वन विकास निगम की बैठक सम्पन्न

धर्मशाला, 06 जनवरी:
हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के निदेशक मंडल की 185वीं बैठक आज धर्मशाला में वन मंत्री ठाकर सिंह भरमौरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस अवसर पर वन विकास निगम से संबंधित 20 से भी अधिकमुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

इस अवसर पर पिछली बैठक में हुए निर्णयों की कार्यवाही पर व्यापक मंथन किया गया तथा गत वित्तीय वर्ष और चालू वित्त वर्ष के दौरान किए गए विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इस मौके पर विभाग में 31 मार्च, 2012 तक सात वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले दैनिक भोगी कर्मचारियों की नियमित करने बारे भी चर्चा की गई।
ठाकर सिंह भरमौरी ने राज्य वन विकास निगम के संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वह न्यायालय में चल रहे मामलों को अपने स्तर पर हल करने की पहल करें। कुशल, अकुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की आरएनटी फैक्टरी में भर्ती बारे चर्चा की गई। जनजातीय क्षेत्रों में ईंधन के तौर पर प्रयुक्त होने वाली लकड़ी की उपलब्धता एवं अदायगी बारे भी चर्चा की गई।

इस अवसर पर वन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया ने राज्य वन विकास निगम की कार्यप्रणाली में सुधार के चलते आय में बढ़ौतरी तथा कार्यकुशलता के संदर्भ पर चर्चा करते हुुए बताया कि ई-टैंडरिंग प्रणाली के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन विभाग तरूण श्रीधर, पीसीसीएफ एस.सी.श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक जेएस वालिया, कार्यकारी निदेशक एसके शर्मा, निदेशक एफएंडपी बीडी सूयाल, वन निदेशक यद्युपति, सुभाष चंद, संजु राम इत्यादि उपस्थित थे।