हरियाणा में अब तक स्वाईन फ्लू के चार मामले सामने आए

चंडीगढ, 9 जनवरी-
हरियाणा में अब तक स्वाईन फ्लू के चार मामले सामने आए हैं जिनमें से दो मामले फरीदाबाद और दो मामले गुडगांव से हैं।

एक मरीज को गुडगांव में उपचाराधीन किया गया जिसकी आज छुट्टïी कर दी जाएगी। शेष मरीजों को घर पर निगरानी व उपचाराधीन रखा गया है। राज्य में स्वाईन फ्लू से संबंधित से दवाई टैमी फ्लू का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध करवाया गया है।

यह जानकारी आज स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वाईन फ्लू के संबंध में की जा रही तैयारियों की समीक्षा बैठक में दी।

उन्होंने बताया कि मीडिया में यह समाचार था कि स्वाईन फ्लू से हरियाणा में एक मरीज की मृत्यु हुई है, जबकि यह मरीज प्रीत विहार, दिल्ली से संबंधित था।

उन्होंने बताया कि स्वाईन-फ्लू को एक सीजनल इन्फलूयंजा घोषित किया गया है, इस इन्फलूंजा एच1-एन1 सेनिपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इस संबंध में उन्होंने प्रदेश के सभी सिविल सर्जन को दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि सभी सर्जनों को स्वाईन-$फ्लू के लक्षणों वाले मरीजों में कडी नजर रखने के भी निर्देश दिए हैं और सभी जिले स्वाईन-फ्लू के मामले पहचान, परीक्षण, अलग करने और उपचार के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। सिविल सर्जनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन्फलूंजा एच1-एन1 से प्रभावित व्यक्तियों को सांस लेने में कठिनाई होने पर उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाकर उपचार दिया जाए। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिले इन्फलूंजा एच1-एन1 की रिपोर्ट में भेज रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इन्फलूंजा एच1-एन1 से बचाव के लिए अपने मुंह को रूमाल या टिशू से ढककर रखें। अपने हाथों को साबुन से हमेशा धोएं, अपनी आंखों, नाक व मुंह को बार-बार छूने से बचें, भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें, स्वाईन-फ्लू से प्रभावित व्यक्तियों से एक हाथ दूरी रखें और काफी मात्रा में पानी और पोषण आहार लें।
उन्होंने बताया कि स्वाईन फ्लू से बचाव के लिए किसी से हाथ न मिलाएं और गले भी न मिलें तथा डाक्टर की सलाह के बगैर कोई दवाई न लें।