पूर्व भाजपा सरकार ने ईको टूरिज्म प्रोजेक्टों को कोडिय़ों के भाव बेचा : वन मंत्री

पूर्व भाजपा सरकार ने ईको टूरिज्म प्रोजेक्टों को कोडिय़ों के भाव बेचा : वन मंत्री
शिमला, 13 मार्च । राज्य में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में तीन इको टूरिज्म प्रोजेक्टों को कुछ निजी पार्टियों को कोडिय़ों के भाव में आवंटित किया गया। यह बात वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौर ने प्रश्नकाल के दौरान सदन में कही। कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने सवाल किया कि चंबा के डल्हौजी में इको टूरिज्म के नाम पर वन विश्राम गृह को पांच सितारा होटल में बदला गया और यहां ठहरने के भारी-भरकम दाम बसूले जाते हैं। उन्होंने कहा कि होटल में एक रात रूकने के प्रति कमरे के हिसाब से 15 हजार रूपये का किराया है।

डलहौजी से कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने मांग की है कि इस मामले में जांच की आवश्यकता है क्योंकि इकोटूरिज्म के नाम पर एक घोटाला हुआ है। उन्होंने विश्राम घरों को वापिस वन विभाग में लाने की मांग की।
वन मंत्री ने बताया कि पूर्व धूमल सरकार ने ईको टूरिज्म को विकसित करने के लिए तीनों वन विश्राम गृहों को नागपुर की गौरव जैन फर्म को आवंटित किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने राज्य के हितों के विपरीत तथा नियमों-कायदों को ताक पर रखकर तीनों प्रोजेक्ट चिन्हित लोगों को दिए। पूर्व सरकार ने इन प्रोजेक्टों को पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने की बजाय व्यावसायिक दृष्टि से आवंटित किया। उन्होंने कहा कि वन विभाग की तीन कैंटीन साइटस भी निजी पार्टियों को दी गईं, इस पर जांच जारी है और अनियमितताएं पाए जाने पर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।