भाजपा का वाजपेयी का नाम योजनाओं से हटाने पर सदन से वॉकआउट

शिमला, 13 मार्च । हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी भाजपा का हंगामा जारी रहा। भाजपा ने सदन में उनके कार्यकाल में आरंभ हुई वाजपेयी के नाम की योजनाओं से पूर्व प्रधानमंत्री का नाम हटाने को लेकर हंगामा किया। भाजपा की मांग थी कि उन्होंने स्पीकर के पास इस विषय को लेकर काम रोको प्रस्ताव दे रखा है जिस पर आज चर्चा करवाई जाए। लेकिन स्पीकर से समय न मिलने पर भाजपा ने सदन में नारेवाजी की और बाद में वॉकआउट किया।
वहीं,फोन टेपिंग के मसले पर जांच पूरी होने तक कुछ भी पब्लिक नहीं होगा। सीएम मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को सदन में कहा कि ये मामला बेहद संगीन है और इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत कुछ भी पब्लिक नहीं किया जा सकता। सीएम ने कहा जांच जारी है। जिस पर विपक्ष भी मान गया लेकिन अपने दूसरे प्रस्ताव पर चर्चा करने को अडा रहा। टेलीफोन टेपिंग के मसले पर चर्चा करने को लेकर भाजपा ने मंगलवार को भी सदन में नारेबाजी की थी। फौन टैपिंग पर स्पीकर बृज बिहारी बुटेल ने कहा कि इस मसले पर अब विराम लग गया है और विधानसभा में इस समय इस पर चर्चा नहीं हो सकती।

फोन टेपिंग मामले पर चर्चा न होने के निर्णय के बाद भाजपा विधायक सुरेश भारदवाज ने अटल के नाम पर चलाई गई योजनाओं के बदलने और शिक्षण संस्थानों को बंद करने के मामले पर दिए गए काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा करने की मांग की।
सदन में करीव बीस मिनट का समय स्पीकर का विपक्ष को समझाने में लग गया कि उनके प्रस्ताव को वे देखेंगे और इस पर बाद में चर्चा करवाई जाएगी। इस पर विपक्ष ने हल्ला करना आंरभ कर दिया। 11 बजकर 20 मिनट पर स्पीकर ने कल की तरह हंगामे में ही प्रश्रकाल आरंभ कर दिया। पूरा प्रश्रकाल कल की तरह ही हंगामे के बीच चला। बुधवार को भी भाजपा के सदस्यों ने प्रश्रकाल में उनके द्वारा पूछे गए प्रश्रों में भाग नहीं लिया।
इस बीच कौल सिंह ने कहा विपक्ष की ओर कहा कि उन्होंने भी तो अपने कार्यकाल में 167 स्कूल बंद कर दिए थे। वो ये क्यों भूल गए। इस पर भाजपा ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर स्पीकर ने कहा कि प्रस्ताव उनके अधीन है उन्हें फैसला लेने दिया जाए। विपक्ष ने मांग की कि आज ही चर्चा कराई जाए।
इस इस बीच विपक्ष के नेता धूमल ने उठ कर स्पीकर से आग्रह किया कि भाजपा की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर आज ही चर्चा कराई जाए। चूंकि से मामला महत्वपूर्ण है इसलिए अगर प्रश्न काल या लंच के बाद जब भी स्पीकर चाहे इस मसले पर चर्चा कराई जा सकती है। आगे बजट की वजह से समय नहीं मिलेगा।
विपक्ष के शोरगुल के बीच संसदीय कार्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार योजनाओं के नाम बदलने पर चर्चा करने को तैयार है। साथ ही कौल सिंह ने कहा कि चर्चा कराने का फैसला स्पीकर को लेने दिया जाए। भाजपा स्पीकर को फैसला लेने के लिए मजबूर कर रही है।

प्रश्नकाल के बाद सीएम ने सदन में आर्थिक सर्वेक्षण पटल पर रखा। अटल योजना पर बहस न होने से नाराज भाजपा सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। जब मुख्यमंत्री सदन में आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर रहे थे तब भी विपक्ष ने उनके प्रस्ताव पर स्पीकर द्वारा समय न दिए जाने पर सदन से वॉआउट किया।