वीरभद्र सिंह ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, रिकॉर्ड छठी बार बने हिमाचल के मुख्यमंत्री

नौ कैबिनेट मंत्रियों ने भी ली शपथ, कांगड़ा से तीन, मण्ड़ी और शिमला से बने दो-दो मंत्री
मुकेश अग्रिकोत्री, सुधीर शर्मा और धनी राम शांडि़ल पहली बार बने मंत्री
शिमला, 25 दिसंबर।
वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को शिमला के एतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में छठी बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल श्रीमती उर्मिला सिंह ने प्रात: 10:40 बजे वीरभद्र सिंह को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर हजारों की संख्या में जन सैलाब उमड़ा। निर्वाचित विधायक, पूर्व विधायक, राजस्थान एवं पंजाब राज्यों के विधायक और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी समारोह में मौजूद रहे। वीरभद्र सिंह इस बार शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से आठवीं बार विधायक वने हैं। इससे पहले वे दो बार जुब्बल कोटखाई और पंाच बार रोहडू से विधायक रह चुके हैं। वीरभद्र सिंह इससे पहले पांच बार मण्डी संसदीय क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं। बर्तमान में भी वे मण्डी से सांसद थे।
प्रदेश मंत्रीमण्डल के नौ सदस्यों ने भी इस अवसर पर शपथ ग्रहण की। इनमें ठियोग विधानसभा क्षेत्र से विद्या स्टोक्स, दं्रग से कौल सिंह ठाकुर, नगरोटा-बगवां से जी.एस. बाली, फतेहपुर से सुजान सिंह पठानिया, भरमौर से ठाकुर सिंह भरमौरी, हरोली से मुकेश अग्निहोत्री, धर्मशाला से सुधीर शर्मा, बल्ह से प्रकाश चौधरी और सोलन से डॉ. धनीराम शांडिल शामिल हैं।
नए मंत्रियों में से तीन कांगड़ा जिला से हैं। जबकि दो-दो मंत्री मण्ड़ी और शिमला जिला से बनाए गए हैं। एक-एक मंत्री ऊना, चंबा और सोलन जिला से बनाया गया है। मंत्रिमण्ड़ल में ब्राहमण समुदाय से तीन और राजपूत समुदाय से भी तीन मंत्री बनाए गए हैं। शपथ ग्रहण समारोह की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री सहित सभी दस मंत्रियों ने हिन्दी में शपथ ली।
केबिनेट में विद्या स्टोकस एक मात्र महिला हैं। वे आठवीं बार शिमला जिला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा पहुंची हैं। ठाकुर सिंह भरमौरी, मुकेश अग्रिहोत्री, सुधीर शर्मा, और धनी राम शांडि़ल पहली बार कैबिनेट मंत्री बने हैं। जबकि कौल सिंह ठाकुर, जी.एस. बाली, सुजान सिंह पठानियां और प्रकाश चौधरी इससे पहले भी मंत्री रह चुके हैं। प्रकाश चौधरी पहली बार कैबिनेट मंत्री वने हैं। भरमौर से मंत्री बने ठाकुर सिंह भरमौरी जनजातीय क्षेत्र से आते हैं। जबकि धनी राम शांडि़ल और प्रकाश चौधरी आरिक्षत वर्ग से संबंध रखते हैं।
कांगड़ा से जी.एस. वाली लगातार चौथी बार नगरोटा विधानसभा क्षेत्र से विधायक वने हैं। जबकि कौल सिंह ठाकुर मण्ड़ी जिला की द्रंग विधानसभा क्षेत्र से आठवीं बार विधायक वने हैं। धनी राम शांडि़ल को पहली बार सोलन विधानसभा क्षेत्र से विधायक वने है। वे इससे पहले शिमला संसदीय क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं और बर्तमान में कांग्रेस बर्किग कमेटी के सदस्य हैं। ऊना जिला से मंत्री बने मुकेश अग्रिहोत्री लगातार तीसरी बार हरोली विधानसभा क्षेत्र से विधायक वने हैं। जबकि सुधीर शर्मा भी धर्मशाला से तीसरी बार विधायक बने हैं। इससे पहले वे बैजनाथ से विधायक थे जो कि डिलीमीटेशन के चलते अब आरक्षित सीट हो गई है।  कांगड़ा जिला से मंत्री बने एक अन्य विधायक सुजान सिंह पठानियां छठी बार फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक वने हैं। प्रकाश चौधरी मण्ड़ी जिला के बल्ह विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक बने हैं।
प्रदेश कैबिनेट में जिन प्रमुख नेताओं को जगह नहीं मिली है, उनमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव आशा कुमारी और पालमपुर से विधायक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बृज बिहारी वुटेल शामिल हैं।
प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित कुल 12 मंत्री हो सकते हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री सहित कुल दस विधायकों ने शपथ ली है। अभी भी कैबिनेट में दो मंत्रियों की जगह खाली है। जबकि सता पक्ष की ओर से अभी विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी बनना अभी शेष है।
मुख्य सचिव एस.रॉय ने समारोह की कार्यवाही का संचालन किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी बीरेन्द्र सिंह, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अनीस अहमद सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी समारोह में शामिल हुए। हिमाचल लोकहित पार्टी के अध्यक्ष महेश्वर सिंह भी इस दौरान उपस्थित थे।
इस दौरान हज़ारों समर्थकों ने पारम्परिक वाद्य-यंत्रों के साथ उनका ज़ोरदार स्वागत किया। वीरभद्र सिंह के निजी निवास ‘हॉली लॉज’ पर भी आज सुबह से ही समर्थकों का तांता लगा रहा। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
शपथ ग्रहण समारोह के उपरान्त श्री वीरभद्र सिंह ने राज्य सचिवालय पहुंचकर अपना कार्यभार संभाला। सचिवालय के बाहर भारी संख्या में लोग एकत्रित थे जिन्होंने छठी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभालने के लिए श्री वीरभद्र सिंह को बधाई दी।