Good News..मोदी सरकार ने बढ़ाई हिमाचल के कर्ज लेने की लिमिट

अब सालाना 3 हजार करोड़ अतिरिक्त कर्ज ले सकेगी हिमाचल सरकार

नार्थ गजट न्यूज । शिमला

केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाकर तीन प्रतिशत से पांच प्रतिशत कर दिया है। इससे हिमाचल प्रदेश सरकार हर साल लगभग 3 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज ले सकेगी। वर्तमान में राज्य सरकार की कर्ज लेने की सीमा लगभग 4600 करोड़ रूपए है। अब राज्य सरकार लगभग 7500 करोड़ का सालाना कर्ज ले सकेगी। राज्य सरकार के लोन लेने की सीमा अब कुल सकल घरेलु उत्पाद का 5 प्रतिशत होगी जो पहले तीन प्रतिशत थी। इससे राज्य सरकार को कोविड संकट में निबटने में मदद तो मिलेगी ही, तो इसके साथ ही राज्य के विकास का पहिया भी नहीं थमेगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों की उधार सीमा जीएसडीपी की मौजूदा 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने के निर्णय का स्वागत किया।

जय राम ठाकुर ने कहा कि देश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को स्तरोन्नत करने की घोषणा से भविष्य में कोविड जैसी स्थिति से निपटने में देश की सक्षम बनाने के निर्णय की भी सराहना की। इससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य क्षेत्र की अधोसंरचना सुदृढ़ करने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश में वैलनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे तथा सभी जिला स्तरीय अस्पतालों में अलग संक्रमण रोग ब्लाॅक स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य परीक्षण प्रयोगशाला नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। देशभर में खंड विकास स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। उन्होनंे कहा कि इससे स्वास्थ्य आधारभूत ढांचे में और सुधार होगा और देश में आने वाली किसी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार होगा।

मुख्यमंत्री ने देश में ई-लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा विभिन्न माध्यमों से डिजिटल शिक्षा के लिए प्रधानमंत्री ई-विद्या कार्यक्रम आरम्भ करने की भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र एक डिजिटल प्लेटफाॅर्म’ के स्थापना की जाएगी और समर्पित टीवी चैनल्स के माध्यम से ई-लर्निंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को घर से ही शिक्षा ग्रहण करने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और भविष्य में लाॅकडाउन के कारण उनकी पढ़ाई में कोई भी बाधा नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि विशेष ई-प्लेटफाॅर्म के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

जय राम ठाकुर ने कहा कि एसएमएसई को डिफाल्टर ऋण के रूप में वर्गीकृत किए जाने से छूट देने की घोषणा से एमएसएमई के खिलाफ अगले एक साल के लिए कोई दिवालिया कार्यवाही नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के लिए एक नई नीति लाने का प्रस्ताव हैजिसमें सभी क्षेत्रों को निजी क्षेत्र के लिए खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के खराब स्थिति वाले सार्वजनिक उपक्रमों को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।