किन्नौरी सेब के उत्पादन में हुई बढ़ोतरी, लाहुलस्पीति का सेब भी पहुंचा मंडिय़ों में

शिमला, 09 नवबंर ।

जनजातीय जिले के किन्नौरी सेब के उत्पादन में इस बार बढ़ोतरी हुई है। जनजातीय जिले किन्नौर से इस वर्ष अब तक करीब 23 लाख 9076 सेब की पेटियां देश की अलग-अलग मंडियों में पहुंच चुकी हैं। जिले के पूह खंड के चांगो, शलखर, रोपा वैली सहित पूह के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों और निचार खंड के कटगांव, कल्पा खंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों से अनुमानित करीब 60 हजार से 1 लाख तक पेटियां और मंडियों में पहुंच सकती हैं। उल्लैखनीय है कि किन्नौर का सेब अक्तूवर माह में मण्डियों में आना आंरभ होता है और दिसबंर तक जारी रहता है। जबकि आमतौर पर सेब का सीजन जुलाई से अक्तूबर के बीच ही होता है।
बीते वर्ष जिले में 23 लाख 94 हजार 799 पेटियों में सेब उत्पादन सिमट गया था। शुक्रवार तक जिले के कल्पा खंड से 8 लाख 28 हजार 724, निचार खंड से 4 लाख 6 हजार 463 और पूह खंड से 10 लाख 73 हजार 889 सेब की पेटियां विभिन्न मंडियों तक पहुंचीं।
उद्यान विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डीपी बंगालिया ने बताया कि अभी जिले के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों से सेब की पेटियां मंडियों में पहुंचना शेष हैं। उन्होंने भी माना कि बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष जिले से अधिक पेटियां निकली हैं।
वहीं दूसरी ओर जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में पांच सालों से सैंपल के रूप में तैयार सेब पक कर तैयार हो गया है। लाहौल के सेब उत्पादकों को सेब का मुंह मांगा दाम मिला है। यहां का सेब 50 से 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिका है। जम्मूृ कश्मीर और हिमाचल का किन्नौरी सेब इन दिनों मंडियों में पहुंच रहा है। बावजूद इसके लाहौल के सेब को बेहतर दाम मिले हैं।
20 किलो सेब पेटी 12 से 15 सौ के बीच बिक रही है। लंबे समय तक ताजा रहने वाले लाहौली सेब स्वाद के साथ पौष्टिक में भी अव्वल दर्जे का है।
शीत मरुस्थल लाहौल में करीब 500 हेक्टेयर भूमि पर सेब के बगीचे सैंपल के तौर पर लगाए हैं। बागवान टोसी देव और राम लाल  ने बताया कि लाहौल का सेब तैयार हो गया है। सेब उत्पादकों को इसका उम्दा भाव मिला है।