हिमाचली किसानों की आर्थिकी को संवारेगी अब हींग और केसर की खेती

 

राज्य के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चलेगी जयराम सरकार की यह योजना

 

नार्थ गजट न्यूज। शिमला

 

हिमाचल प्रदेश सरकार किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चम्बा जिले के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए इन क्षेत्रों में कृषि से संपन्नता योजना के तहत हींग और केसर की खेती को प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात आज वर्ष 2020-21 के लिए बजट आश्वासनों पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत राज्य के लगभग एक लाख किसानों को प्राकृतिक कृषि अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक 20 हजार हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी तथा उनके उत्पादों को रासायनिक खाद मुक्त होने के कारण अच्छे मूल्य भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजस्व विभाग में कार्यरत अंशकालीन श्रमिकों के मानदेय को प्रतिमाह 3500 रुपये से बढ़ाकर 3800 रुपये किया गया है। इसी प्रकार नंबरदारों के मानदेय को 1500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये किया गया है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार करसोग के कुलथ, पांगी के ठांगी, चंबा के धातु शिल्प, चंबा की चुख और भरमौर के राजमाह को भौगोलिक संकेतक के रूप में पंजीकृत करवाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों को बेहतर बाजार भी मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि लाभार्थियांे को विभिन्न योजनाओं के लाभ सीधे हस्तांतरण के माध्यम से प्रदान करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केबिनेट की बैठकों को कम्प्यूटरीकृत करने तथा पेपरलेस बनाने के लिए ई-केबिनेट साॅफ्टवेयर का प्रयोग करने के प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सेवारत सैनिकों तथा स्वतन्त्रता सेनानियांे के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा के लिए पूर्व सैनिकों द्वारा किए गए कार्य को मान्यता प्रदान करने के लिए युद्ध जागीर के लाभार्थियों को मिलने वाली वार्षिक अनुदान राशि को पांच हजार रुपये से बढ़ाकर सात हजार रुपये प्रतिवर्ष किया गया है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि स्वदेश दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार की अनुमति को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत मंडी में शिवधाम विकसित किया जाएगा, इसके अतिरिक्त रिवाल्सर, बाबा नाहर सिंह मंदिर बिलासपुर, कालेश्वर मंदिर डाडा सिब्बा, अवाह देवी मंदिर हमीरपुर, कुल्लू जिला के मणिकर्ण, सिरमौर जिला के त्रिलोकपुर मंदिरों का विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य के विभिन्न भागों में पांच नए हेलीपोर्ट निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के सितम्बर माह तक शिमला में हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नई कल्याणकारी योजनाओं पर कार्य आरंभ करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नई आरंभ की गई पंचवटी व उन्नति योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की मदद में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण काश्तकारों को उनके उत्पादों के विपणन के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने में सहायता करेगी।

मुख्य सचिव अनिल खाची ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रशासन राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा तथा सभी विकासात्मक परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा किया जाएगा। प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जेसी शर्मा, सचिव पर्यावरण और विज्ञान प्रौद्योगिकी रजनीश, सचिव सचिवालय प्रशासन और सामान्य प्रशासन कुमार, सचिव ग्रामीण विकास और पंचायती राज संदीप भटनागर, सचिव वित्त अक्षय सूद, विशेष सचिव कृषि राकेश कंवर और मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डीसी राणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।