अटल टनल से लाहौल-स्पीति में पर्यटन के साथ कृषि व बागवानी को भी बढ़ावा मिलेगा- डॉ मारकंडा

कहा कि रासायनिक खेती व जैविक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती को अपनाने की जरूरत

नार्थ गजट न्यूज।

तकनीकी शिक्षा, जनजातीय विकास मंत्री,डॉ मारकंडा ने आज कारगा तथा गोंधला में मृदा स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करते हुए कहा कि लाहौल घाटी के किसान प्रगतिशील किसान है, लेकिन आज रासायनिक खेती व जैविक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती को अपनाने की जरूरत है, ताकि किसानों को उनके उपज का बेहतर दाम मिल सके और मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाने की भी गुजारिश की।

केबिनेट मंत्री ने कहा कि अटल टनल के खुल जाने के बाद घाटी में किसानों को बहुत अधिक लाभ मिलेगा इसके लिये जिले में सब्जी मंडी का काम जल्द शुरू किया जायेगा, जिसके लिए 15 करोड़ बजट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि आज किसान गोष्टी के माध्यम से 14 किस्म के बीज का बीज किट दिया जा रहा है जिसके माध्यम से किसान अगले वर्ष सब्जी मंडी में विभिन्न प्रकार के उत्पाद लाये और 2022 तक किसानों के आय को दुगुना किया जा सके। मारकंडा ने कहा कि जिले के 4200 किसानों को 14 किसानों को घर घर बीज निःशुल्क पहुचाया जयेगा, ताकि अगले वर्ष सब्जी मंडी तैयार होगा और किसानों की उपज टनल के माध्यम से देश के विभिन्न सब्जी मंडी पहुँचेगा ।

किसानों को प्राकृतिक कृषि के फायदों के बारे में बताते हुए उन्होंने बताया कि प्राकृतिक कृषि उत्पाद स्वास्थ्य की दृष्टि से सुरक्षित एवं जहरमुक्त होते हैं तथा इसमें देशी गाय के गोबर एवं गोमूत्र का प्रयोग किया जाता है। डॉ मारकंडा ने जानकारी दी कि प्राकृतिक कृषि के लिए हिमाचल सरकार ने कई तरह के अनुदान देने का प्रावधान है देसी गाय खरीदने, गौशाला बनाने, जीवामृत के लिये ड्रम आदि पर अनुदान दिया जाता है। सरकार का प्रयास है कि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2022 तक प्रथम प्राकृतिक कृषि राज्य के रूप में विकसित किया जा सके।
विषय विशेषज्ञ डॉ राजेंदर ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया प्राकृतिक कृषि की विधि के बारे में विचार रखे। जिला कृषि अधिकारी ने डा मारकंडा सहित सभी उपस्थित अधिकारियों व किसानों का धन्यवाद किया।