मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण और एनएचएआई को उच्च मार्गों को गढ्ढामुक्त बनाने को कहा

कालका-शिमला फोरलेन परियोजना के अंतर्गत सोलन-कैथलीघाट के कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित
बालूगंज-ब्रह्मपुखर-घाघस के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग को गड्ढामुक्त बनाने के निर्देश

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में यात्रियों की सुविधा के लिए उच्च मार्गांे को गड्ढामुक्त बनाना सुनिश्चित करें। वह आज यहां लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में सभी फोरलेन परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि के भीतर पूरा किया जाना चाहिए ताकि राज्य को बेहतर सम्पर्क प्रदान करने के अलावा लागत वृद्धि से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि परवाणू-सोलन फोरलेन परियोजना को आगामी वर्ष 31 मार्च तक पूरा किया जाना चाहिए, जबकि कीरतपुर-नेरचैक फोरलेन सड़क को 31 मई तक और टकोली-कुल्लू को आगामी वर्ष 30 सितंबर तक पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी वर्ष के अंत तक कालका-शिमला फोरलेन परियोजना के अंतर्गत सोलन-कैथलीघाट के कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने 15 नवम्बर, 2020 तक बालूगंज-ब्रह्मपुखर-घाघस के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग को गड्ढामुक्त बनाने के निर्देश दिए। सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को नेरचैक से कुल्लू तक पैचवर्क करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जोगिंद्रनगर-पठानकोट, बद्दी-नालागढ़ और ंिपंजौर-नालागढ़ सड़क के उन्नयन कार्य को निर्धारित अवधि के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। जिन परियोजनाओं का 3डी कार्य पूरा हो चुका है उनका 3जी सर्वेक्षण किया जाना चाहिए।

जय राम ठाकुर ने कहा कि कैथलीघाट-ढली फोरलेन परियोजना का मुद्दा शीघ्र सुलझाया जाना चाहिए। कुछ विद्युत टावरों के अलावा 17 ढांचों को इस क्षेत्र से हटाने जाने की आवश्यकता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सोलन-कैथलीघाट क्षेत्र पर उपयुक्त डंपिंग स्थलों को चिन्हित करने के निर्दश दिए ताकि कार्यकारी एजेंसियों को सुविधा प्रदान की जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस क्षेत्र से 13 बिजली टावरों को स्थानांतरित करने के भी निर्देश दिये।

उन्होंने वन स्वीकृतियों के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने को कहा ताकि इन सभी परियोजनाओं के कार्य में विलम्ब न हो। उन्होंने इन फोरलेन को ‘ग्रीन हाईवे’ बनाने के लिए सड़क के किनारे पौधे लगाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने मनाली में ब्यास नदी पर पुल के निर्माण में देरी पर चिंता व्यक्त की, जिससे पर्यटकों व स्थानीय लोगों को असुविधा हो रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिये।

क्षेत्रीय अधिकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण गुरसेवक सिंह सांघा ने राज्य में सभी चार फोरलेन परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के बारे में मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया।

प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग जे.सी. शर्मा, मुख्य अभियन्ता भवन शर्मा, विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग अरिन्दम चैधरी, मुख्य अभियन्ता राष्ट्रीय राज मार्ग अर्चना ठाकुर और अन्य अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे।