अटल टनल रोहतांग से बदलेगी लाहौल घाटी की तस्वीरः मुख्यमंत्री

अटल टनल रोहतांग से बदलेगी लाहौल घाटी की तस्वीरः

मुख्यमंत्री

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

जिला लाहौल-स्पीति की तांदी पंचायत के कारगा गांव में लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज कहा कि यह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि आज लाहौल घाटी के विकास के रूपांतरण के लिए अटल टन्नल रोहतांग बनकर तैयार हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि अटल टन्नल के आरम्भ होने से लाहौल घाटी में विकास और सुख समृद्धि का नया दौर आरम्भ होगा। उन्होंने कहा कि अटल टन्नल जहां विकास की कड़ी है वहीं दुनिया के लिए तकनीक की भी मिसाल है।

उन्होंने कहा कि अटल टन्नल का सामरिक महत्व है और देश की सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि यह टन्नल लद्दाख क्षेत्र के लिए भी प्रवेश द्वार साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि टन्नल के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 3 अक्तूबर को लाहौल आएंगे। उन्होंने कहा कि टन्नल के निर्माण से पर्यटन और कृषि गतिविधियों में जबरदस्त प्रसार होगा।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत अति विश्ष्टि अतिथियों के प्रवास के दौरान कोविड-19 मापदण्डों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। तकनीकी शिक्षा एवं जनजातीय विकास मंत्री रामलाल मारकण्डा ने कहा कि टन्नल का निर्माण एक ऐतिहासिक निर्णय है जिससे मनाली और लेह के बीच की दूरी कम होगी और जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति के विकास मंे सहायक सिद्ध होगी।

जनजातीय सलाहकार समिति के सदस्य शमशेर सिंह ने मुख्यमंत्री को मांगपत्र प्रस्तुत किया और क्षेत्र में पर्यटन और शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर व अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केलाॅग में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया

लाहौल-स्पीति की महत्वपूर्ण परियोजना अटल टन्नल रोहतांग के उद्घाटन समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन को लेकर आज मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केलाॅग में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक लम्बे इन्तजार के बाद लाहौल घाटी के लिए अटल टन्नल बनकर तैयार हुई है, जिसके उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 3 अक्तूबर, 2020 को लाहौल आएंगे।

उन्होंने कहा कि अटल टन्नल सामरिक दृष्टि से राष्ट्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस सुरंग के बनने से लाहौल-स्पीति जिला के आर्थिक, सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि अटल टन्नल के निर्माण से कृषि, पर्यटन और बागवानी के क्षेत्र में व्यापक विकास योजनाएं आरम्भ की जाएंगी, जिनसे पूरे जिले की आर्थिकी सुदृढ़ होगी।

उन्होंने कहा कि अटल टन्नल बनने से पहले लाहौल घाटी लगभग छः माह तक आवाजाही के लिए बंद रहती थी परन्तु अब लाहौल घाटी के लोगों को वर्षभर आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सुरंग के निर्माण से लाहौल के लोगों का वर्षों का सपना साकार हुआ है और पूरे क्षेत्र में विकास के प्रति नये उत्साह का संचार हुआ है।

इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री रामलाल मारकण्डा ने आयोजन से सम्बन्धित विस्तृत रूप-रेखा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के अथक प्रयासों से इस सुरंग का कार्य सम्पन हो पाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने टन्नल की वन स्वीकृतियों के लिए गम्भीरता से कार्य नही किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के विकास कार्यों की अनदेखी की। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू भी उपस्थित थे।