कोविड महामारी के दौरान आवागमन नियमों में आंशिक संशोधन

 

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में आवागमन से संबंधित जारी आदेशों में आंशिक संशोधन किया है। यह जानकारी देते हुए  राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि जो विद्यार्थी और अभ्यर्थी अपने माता.पिता के साथ प्रतियोगी चयन परीक्षाओं के कारण प्रदेश के भीतर और बाहर आवागमन करना चाहते हैंए उन्हें राज्य में 72 घण्टों के भीतर आवागमन करने की स्थिति में क्वारंटीन नियमों से छूट की सुविधा प्रदान की जा सकती है। परीक्षा प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए प्रवेश पत्र को प्रदेश में आने व वापिस आने के लिए वैद्य दस्तावेज माना जाएगा और विद्यार्थियोंए अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को अलग से पंजीकरण करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रदेश में परीक्षा के लिए आने की स्थिति में उन्हें हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा पंजीकृत स्थानीय होटलों एवं इकाइयों में ठहरने की अनुमति प्रदान की जाएगी।

प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा समय.समय पर जारी किए गए दिशा.निर्देशों के अन्तर्गत जिला प्रशासन की अनुमति के पश्चात ही बागवानोंए कृषकों और ठेकेदारों द्वारा प्रदेश के बाहर से श्रमिकों को लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्वारंटीन अवधि पूरी होने के पश्चात या कोविड.19 की नेगेटिव रिपोर्ट आने के पश्चात ही कार्य स्थल पर कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाएगी।

कोविड.19 से निपटने के लिए ली जाए पीजीआई चंडीगढ़ की मददः राज्यपाल

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीजीआईएमईआर के निदेशक डाॅण् जगत राम के साथ हिमाचल प्रदेश में कोविड.19 स्थिति के बारे में चर्चा की और राज्य में इस महामारी की रोकथाम संबंधित सुझाव मांगे। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए भारत सरकार द्वारा जारी किए गए सभी दिशा.निर्देशों का पालन कर रहा है और केंद्र द्वारा जारी दिशा.निर्देशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश के मापदण्ड अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर हैं क्योंकि राज्य में कोरोना की प्रसार दर पांच प्रतिशत से कम है।

उन्होंने कहा कि राज्य के कोविड.19 जांच और परीक्षण दर अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है और अब तक 1ए27ए555 व्यक्तियों का कोरोना वायरस के लिए परीक्षण किया गया हैए जिनमें से 1ए24ए568 व्यक्ति नेगिटिव पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 1145 व्यक्ति इस बीमारी से ठीक हुए हैं और अब तक केवल 11 लोगों की मृत्यु हुई है।

राज्यपाल ने पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ द्वारा कोविड.19 से लड़ने के प्रयासों और व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि डाॅक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ अपनी जान खतरे में डालकर मरीजों का इलाज करने का सराहनीय काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि अस्पताल द्वारा अब तक कोविड.19 के लिए 15ए000 से अधिक परीक्षणए विशेष प्रयोगशालाएं स्थापित की गई और मरीजों का इलाज करने के लिए प्लाज्मा थेरेपी भी शुरू की गई है।

बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि इस महामारी को रोकने के लिए ट्रेसिंगए परीक्षण और उपचार महत्वपूर्ण है। उन्होंने पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ को इस महामारी से निपटने में हिमाचल प्रदेश की कार्यप्रणाली का अवलोकन करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उपचार के लिए आवश्यक दवाओं की आपूर्ति कम है और इसकी कालाबाजारी भी की जा रही हैए जिसकी जाँच की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कोविड.19 के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुएए पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ को प्रदेश के कोविड केयर सेंटरों का अध्ययन करने के लिए पर्यवेक्षकों की एक टीम को भेजने और राज्य के डाॅक्टरों के साथ विचार.विमर्श करके राज्य को इसमें सुधार संबंधी एक रिपोर्ट भेजने के लिए भेजने के लिए कहा।

डाॅण् जगत राम ने पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ द्वारा कोरोना वायरस से लड़ने के लिए किए गए विभिन्न प्रयासों का प्रस्तुतीकरण करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश कोविड.19 मामलों में अच्छा कार्य कर रहा है और रिकवरी दर भी अच्छी है। उन्होंने कहा कि पीजीआईएमईआर ने प्लाज्मा और स्टीराॅइड थेरेपी की सुविधा शुरू की है और यह सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है ताकि रोगियों के साथ कम संपर्क हो। उन्होंने राज्यपाल को आश्वासन दिया कि पीजीआईएमईआरए चंडीगढ़ इस महामारी से निपटने में हिमाचल सरकार की मदद करने के लिए हमेशा तत्पर है।

 

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