हरियाणा पुलिस में 11,000 सिपाही और 400 उप-निरीक्षकों की सीधी भर्ती

नॉर्थ गज़ेट न्यूज़/चण्डीगढ़
हरियाणा सरकार ने पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो, केन्द्रीय गृह मंत्रालय की सिफारिशों के अनुसार राज्य पुलिस में सीधी भर्ती के लिए ‘पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया’ प्रणाली अपनाने का निर्णय लिया है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा पुलिस में इस समय सिपाहियों के लगभग 11,000 पद और उप-निरीक्षकों के लगभग 400 पद सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने हैं।

उन्होंने बताया कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत सिपाही के पद के लिए साक्षात्कार या व्यक्तित्व परीक्षण नहीं लिया जायेगा तथा पारदर्शिता, विश्वसनीयता एवं दक्षता के साथ-साथ टेस्ट का तेजी से समय पर पूरा होना सुनिश्चित करने के मद्देनजर चयन प्रक्रिया के दौरान आयोजित किये जाने वाले विभिन्न टेस्टस में मानकीकृत आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं उपकरणों का उपयोग किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम सभी पात्र उम्मीदवारों की शारीरिक फिटनेस एवं सहनशीलता की जांच करने के लिए शारीरिक स्क्रीनिंग टेस्ट लिया जायेगा। यह टेस्ट केवल योग्यता जांच के लिए होगा और इसमें अंक नहीं दिये जायेंगे। शारीरिक स्क्रीनिंग टेस्ट के दौरान सभी पात्र उम्मीदवारों को एक निर्धारित समय सीमा में तय दूरी तक दौड़ लगानी होगी। उम्मीदवारों द्वारा दौड़ पूरी करने के लिए लिये गये समय का रिकार्ड करने हेतू आरएफआईडी चिप टाइमिंग तकनीक का प्रयोग किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि केवल शारीरिक स्क्रीनिंग टेस्ट उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को शारीरिक माप टेस्ट नामक एक अन्य शारीरिक स्क्रीनिंग टेस्ट देना होगा जिसके तहत जांच की जायेगी कि वह निर्धारित शारीरिक मानदण्ड पूरे करता है या नहीं। यह टेस्ट भी केवल योग्यता जांच के लिए होगा और इसमें भी अंक नहीं दिये जायेंगे। उम्मीदवारों का शारीरिक माप रिकार्ड करने के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग किया जायेगा तथा डाटा के कम्प्यूटर में जाने से पहले उम्मीदवार भी डिजिटल मोनिटर पर अपने माप को देख सकेंगे।

उन्होंने कहा कि शारीरिक स्क्रीनिंग टेस्ट और शारीरिक माप टेस्ट उत्तीर्ण करने वाले सभी उम्मीदवारों को 100 अंकों की एक प्रतिस्पर्धी ज्ञान परीक्षा देनी होगी जिसमें बहुविकल्प वस्तुनिष्ठï प्रश्न पूछे जायेंगे तथा अंतिम चयन के लिए उम्मीदवारों की मैरिट निर्धारित करने के लिए इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान होगा। उन्होंने कहा कि वस्तुनिष्ठï ज्ञान परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का आकलन करने के लिए ओएमआर स्कैनिंग तकनीक का उपयोग किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि उप-निरीक्षक के पद पर चयन के लिए अपनाई जाने वाले चयन प्रक्रिया में केवल 10 अंकों का साक्षात्कार एवं व्यक्तित्व परीक्षण शामिल होगा, जिसमें पुलिस सेवा के लिए उम्मीदवारों की उपयुक्तता की जांच करने के लिए अनुभवी मनोचिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएंगी।