हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की हंगामेदार शुरूआत, भाजपा ने सदन में किया हंगामा

शिमला, 12 मार्च ।
आज से आंरभ हुए हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र की शुरूआत हंगामेदार रही है। विपक्षी पार्टी भाजपा ने प्रश्रकाल के आंरभ होते की सदन में फोन टेपिंग और अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से चल रही योजनाओं के नाम बदलने पर भाजपा की ओर से दिए गए काम रोक प्रस्ताव पर बहस कराने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी बुटेल द्वारा इसकी अनुमति न दिए जाने पर भाजपा विधायकों ने सदन में अपनी-अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा की ओर से सदन की कार्यवाही समाप्त होने तक नारेबाजी की जाती रही और इसी बीच सरकार ने सदन में अपना काम काज भी निपटा दिया।
भाजपा ने फोन टेपिंग और अटल योजनाओं के नाम बदलने पर स्पीकर को काम रोको प्रस्ताव दिया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक सुरेश भारदवाज ने अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से धूमल सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के नाम बदलने का विरोध किया और इस मसले पर बहस करने की मांग की।
भाजपा विधायक राजीव बिंदल ने फोन टेपिंग पर सरकार से बहस कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि फोन टेपिंग पर कभी कुछ बयान आता है तो कोई कुछ सूचना लीक कर रहा है। सीएम कुछ बोलते है तो पार्टी कार्यकर्ता और पार्टी अध्यक्ष कुछ कह रहे है।

स्पीकर ने सता पक्ष से कहा कि अगर वो फोन टेपिंग पर अपना पक्ष रखना चाहे तो रख सकता है। इस पर सीएम वीरभद्र सिंह ने फोन टेपिंग पर सदन में बयान देकर सरकार का पक्ष रख दिया। लेकिन भाजपा की नारेबाजी चलती रही और सदन में कुछ सुनाई नहीं दिया।
स्पीकर ने विपक्ष को शांत करने का प्रयास करते हुए कहा कि उन्हें दोनों प्रस्ताव उन्हें मिले है अभी इस पर बहस नहीं कराई जा सकती। इस पर भापजा विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल और पूर्व स्पीकर गुलाब सिंह समेत सारे विधायक सदन में खड़े हो गए और इन दोनों प्रस्तावों पर चर्चा कराने की मांग करते रहे। इसी बीच एक मौका ऐसा भी आया जब पक्ष के सदस्य भी कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। विपक्ष सदन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम के नारे भी लगाता रहा।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अनिल शर्मा का सदन में बतौर मंत्री परिचय कराया। सता पक्ष ने इस बीच प्रश्न काल में कामकाज निपटा दिया और डिप्टी स्पीकर को भी चुन लिया। 11 बजकर 20 मिनट पर स्पीकर ने प्रश्रकाल हंगामे के बीच आंरभ किया। विपक्ष के सदस्यों ने अपनों पूछे गए प्रश्रों में भाग नहीं लिया। पक्ष के सदस्यों ने प्रश्रकाल में भाग लिया। इसी बीच प्रश्रकाल समाप्त होने के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष के लिए किन्नौर से कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी को चुना गया।
इस बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 870 करोड़ 16 लाख 39 हजार 392 रुपए की अनुपूरक अनुदान मांगे सदन में पेश की।