सुनवाई में शामिल नहीं हुई नोट कांड की आरोपी जस्टिस निर्मल यादव

चंडीगढ़।
पांच वर्ष पुराने जज नोट कांड केस में शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पूर्व जस्टिस निर्मल यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाने को लेकर एक बार फिर बहस टल गई। जस्टिस निर्मल यादव के वकील ने शनिवार को अदालत में जस्टिस यादव के अस्वस्थ होने के चलते अदालत से पेशी की छूट मांगी। वहीं एक अन्य आरोपी होटलियर रविंदर सिंह भसीन के वकील ने अदालत से कहा कि उनके घर में शादी है, जिसके चलते वे पेश नहीं हो सकते। गौरतलब है कि पिछली कई तारीख से पूर्व जस्टिस निर्मल यादव बीमारी का हवाला देते हुए पेशी से छूट ले रही हैं।
सीबीआई स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर अनुपम गुप्ता ने अदालत से कहा कि पूर्व जस्टिस निर्मल यादव ने उनके खिलाफ अभियोग चलाने संबंधी दस्तावेज हासिल करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है। उस याचिका पर 6 मई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने इससे पहले ही जस्टिस यादव के वकील को अभियोग से संबंधित दस्तावेज की फोटो प्रति देने से इनकार कर दिया था। सीबीआई अदालत ने सिर्फ दस्तावेज इंस्पेक्शन की इजाजत दी थी। जिस पर जस्टिस यादव के वकील ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
13 अगस्त,2००8 की रात को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील संजीव बंसल जो उस समय हरियाणा एडीशनल एडवोकेट जनरल के पद पर कार्यरत थे, ने अपने मुंशी को जस्टिस यादव के यहां 15 लाख रुपये देने के लिए भेजा था। लेकिन मुंशी ने गलती से यह रकम जस्टिस कौर के यहां दे दी थी। इस पर चंडीगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर संजीव बंसल, मुंशी प्रकाश राम, राजीव और निर्मल सिंह को गिरफ्तार किया था। जस्टिस यादव का नाम आने पर मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति न मिलने की सूरत में क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी, लेकिन तत्कालीन सीबीआई जज ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए मामले में जांच जारी रखने के निर्देश दिए थे।