हेल्पलाइन -1100 में झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के लिए 31 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित कीं

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेशवासियों की समस्याओं का उनके घरद्वार के समीप समाधान करने के लिए जन मंच और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1100 वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जन मंच में 45 हजार शिकायतों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1100 में एक लाख से अधिक शिकायतों का निवारण किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस हेल्पलाइन में झूठे आरोप लगाने वालों और झूठी काॅल करने वाले व्यक्यिों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने मंत्रिमण्डल की पहली बैठक में बिना किसी आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन पाने के लिए आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष की। इस निर्णय से राज्य के लगभग 2 लाख 90 हजार वृद्धजनों को लाभ प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जिला शिमला के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय प्रवास कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के लिए लगभग 31 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण किए और आधारशिलाएं रखीं। उन्होंने जुब्बल तहसील की ग्राम पंचायत जयपीड़ी माता में 61 लाख रुपये से विभिन्न बस्तियों सुंडली, नैहनार और गुंटू के लिए निर्मित बहाव जलापूर्ति योजना (जीडब्ल्यूएसएस) का शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री ने छह करोड़ रुपये की लागत से जुब्बल में बनने वाली कार पार्किंग की आधारशिला रखी। उन्होंने 4.99 करोड़ रुपये से तहसील कोटखाई के ग्राम पंचायत क्यारी, पनोग, बगाहर, पराली व शिल्ली की विभिन्न बस्तियों में छूटे हुए घरों को कवर करने के लिए उठाऊ जल आपूर्तिध्भूजल आपूर्ति योजना का शिलान्यास किया। ग्राम पंचायत दरकोटी, गरावग, बागडोमेहर व पांदली में छूटे हुए घरों को कवर करने के लिए 2.87 करोड़ रुपये की उठाऊ जल आपूर्ति योजनाध्भूजल आपूर्ति योजना, तहसील कोटखाई की ग्राम पंचायत देवगढ़, गुम्मा, हिमरी, प्रेमनगर, व नगान में छूटे हुए घरों को कवर करने के लिए 1.12 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ जल आपूर्ति योजनाध्भूजल आपूर्ति योजना का शिलान्यास किया।

जय राम ठाकुर ने 2.92 करोड़ रुपये की लागत से तहसील टिक्कर में ग्राम पंचायत पुजारली नंबर-3 और धरारा के आसपास के क्षेत्र सराधर-फरोग तथा नकसतेली-धारीकुप्पड़-गरोट के लिए उठाऊ जलापूर्ति योजनाध्भूजल आपूर्ति योजना का शिलान्यास किया। तहसील टिक्कर की ग्राम पंचायत पुजारली नंबर-4 के गांव रोखाल्टूपाणी तथा इसके आसपास के क्षेत्र के लिए 1.48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उठाऊ जलापूर्ति योजना, नाबार्ड के अंतर्गत 2.80 करोड़ रुपये से बनने वाली बखरैल कैंची से कुल्ला जुब्बड़ वाया जराही टाॅप ओडी सम्पर्क मार्ग को चैड़ा व पक्का करने के कार्य, एक करोड़ रुपये की लागत से तहसील जुब्बल की ग्राम पंचायत झाल्टा और भोलाड़ के बचे हुए घरों को कवर करने के लिए विभिन्न बस्तियों में घरेलु नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए उठाऊ जल आपूर्ति योजनाध्भूजल आपूर्ति योजना शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत गुम्मा, किरवी, कलबोग, बखोल, रतनाड़ी व बाघी के अंतर्गत विभिन्न बस्तियों को बचे हुए घरों में नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए 89 लाख रुपये की उठाऊ जलापूर्ति योजनाध्भूजल आपूर्ति योजना की नींव रखी। तहसील जुब्बल की ग्राम पंचायत बढ़ाल में बाॅऊली बधावली तथा साथ लगते गांवों के लिए 87 लाख रुपये की लागत से बनने वाली भूजल आपूर्ति योजना, तहसील जुब्बल के दयोरा के लिए 85 लाख रुपये की लागत से भूजल आपूर्ति योजना और खड़ापत्थर में 80 लाख से बनने वाले राष्ट्रीय उच्च मार्ग के उपमंडल कार्यालय की आधारशिला रखी।

इस अवसर पर खड़ापत्थर में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इस विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के जुलाई माह में उन्होंने इस क्षेत्र में वर्चुअल माध्यम से 270 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए थे। इस वर्ष के दौरान उन्होंने इस क्षेत्र में 301 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए हंै।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरि गंगा को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिमला जिला में हाटकोटी मन्दिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इसका उचित सौन्दर्यकरण और रख-रखाव किया जाए।

जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण सभी विकासात्मक प्राथमिकताओं के बारे में पुनः सोचने और योजना बनाने के लिए विवश हुए हैं। सभी अधिकारियों को उनकी प्राथमिकताओं की पुनः योजना बनानी चाहिए और इस क्षेत्र में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए भी लक्ष्य पुनः निर्धारित करने चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुरक्षित हाथों में है, जिन्होंने कोरोना महामारी को प्रभावी तरीके से नियंत्रित करने के लिए समय रहते निर्णय लिए। उन्होंने लोगों से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए फेस मास्क के उपयोग और परस्पर दूरी बनाए रखने के नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में कई कल्याणकारी और विकासात्मक कार्यक्रम आरम्भ किए हैं, महामारी के कारण इन पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इस वायरस के कारण बागवानों को अपने उत्पादों के विपणन में किसी समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए कामगारों के प्रबन्ध और विपणन के लिए पर्याप्त व्यवस्था की। तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार ने प्रदेश का समान विकास सुनिश्चित किया है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देश के विभिन्न भागों में फंसे 2 लाख 50 हजार हिमाचलवासियों को वापिस लाया गया। हालांकि इससे राज्य में कोविड-19 रोगियों की संख्या बढ़ी, लेकिन प्रदेश के लोगों को वापिस लाना राज्य सरकार का दायित्व था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने अपने आलाकमान को फेस मास्क और सेनिटाइजर का 12 करोड़ रुपये का बिल प्रस्तुत किया था, जब कि प्रदेश सरकार ने भोजन, मास्क और सेनिटाइजर प्रदान करने तथा राज्य के युवाओं को वापिस लाने के लिए 13 करोड़ रुपये व्यय किए। उन्होंने कहा कि इससे यह प्रदर्शित होता है कि राज्य के कांग्रेस नेता अपनी पार्टी को धोखा देने में भी नहीं हिचकचाते हंै।

जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमकेयर योजना से राज्य के एक लाख 11 हजार लोग लाभान्वित हुए है। उन्होंने कहा कि सहारा योजना के तहत गम्भीर रोगों से ग्रस्ति रोगियों के परिवार को तीन हजार रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार की उज्जवला योजना और राज्य सरकार की गृहिणी सुविधा योजना से राज्य धुंआरहित प्रदेश बना है। गृहिणी सुविधा योजना के तहत राज्य में 2 लाख 80 हजार गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। राज्य के युवाओं को स्वरोजगार उद्यम स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना वरदान साबित हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों के बारे में भी विस्तार से बताया।

इससे पूर्व सरस्वती नगर महाविद्यालय मैदान में आगमन पर मुख्यमंत्री का स्थानीय लोगों और क्षेत्र के लोगों ने गर्मजोशी स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने सरस्वती नगर स्थित खेल मैदान में निर्माणाधीन सब बेस के साथ 8 लेन के 400 मीटर सिंथेटिक ट्रैक और अन्य सम्बद्ध कार्यों का निरीक्षण किया। इसके निर्माण पर 12.42 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस ट्रैक को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जय राम ठाकुर ने माता हाटकोटी मन्दिर में पूजा-अर्चना की और मां दुर्गा मन्दिर हाटकोटी में पार्किंग और सौन्दर्यकरण कार्यों का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत जुब्बल की पार्किंग के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।

वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र के लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस विधानसभा क्षेत्र में विकास के कार्य नियमित रूप से चलें, इसके लिए आवश्यक है कि राज्य में भाजपा सरकार फिर से सत्ता में आए।

सांसद और राज्य भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है और इसका श्रेय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व और नरेन्द्र बरागटा के सशक्त प्रतिनिधित्व को जाता है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी।

स्थानीय विधायक और मुख्य सचेतक राज्य भाजपा नरेन्द्र बरागटा ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्यों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान राज्य का सफलतापूर्वक मार्गदर्शन किया है। उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र की विकासात्मक आवश्यकताओं पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में विकास के मामले में तेजी से प्रगति कर रही है। उन्होंने जुब्बल में फायर स्टेशन खोलने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस निर्वाचन क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री कोविड फंड में 78 लाख रुपये का योगदान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में यह एकमात्र विधानसभा क्षेत्र है, जिसका अपना उपमंडल अधिकारी कार्यालय नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए जुब्बल और कोटखाई में एसडीएम कार्यालय तथा कोटखाई में ब्लाॅक कार्यालय खोला जाए। उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों को विस्तार से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने मुख्यमंत्री से गिरी गंगा को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने, देओरीघाट को पैराग्लाइडिंग गंतव्य के रूप में और सावड़ा कुड्डू परियोजना झील को जल क्रीड़ा स्थल के रूप में विकसित करने का आग्रह किया।

भाजपा मंडल अध्यक्ष गोपाल जबैक ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।

राज्य खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरषोत्तम गुलेरिया, लैंड मोर्टगेज बैंक की उपाध्यक्ष शशि बाला, एपीएमसी शिमला-किन्नौर के अध्यक्ष नरेश शर्मा, उपायुक्त शिमला अदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक मोहित चावला भी अवसर पर उपस्थित थे।