फौन टैपिंग पर वीरभद्र ने धूमल पर साधा निशाना, धूमल ने आरोपों को नकारा

शिमला, 12 मार्च ।
फौन टैपिंग को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल पर निशाना साधा है जबकि धूमल ने इन आरोपों से इनकार किया है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि वे यह सिद्व करके बताएं।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि फौन टैपिंग के समय गृह मंत्रालय का विभाग मुख्यमंत्री के पास था। ऐसे में वे इसकी नैतिक जिम्मेदारी से कैसे बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह काम सरकार के इशारे पर हुआ होगा और इसमें कुछ पूर्व पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत भी हो सकती है।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय कभी भी फोन टैप नहीं किए गए। यह घिनौने काम भाजपा की सरकार के सयम में ही हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जब वे विपक्ष में थे तो उनकी हिमाचल भवन दिल्ली और चण्डीगढ में जासूसी भी की गई। वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार इस समय फौन टैप किए गए नबंरों को सार्वजनिक नहीं कर सकती। वीरभद्र सिंह ने कहा इस मामले की जांच जारी है और सरकार इस मामले में आपराधिक मामला दर्ज करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
धूमल ने इन सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि कांग्रेस राजनीति लाभ के लिए इस मामले को उठा रही है। धूमल ने कहा कि 2003 में भी कांग्रेस सरकार ने उनके खिलाफ हार्ड डिस्क का मामला उठाया था जो कि पूरी तरह से राजनीतिक था। धूमल ने पलटबार करते हुए कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकारों के समय ही टैप की हुई सीडिय़ां सामने आई हैं। इससे सिद्व होता है कि कांग्रेस हमेशा फौन टैप करवाती है।
धूमल ने कहा कि इससे पहले भी कांग्रेस नेताओं से जुड़ी सीड़ी सामने आ चुकी है, वह किसने टैप की थी। धूमल ने कहा कि भाजपा पहले फौन टैपिंग की उच्च न्यायालय से सीटिंग जज से जांच करवाने की मांग कर चुकी है।
गौरतलब है कि बीते वर्ष 24 और 25 दिसबंर की रात को सीआईडी और विजिंलेस के कंप्यूटरों को सीज किया गया था। फौन टैपिंग सरकार द्वारा वनाई गई कमेटी के द्वारा 1,371 फौन टैप होने की बात सामने आई है। इसी के चलते पूर्व पुलिस महानिदेशक आई.डी भण्डारी को हटाया गया था और उनकी जगह विमल कुमार को प्रदेश नया पुलिस महानिदेशक बनाया गया था।