को कोविड-19 रोगियों के साथ समुचित सम्पर्क बनाए रखना चाहिए क्योंकि इससे रोगियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहायता मिलती है। यह पाया गया है कि कोविड के कारण 90 प्रतिशत मृत्यु रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के 24 घंटों में हो रही है।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ चिकित्सकों को अस्पतालों में दाखिल कोविड मरीजों से मिलना चाहिए ताकि उनके अन्दर सुरक्षा की भावना पैदा हो। उन्होंने चिकित्सकों से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मरीजों का उपचार करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों और पहले से विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित लोगों के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए क्योंकि उनका स्वास्थ्य काफी तेजी से बिगड़ सकता है। उन्होंने घर पर ही आइसोलेशन में रह रहे कोविड मरीजों की स्वास्थ्य जांच के लिए किसी प्रभावकारी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

जय राम ठाकुर ने कहा कि त्यौहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए लोगों को समुचित परस्पर दूरी बनाए रखने, फेस मास्क और सेनेटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए त्वरित किया जाना चाहिए क्योंकि केवल बचाव से ही इस वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है। इसके अलावा लोगों को अनावश्यक रूप से सामाजिक समारोहों में शामिल नहीं होने के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए। इस दिशा में गैर सरकारी संगठनों और स्थानीय नेताओं की सहायता भी ली जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों का मौसम शीघ्र आरम्भ होने जा रहा है इसलिए लोगों को अधिक बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। कोविड देखभाल केन्द्रों में दाखिल रोगियों को गरम पानी और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। इन केन्द्रों को भोजन गरम करने की मशीनें खरीदनी चाहिए और हीटर सहित मनोरंजन के विभिन्न साधनों जैसे संगीत और टेलिविजन आदि की भी व्यवस्था की जानी चाहिए।

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में टेस्टिंग सुविधा बढ़ाने की दिशा में विशेष बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एचएलएल को अस्पतालों में पर्याप्त मशीनों के साथ-साथ आउटसोर्स आधार पर स्टाफ उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे कोविड अस्पतालों और कोविड केयर केन्द्रों का भार कम होगा।

स्वास्थ्य मन्त्री डाॅ. राजीव सैजल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए स्वास्थ्य विभाग को सुदृढ़ करने में गहरी रूचि लेने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों जैसे शादियों में भीड़ के कारण संक्रमण को फैलने से रोकने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि प्रदेश को अब शून्य मृत्यु दर प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए, जिसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि पुलिस सार्वजनिक स्थलों में लोगों को सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि विभाग यह सुनिश्चित बना रहा है कि प्रदेश में प्रतिदिन चार हजार कोविड टैस्ट किए जाएं। उन्होंने कहा कि लोगों को अधिक सजग रहने की आवश्यकता है, क्योंकि शरद ऋतु के दौरान संक्रमण में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन परियोजना निदेशक डाॅ. निपुण जिंदल ने ‘गाइडलाइन फाॅर क्रिएशन आॅफ हेल्थ केयर वर्कर डाटा बेस फाॅर कोविड-19 वैक्सीनेशन’ पर प्रस्तुति दी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व आरडी धीमान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जेसी शर्मा और अन्य अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे।

हिमाचल में भूमिगत जल उपयोगकर्ताओं को 31 दिसम्बर तक पंजीकरण प्रमाण पत्र अनिवार्य


नार्थ गजट न्यूज। शिमला

जल शक्ति विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि प्रदेश में पहले से निर्मित सभी घरेलू सिंचाई, वाणिज्यिक और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए मौजूदा भूगर्भ जल संरचनाएं हिमाचल प्रदेश भूगर्भ जल (विकास और प्रबन्धन का विनियमन और नियंत्रण) अधिनियम 2005 की धारा 8 के अन्तर्गत पंजीकृत होना आवश्यक है। इसलिए प्रदेश में भूगर्भ जल के सभी वर्तमान उपयोगकर्ताओं को पंजीकरण प्रमाण पत्र के लिए www.emerginghimachal.hp.gov.in पोर्टल के माध्यम से इस अधिनियम के अन्तर्गत फार्म 4 और 4ए के माध्यम से आॅनलाइन आवेदन 31 दिसम्बर, 2020 तक जमा करने की सलाह दी गई है।

भूगर्भ जल प्राधिकरण के इस पोर्टल को 31 दिसम्बर, 2020 के बाद निष्क्रिय कर दिया जाएगा और किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा ट्यूबवैल, बोरवैल और सक्रिय हैंडपम्प जो हिमाचल प्रदेश ग्राउड वाटर प्राधिकरण, शिमला के साथ पंजीकृत नहीं है, के अनाधिकृत उपयोगकर्ताओं के खिलाफ भूगर्भ जल अधिनियम, 2005 और नियम 2007 की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत कार्रवाई की जाएगी।

16 अक्तूबर से दूसरे राज्यों के लिए 90 और रूटों पर बसें चलाएगी एचआरटीसीः बिक्रम सिंह

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

परिवहन मन्त्री बिक्रम सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए 16 अक्तूबर, 2020 से 90 और अंतरराज्यीय रूटों पर राज्य परिवहन निगम की बसों के परिचालन का निर्णय लिया है। इनमें चंडीगढ़, लुधियाना, हरिद्वार, जालन्धर, अमृतसर, होशियारपुर, पठानकोट, रोपड़, सनवाल, देहरादून, अम्बाला केंट इत्यादि शामिल हैं।

हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने 14 अक्तूबर से 25 अंतरराज्यीय रूटों पर बसों की सेवाएं बहाल की थीं और 15 अक्तूबर को इसमें 35 और अंतरराज्यीय रूट सम्मिलित किए गए। नवरात्रों और आगामी त्योहारों के दृष्टिगत प्रदेशवासियों ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय की सराहना की है। दो दिनों के दौरान पथ परिवहन निगम के अंतरराज्यीय रूटों ( interstate bus routes )की बसों में काफी तादाद में लोगों ने यात्रा की।

परिवहन मन्त्री ने बताया कि निगम (HRTC) ने कोरोना वायरस से बचाव के दृष्टिगत बसों में सभी एहतियाती उपाय किए हैं। निगम द्वारा सिर्फ नाॅन-एसी बसों ( Non AC Buses) का संचालन किया जा रहा है। इनमें परस्पर दूरी और सेनिटाईजेशन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। निगम के कर्मचारियों द्वारा लोगों को यात्रा के दौरान मास्क के सही प्रयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। परिवहन निगम की बसों के संचालन के दौरान मानक संचालन प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जा रहा है।

Simplify process regarding issuance of bonafide Himachali certificates : HP High Court

North Gazette News/ Shimla

Expressing concern over the inflexible or rigid interpretation of conditions for procuring certificates for different categories from the Government offices, the High Court of H.P. has framed comprehensive guidelines to abridge the lacunae in the rules and to simplify the process. The Court observed that people suffer unnecessarily, many times due to wrong or delayed interpretation of the existing provisions. While some people are vigilant enough to knock the doors of the Courts for relief, its the innocent and poor people who suffer most as they cannot afford to come to Court either due to poverty, illness, ignorance of law, illiteracy or other reasons.

The Division Bench comprising Justice Sureshwar Thakur and Justice Chander Bhusan Barowalia directed the State Government to issue appropriate directions to all concerned authorities for issuance of bonafide Himachali, SC/ST/OBC category, BPL/APL/Economically Weaker Sections of the Society and Disability certificates in light of the present judgement.

The Court passed these directions while disposing of a writ petition filed by one Shri Ashwani Kumar, who has alleged that his applications for issuing bonafide Himachali certificates in favour of his sons were rejected, despite the fact that he is continuously residing in the State since his birth as his father was an employee of the State Electricity Board. The government contended that the applications were rejected as the same were received with Adhaar Card and copy of family register only and certificate of concerned Pradhan of Gram Panchayat or local authority was not attached with the applications. Also the petitioners did not bother to make appeal, within 30 days, before the concerned Sub Divisional Officer (Civil).

The Court observed that though bonafide Himachali Certificates were issued in favour of the petitioners during pendency of the petition, however, being a matter of larger public interest, Court cannot shut its eyes to the apathy of law, which leads common people to run from pillar to post for issuance of certificates. The Court further observed that being a welfare State, the government is accountable for the individual and social welfare of its citizens.

The Court further observed that for obtaining bonafide certificate, the condition of a person continuously residing in the territory of Himachal Pradesh for the last 20 years or above is already existing, but is being rigidly interpreted by the authorities. It is depriving people from being issued bonafide certificate required for sundry usage as there may be many persons who do not have any revenue record in their names but are born in the State or residing in the State for the last 20 years or more.

The Court directed that for issuance of bonafide Himachali Certificate, any one of the documents viz Ration card; Employment certificate/identity card issued by Government Offices, Birth certificate Attested copy of Pariwar (Family) Register, Adhaar Card/Voter ID card, Revenue record(s), Kisaan pass book, Certificate(s) issued by the M.P., MLA, Class I Gazetted Officers of the State, Panchayat Pradhan, Municipal Councillor, Mayor, President Notified Area Committee, stating that the applicant is residing in Himachal Pradesh uninterruptedly/continuously for the last 20 years or more will be a strong and undeniable basis for issuing concerned certificate to an individual.

Expanding the purview of the petition, the Court ordered that even for issuance of various other certificates, viz. SC/ST/OBC category, Below or above poverty line certificates, any one of the above documents would be sufficient stating the caste/tribe/income of the applicant.

For issuing Certificates for Economically Weaker Sections, Certificate(s) issued by the Pradhan/Secretary/Member of Gram Panchayat; Secretary/Member of the Notified Area Committee, Mayor/President/Member of the Municipal Committee/Corporation or Patwari of the concerned area will be a proof of the fact that the applicant belongs to weaker Section of the Society.

For issuing disability Certificates, the Court observed that Certificate(s) issued by Medical Officer of a Dispensary/Medical Board, in accordance with the guidelines in vogue, will be a proof of the fact that the applicant is physically challenged person.

The Court clarified that the aforesaid conditions are in addition to the existing conditions and not in derogation to the instructions issued by the State Government from time to time.

अटल टनल से सोनिया गांधी की शिलान्यास पट्टिका के गायब होने से तलख हुई कांग्रेस

एफआईआर दर्ज करवाने का निर्णय

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने रोहतांग अटल टनल से यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की शिलान्यास पट्टिका के गायब होने का कड़ा संज्ञान लेते हुए इसकी एक शिकायत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को भेजी है।अपनी इस शिकायत में राठौर ने सरकार को इस पूरे मामले की जांच 15 दिनों के भीतर करने व उस शिलान्यास पट्टिका को पुनर्स्थापित करने को कहा है।उन्होंने कहा कि अगर यह तय सीमा के अंदर नही हुआ तो कांग्रेस इसके खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगी।

राठौर ने इसे लोकतंत्र का अपमान करार देते हुए कहा है कि इसके खिलाफ कांग्रेस ने पुलिस में एक एफआईआर दर्ज करवाने का निर्णय भी लिया है।

आज राजीव भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए राठौर ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह लोकतंत्र की मर्यादाओं से खिलवाड़ कर रही है।उन्होंने कहा कि भाजपा इतिहास से छेड़छाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि 28 जून 2010 को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तत्कालीन इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह व प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की उपस्थिति में इस टनल की आधारशिला रखी थी।उन्होंने कहा कि उन्हें यह जान कर बड़ी हैरानी हुई है कि सोनिया गांधी की वह पट्टिका वहां से गायब है।उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और पुलिस की है।

राठौर ने कांग्रेस के किसान बचाओ आंदोलन को सफल करार देते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है,और नए कृषि कानून का विरोध जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 1965 में एपीएमसी एक्ट ला कर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य देने का जो प्रावधान किया था,नए कानून में उसे खत्म कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि सरकार ने जल्दबाजी में लोकसभा बैठक के दौरान पहले अध्यदेश लाया,फिर राज्यसभा में बगैर चर्चा के इसे पारित कर दिया और राष्ट्रपति ने रात रात इस कानून पर अपने हस्ताक्षर भी कर दिए।उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून से देश का किसान अपनी फसल को पहले ठेके पर उगाएगा, बाद में उसे ठेकेदारों को उनकी इच्छा नुसार बेचने पर मजबूर होगा।किसान ठेकेदार का गुलाम बनेगा।देश मे जमा खोरी बढ़ेगी और बड़े उद्योगपतियों का बोल बाला होगा।

राठौर ने आशंका व्यक्त की कि इस कानून के बाद अब देश मे सार्बजनिक वितरण प्रणाली, पीडीएस व्यवस्था भी खत्म हो जायेगी,क्योंकि पूरी बाजार व्यवस्था तो पूंजीपतियों के पास जा रही है।

देश की सीमा से जोड़ेगा भागा नदी पर बना देश का दूसरा सबसे लंबा पुल

केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने हिमाचल के दारचा-बरसी और पलचान पुल का लोकार्पण किया

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

देश को समर्पित किए 44 पुलों में दो पुल हिमाचल प्रदेश में स्थित हैं, जिनमें मनाली-सरचू-लेह राजमार्ग पर स्थित दारचा (DARCHA BRIDGE HIMACHAL) बरसी पुल भी शामिल है। दारचा में भागा नदी पर 360 मीटर लंबा यह पुल देश का दूसरा सबसे लंबा पुल है। इस पुल का निर्माण 27.25 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यातायात सुचारू बनाये रखने के साथ यह नया पुल अधिक भार वहन क्षमता में भी सहायक सिद्ध होगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ ने आज नई दिल्ली से वीडियो काॅफ्रेंसिंग के माध्यम से 44 स्थाई प्रमुख पुलों को राष्ट्र को समर्पित किया और नेचिपु सुरंग का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि ये सभी पुल देश के सीमावर्ती क्षेत्र में बेहतर संपर्क स्थापित करने में मील पत्थर साबित होंगे।

दारचा ( DARCHA BRIDGE HIMACHAL )लाहौल में केंलग से 33 किलोमीटर दूरी और 11 हजार 20 फीट ऊंचाई पर स्थित है। इस परियोजना को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 70 सड़क निर्माण कंपनी द्वारा निर्मित किया गया है।

रक्षा मंत्री ने मनाली-सोलंग-लेह राजमार्ग पर ब्यास नदी पर बनाए गए 110 मीटर पलचान पुल का भी आज लोकर्पण किया। इस पुल का निर्माण 12.83 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अपने आधिकारिक निवास स्थान ओक ओवर से इस कार्यक्रम में भाग लिया।

अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्रियों और जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर भी अपने-अपने राज्यों से इस आयोजन में शामिल हुए। जनजातीय विकास मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा, मुख्य अभियंता बीआरओ ब्रिगेडियर एम.एस. बाघी और कर्नल जे.एस. बरगोटी शिमला से तथा शिक्षा मंत्री गोविन्द ठाकुर, सासंद रामस्वरूप शर्मा वीडियो काॅफ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

डल झील के विकास एवं सौंदर्यकरण पर व्यय होंगे 4 करोड़ – कपूर

नार्थ गजट न्यूज। धर्मशाला

लोकसभा सांसद किशन कपूर (Kishan Kapoor) ने कहा कि पर्यटन और पौराणिक महत्व की डल झील (Dal Lake) के विकास एवं सौंदर्यकरण के लिए 4 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है। उन्होंने आज धर्मशाला के नड्डी में डल झील (Dal Lake) का निरीक्षण करने के उपरांत अधिकारियों को इसके रख-रखाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि डल झील (Dal Lake)का अपना विशेष महत्त्व है तथा हर वर्ष लाखों की संख्या में देश व विदेश से श्रद्धालु इसको निहारने के लिए आते हैं। उन्होंने डल झील में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और प्रदेश सरकार मंदिरों के सौंदर्यकरण और अन्य मूलभूत सुविधाओं को विकसित कर हर क्षेत्र को और अधिक बढ़ावा देने पर बल दे रही है।

कपूर ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन विकास की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए अनेक बड़ी परियोजनाएं आरम्भ की गई हैं। एशियन विकास बैंक की सहायता से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। प्रकृति प्रेमी से लेकर धार्मिक आस्था रखने वाले प्रत्येक वर्ग के पर्यटकों को हर मौसम में यह प्रदेश आकर्षित करता है। इस अवसर पर उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति, ज़िला पर्यटन विकास अधिकारी सुनयना शर्मा, जिला मण्डलाधिकारी संजीव कुमार, तहसीलदार अपूर्व शर्मा उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री ने किया आईजीएमसी के कोविड-19 वार्ड का औचक निरीक्षण


नार्थ गजट न्यूज। शिमला

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने आज इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, शिमला के ई-ब्लाॅक में स्थापित कोविड-19 वार्ड का औचक निरीक्षण कर संक्रमित मरीजों के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया।

उन्होंने ड्यूटी पर तैनात वरिष्ठ चिकित्सकों से बातचीत कर कोविड-19 वार्ड में मरीजों की देखभाल, भोजन तथा स्वच्छता व्यवस्था की भी जानकारी ली।

आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डा. रजनीश पठानिया और चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जनक राज ने स्वास्थ्य मंत्री को अस्पताल में स्थापित किए गए नियंत्रण कक्ष के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस ब्लाॅक की हर मंजिल में कोरोना मरीजों के लिए वीडियो काॅलिंग की व्यवस्था की गई है ताकि वे अपने परिजनों से बातचीत कर सकें।

डाॅ. सैजल ने आईजीएमसी के स्टाफ से बातचीत के दौरान कहा कि अस्पताल में आ रही किसी भी समस्या का तुरन्त प्रभाव से निवारण किया जाएगा। उन्होंने यहां निर्मित होने वाले 40 व 17 बिस्तरों वाले मैक शिफ्ट अस्पताल के स्थल का भी निरीक्षण किया तथा कार्य प्रगति के संबंध में जानकारी ली।

स्वास्थ्य मंत्री ने बाद में अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें अस्पताल की समस्याओं के स्थानीय स्तर पर निवारण पर चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आ रही किसी भी समस्या के बारे में जल्द से जल्द उन्हें अवगत करवाएं ताकि तुरन्त प्रभाव से उसका समाधान किया जा सके। संयुक्त निदेशक अस्पताल प्रशासन रवीन्द्र शर्मा, नोडल अधिकारी डाॅ. राहुल गुप्ता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

अटल टनल से प्रदेश को मिली नई पहचानः जय राम ठाकुर

नार्थ गजट न्यूज। मनाली

कुल्लू जिला में दक्षिणी पोर्टल मनाली में रोहतांग अटल टनल रोहतांग का लोकार्पण करने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोलंग नाला में एक विशाल जनसमूह को संबोधित किया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सोलंग नाला में जनसभा को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत करते हुए राष्ट्र को अटल टनल समर्पित करने के लिए धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल टनल रोहतांग के लोकार्पण से हिमाचल प्रदेश में विकास का एक नया अध्याय आरम्भ हुआ है और क्षेत्र को एक नई पहचान मिली है। टनल के निर्माण से लाहौल घाटी को सभी मौसमों में देश के अन्य क्षेत्रों से संपर्क बना रहेगा और मनाली व लाहौल घाटी के बीच आवागमन आसान बनेगा। यह सुरंग राज्य में पर्यटन के विकास में एक मील को पत्थर साबित होगी।

जय राम ठाकुर ने पुरानी स्मृतियों को ताजा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 90 के दशक में उनके पैराग्लाइडिंग रोमांच का स्मरण करवाया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सोलंग नाला पर्यटकों का पसंदीदा गंतव्य बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इस ऐतिहासिक दिवस पर अटल टनल, रोहतांग के लोकार्पण से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश की आर्थिकी सुदृढ़ होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस टनल के लोकार्पण के लिए व्यक्तिगत रूप से हिमाचल प्रदेश आने का निर्णय लिया जो प्रदेश और प्रदेशवासियों के प्रति उनके प्रेम और लगाव को दर्शाता है। प्रदेश सरकार कोविड-19 महामारी के कारण इस अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन नहीं कर पाई लेकिन प्रदेश की सभी 3226 ग्राम पंचायतों में इस कार्यक्रम के सीधे प्रसारण का प्रबंध किया गया।

प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, केन्द्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह, शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर, ऊर्जा मंत्री सुख राम चैधरी, विधायक एवं उपाध्यक्ष राज्य योजना बोर्ड रमेश धवाला, सांसद राम स्वरूप शर्मा एवं किशन कपूर, सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल, विधायक विनोद कुमार, किशोरी लाल, विशाल नेहरिया, रवि धीमान, अरूण कुक्का, आशीष बुटेल और विक्रमादित्य सिंह तथा पूर्व सांसद महेश्वर सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सासे में कैलिब्रेशन लैब भवन का शिलान्यास किया

नार्थ गजट न्यूज। मनाली

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज ‘प्रोजेक्ट अनशनकन’ के अन्तर्गत हिमपात और हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (सासे) में कैलिब्रेशन लैब भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और केंद्रीय वित्त एवं काॅर्पोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी केंद्रीय मंत्री के साथ उपस्थित थे। कैलिब्रेशन लैब का निर्माण 736.18 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा, जो बर्फीले क्षेत्रों में फील्ड लोकेशन में तैनात किए जाने के लिए सेंसरों की विविधता के कुशल और समयबद्ध कैलिब्रेशन में अहम भूमिका निभाएगा।

इससे पूर्व, सासे अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के समक्ष अपनी गतिविधियों के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। सासे बर्फीले पर्वतीय क्षेत्रों में हिमस्खलन पूर्वानुमान, कृत्रिम ट्रिगरिंग और संरचनात्मक नियंत्रण में कार्य कर रहा है। सासे ने अंटार्कटिका स्नो कवर आइस शीट सतह ऊर्जा संतुलन और पिघलन अनुमान के क्षेत्रों में अनुसंधान गतिविधियों पर भारतीय अंटार्कटिका कार्यक्रम में भी भाग लिया। डीआरडीओ के महानिदेशक प्रवीण कुमार मेहता ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, केंद्रीय वित्त और काॅर्पोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। सासे डाॅ. लोकेश कुमार सिन्हा ने सासे की विभिन्न गतिविधियों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।


मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री का सासे आगमन पर स्वागत किया

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का जिला कुल्लू के मनाली में सासे हेलीपैड पहुंचने पर स्वागत किया गया। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और केंद्रीय वित्त एवं काॅर्पोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ अटल टनल रोहतांग का दौरा किया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 3 अक्तूबर, 2020 को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने टनल के उत्तर और दक्षिण छोर का भी दौरा किया और लोकार्पण समारोह के दृष्टिगत किए गए प्रबन्धों की समीक्षा की।

सीमा सड़क संगठन महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने केंद्रीय मंत्री को अटल टनल की मुख्य विशेषताएं और सामरिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को इस परियोजना के लोकार्पण से सम्बन्धित तैयारियांे से भी अवगत करवाया। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने जिला कुल्लू के सोलंग और जिला लाहौल स्पीति के सिस्सू में रैली स्थलों का दौरा किया और इस मेगा इवेंट की गई तैयारियों का जायजा लिया।

शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर, सांसद रामस्वरूप शर्मा, विधायक सुरेन्द्र शौरी, मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. आर.एन बत्ता, उपायुक्त कुल्लू डाॅ. ऋचा वर्मा और अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

शहरी स्थानीय निकायों के निवासियों को मिलेगा अब 120 दिनों का गारंटी रोजगार

शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आजीविका योजनाओं की समीक्षा की

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

शहरी स्थानीय निकायों के निवासियों को जाॅब कार्ड जारी करने के 15 दिनों के भीतर 120 दिनों का गारंटी रोजगार प्रदान किया जाएगा। यदि ऐसा संभव नहीं हुआ तो उन्हें बेरोजगार भत्ता के रूप में प्रतिदिन 75 रुपये प्रदान किए जाएंगे। यह जानकारी शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान महत्त्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना’ तथा ‘दीन दयाल अन्तोदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन’ की समीक्षा करते हुए दी।

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि यह दोनो योजनाएं रोजगार से संबंधित हैं तथा आत्मनिर्भर भारत की संरचना में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष मई माह में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका योजना आरम्भ की थी। इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में गारंटी रोजगार प्रदान करना है। योजना के बारे में अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि
योजना की समीक्षा करते हुए शहरी विकास मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों के कुल 3545 लोगों ने पंजीकरण करवाया है, जिनमें से 2447 लोगों को जाॅब कार्ड जारी किए गए हैं। कुल 2099 लोगों को कार्य प्रदान किए गए थे, जिनमें से 1808 लोगों ने कार्य स्वीकार किए। इस योजना के तहत प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों में 1009 लोगों ने अधोसंरचना सम्बन्धित कार्य जबकि 799 लोगों ने स्वच्छता सम्बन्धित कार्य स्वीकार किए।

सुरेश भारद्वाज ने अधिकारियों को इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए तथा कहा कि यह योजना नई है तथा हमें इसे लोकप्रिय बनाना चाहिए। दीनदयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए शहरी विकास मंत्री ने अधिकारियों को इस योजना को कोविड-19 के दौरान सफल बनाने के उपाय तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस योजना के तहत लक्ष्य हासिल करता आया हैं तथा इस योजना के तहत और लोगों को कवर करने के लिए प्रयास जारी है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में इस योजना के तहत 1.54 करोड़ रुपये खर्च किए गए है, जबकि 3.64 करोड़ रुपये अभी खर्च किए जाने हैं।

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में 200 के निर्धारित लक्ष्य से भी ज्यादा 324 स्वयं सहायता समूह स्थापित किए गए। यह योजना शहरी रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए सहायक प्रणाली के रूप में भी कार्य कर रही है। कुल 4054 रेहड़ी-फड़ी वालों को पहचान पत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा 3798 प्रमाण पत्र भी जारी किए गए हैं। एक सर्वेक्षण के अनुसार 54 शहरी स्थानीय निकायों में 5790 रेहड़ी-फड़ी वालों को चिन्हित किया गया हैं

शहरी विकास मंत्री ने कहा कि 30 कस्बों में 5000 रेहड़ी-फड़ी वालों को ठोस कचरा प्रबन्धन नियमों, स्वास्थ्य तथा स्वच्छता पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना’ तथा ‘दीन दयाल अन्तोदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन’ की प्रतिमाह समीक्षा की जाएगी। सचिव शहरी विकास रजनीश, आयुक्त नगर निगम शिमला पंकज राय तथा अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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मैंझा के लिए अढ़ाई करोड़ की पेयजल योजना स्वीकृत : परमार

राजेश व्यास। पालमपुर

विधान सभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने गुरुवार को ग्राम पंचायत मैंझा में 90 लाख रुपये की लागत से निर्मित पेयजल योजना लोअर मैंझा का लोकार्पण किया। इस योजना से अप्पर और लोअर मैंझा के लगभग 2600 लोग लाभांवित होंगे।

मैंझा में जनसभा को संबोधित करते हुए विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि सुलह हलके का विकास और खुशहाली उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वकांशी योजना में जल जीवन मिशन में हर घर को नल से जल उपलब्ध करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हलके की सभी पुरानी पेयजल पाईपों को बदलने के साथ-साथ नयें ओवर हैड़ टैंकों का निर्माण कर नलकूपों का शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाया जायेगा। उन्होने कहा कि मैंझा गांव के लिए भी जल जीवन मिशन में पेयजल योजना बनाई जा रही है जिस पर अढ़ाई करोंड़ रुपये व्यय होंगे और इस क्षेत्र में लगभग 600 नयें नल लगाये जायेंगे।

परमार ने कहा कि मैंझा में न्यूगल पुल से थल्ला गांव तक सड़क का निर्माण किया जा रहा है और इस पर 80 लाख रुपये व्यय किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अप्पर मैंझा से लोअर मैंझा से सड़क के विस्तार और सुधार पर 1 करोड़ 75 लाख रुपये व्यय किये जा रहे है। उन्होंने गांव भुजल तक सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को आदेश दिये। उन्होंने कहा कि मैंझा गांव में संपर्क मार्ग के लिए 20 लाख रुपये जारी किये गये हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सभी सड़कों एवं अन्य कार्यों में गति देने के आदेश दिये। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को समयबद्ध पूरा करें ताकि लोगों को लाभ प्राप्त हो सके।

विधान सभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर अधिकरियों सहित भुजल गांव संपर्क मार्ग का निरीक्षण किया और विभाग को शीघ्र इस मार्ग को वाहन योग्य बनाने के आदेश दिये। उन्होंने कहा कि मैंझा में बहुत बड़ा मैदान है जिसे नेचर पार्क अथवा खूबसूरत स्टेड़ियम बनाया जायेगा।

कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष देश राज शर्मा, महामंत्री सुखदेव मसंद, महामंत्री विपन जम्वाल, महिला आयोग की सदस्य सुषमा भट्ट, बीडीसी के उपाध्यक्ष गांधी राणा, स्थानीय ग्राम पंचायत की प्रधान सुभाषणा देवी, महिला मंडल प्रधान सुषमा भटड़िया, सुरेश धीमान, डीएफओ नितिन पाटिल, अधिशासी अभियंता संजय ठाकुर, मुनीष सहगल और प्रीतम कपूर, बीडीओ भवारना के एस राणा सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे।