Curfew : हिमाचल में रोजाना छूट की अवधि 14 घंटे हुई

अंतर जिला बसें सोमवार से आरम्भ हो जाएंगी

 

नार्थ गजट न्यूज।

हिमाचल सरकार ने लाकडाउन 4 के खत्म होने के बाद और केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए  Curfew में छूट की अवधि को बढ़ाकर रोजाना 14 घंटे करने का निर्णय लिया है।Curfew  में छूट का समय सुबह 6 बजे से लेकर रात के आठ बजे तक रहेगा। इस दौरान वाहनों की आवाजाही बिना Curfew pass के रहेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में रविवार को Video Conferencing  के माध्यम से जिलाधीशों और एसपी के साथ  lockdown 5 को लेकर आयोजित हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर जिला बसें सोमवार से आरम्भ हो जाएंगी, इसलिए बसों में और बस अड्डों पर उचित सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए।  उन्होंने कहा कि उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को सभी बस अड्डों पर भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध करवाना होगा। उन्होंने कहा कि बसों में 60 प्रतिशत से अधिक यात्री नहीं होने चाहिए और चालक, परिचालकों को स्वास्थ्य विभाग के सभी सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।
जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) सम्बन्धित प्रभावी प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को सामाजिक दूरी के प्रति जागरूक करने के लिए बस अड्डों व अन्य स्थानों पर होर्डिंग लगाने, लोगों को मास्क का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के अलावा और उद्घोषणाओं के लिए ध्वनि प्रसार संयत्र की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जिलों में लोगों की आवाजाही के लिए बिना किसी पास के अनुमति होगी, लेकिन अंतरराज्यीय आवाजाही के लिए पास की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लोगों को क्वारंटीन में रहना होगा। उन्होंने कहा कि रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा और अन्य क्षेत्रों से आने वाले लोगों को होम क्वारंटीन में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वारंटीन में रखे गए लोगों को कोविड-19 टैस्ट नेगेटिव आने के बाद ही घर जाने की अनुमति दी जाएगी।
जय राम ठाकुर ने कहा कि 25 अप्रैल से अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 1.60 लाख से अधिक हिमाचलवासी राज्य में वापिस पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 91,000 को होम क्वारंटीन और 7000 से अधिक को संस्थागत क्वारंटीन में रखा गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पाॅजिटिव मरीजों के सम्पर्कों का पता लगाने और स्क्रीनिंग करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि उन लोगों का समय पर उपचार और वायरस को फैलने से रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वारंटीन सुविधाओं को मजबूत तथा अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों को बड़े पैमाने में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे लोगों को होम क्वारंटीन नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित करें।