शिमला में माकपा प्रत्याशियों ने रोचक बनाई चुनावी जंग

शिमला, 27 सितंबर।

निगम चुनावों की तर्ज पर विधानसभा चुनावों में भी जीत का परचम लहराने के मकसद से माकपा अपनी तैयारियों में जुट गई है। दोनों प्रमुख सियासी पार्टियों भाजपा और कांग्रेस से आगे निकलते हुए माकपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। कॉमरेडों ने एक विशेष रणनीति के तहत जिला की चार सीटों पर जुझारू प्रत्याशी उतारकर चुनावी हुंकार भरी है तथा दोनों प्रमुख दलों के समक्ष एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

माकपा ने जिन चार प्रत्याशियों पर दाव खेला है, उनमें निगम में वर्तमान उपमहापौर, पूर्व विधायक, पूर्व पार्षद और एक समाजसेवी चेहरा शामिल हैं। शिमला शहरी से उपमहापौर टिकेंद्र पंवर, शिमला ग्रामीण से राजीव ठाकुर, कुसुंपटी से कुलदीप तनवर और ठियोग से पूर्व विधायक राकेश सिंघा माकपा की तरफ से चुनाव मैदान में उतरेंगे। इनमें राकेश सिंघा को छोडक़र अन्य सभी प्रत्याशी पहली दफा विस चुनाव में अपनी किस्मत आजमाऐंगे।
शिमला शहर की हॉट सीट पर नगर निगम उपमहापौर टिकेंद्र पंवर चुनाव लडेंगे। इस युवा माकपा प्रत्याशी ने पहली मर्तबा नगर निगम के सीधे चुनावों में जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया था। पंवर का निगम के चुनावों में 17 वार्डों पर बढ़त तथा करीब 22 हजार वोट लेने से विस चुनावों में उनकी दावेदारी पुख्ता नजर आ रही है।

शिमला ग्रामीण से राजीव ठाकुर चुनाव मैदान में हैं। ठाकुर पूर्व में निगम में पार्षद रह चुके हैं। माकपा ने कुसंूपटी से समाजसेवी कुलदीप तनवर को प्रत्याशी उतारा है। तनवर हिमाचल किसान सभा के बैनर तले किसानों, जंगली जानवरों व स्थानीय मुद्दों को उठाते रहे हैं। वहीं ठियोग हल्के से पूर्व विधायक व माकपा के वरिष्ठ नेता राकेश सिंघा ने चुनावी ताल ठोकी है। सिंघा माकपा के कदावर नेता माने जाते हैं और वर्ष 1993 में वह शिमला शहरी सीट से विधायक चुने गए थे।
गौरतलब है कि माकपा इस बार भाकपा और हिलोपा के साथ मिलकर हिमाचल लोक मोर्चा के बैनर तले विधानसभा चुनाव लड़ रही है। माकपा के उम्मीदवार तय होने के बाद अब भाजपा और कांगे्रस के प्रत्याशियों की घोषणाओं पर लोगों की नजरें लगी हैं। हिमाचल की सियासत भाजपा और कांग्रेस दो ध्रवों के इर्दगिर्द ही घूमती रही है। चार माह पहले राज्य की एकमात्र शिमला नगर निगम में माकपा ने बड़ा उलटफेर करते हुए 25 सालों से काबिज कांग्रेस से सिंहासन छीना है। राजनीतिक पंडितों की मानेें तो विस चुनावों में जिले की कई सीटों पर माकपा प्रत्याशी उलटफेर कर सकते हैं।