हिमाचल प्रदेश को सर्वाधिक आकर्षक निवेश गंतव्य राज्य का पुरस्कार

शिमला, 15 दिसबंर ।
भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा एकत्रित डाटा के आधार पर हिमाचल प्रदेश को देश का ‘सर्वाधिक आकर्षक निवेशक गंतव्य राज्य’ आंका गया है। राज्य का औद्योगिक निवेश वर्ष 2011-12 में बढक़र 116 प्रतिशत हो गया, जो देश में सर्वाधिक है। राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने आज नई दिल्ली में पीएचडी चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल को यह पुरस्कार प्रदान किया।
प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने इस अवसर पर कहा कि पिछले चार वर्षांे के दौरान राज्य की आर्थिकी 8.3 प्रतिशत की औसत दर से बढ़ी है और वर्ष 2011-12 में सकल घरेलू राज्य उत्पाद 63 हजार 84 करोड़ रुपये हो गया जो वर्ष 2007-08 में 33 हजार 963 करोड़ रुपये था। तीव्र विकास के दृष्टिगत राज्य की प्रति व्यक्ति आय 73 हजार 608 रुपये अनुमानित है जो वर्ष 2007-08 में 43 हजार 966 रुपये थी। यह राष्ट्र स्तर पर प्रति व्यक्ति आय से 20 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 से प्रदेश में 19 हजार 99 करोड़ रुपये के निवेश से 5 हजार 775 औद्योगिक इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे 2.17  लाख व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। इस अवधि के दौरान 10,555 करोड़ रुपये के निवेश से 4 हजार 450 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं जिनमें 59,665 व्यक्तियों को रोज+गार के अवसर प्रदान किए गए। इनमें मध्यम व बड़े स्तर की 122 इकाइयां शामिल हैं। पिछले चार वर्षांे में राज्य स्तरीय एकल खिडक़ी स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 37 बैठकें आयोजित की गईं जिनमें 247 नए निवेशों व 157 विस्तार इकाइयों का अनुश्रवण एवं मंजूरी प्रदान की गई। इनमें 23,777 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार और कन्टेनर कार्पाेरेशन ऑफ इंडिया ने बद्दी में 57.45 करोड़ रुपये की लागत से इन्लेंड कन्टेनर डिपो के निर्माण के लिए समझौता किया है। इससे गोदामों में उत्पाद की मांग को पूरा किया जा सकेगा और राज्य में औद्योगिक इकाइयों का आयात एवं निर्यात भी सुनिश्चित होगा। इस डिपो का पहला चरण शीघ्र कार्य आरंभ करेगा। राज्य की दूर संचार अधोसंरचना भी देश के श्रेष्ठ राज्यों में है और यहां बेहतर सडक़ सम्पर्क सुविधा उपलब्ध है। हिमचल अतिरिक्त ऊर्जा वाला राज्य है जहां सभी गांवों को बिजली सुविधा दी गई है। प्रदेश में सरकारी, निजी एवं पब्लिक स्कूलों का एक सुदृड़ नेटवर्क है जिनमें से कुछ विश्व ख्याति प्राप्त हैं।
नई औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार औद्योगिक पैकेज समाप्त होने के बाद भी अनेक प्रोत्साहन दे रही है जिनके अंतर्गत प्रथम अप्रैल, 2012 से सभी इकाइयों को पांच वर्षांे के लिए विद्युत शुल्क पर पांच प्रतिशत छूट भी शामिल है। 23 नवंबर 2012 से औद्योगिक उपकरणों, कच्चे माल व पैकिंग सामग्री पर पांच प्रतिशत की दर से रियायती वैट वसूल किया जा रहा है।