वीरभद्र सीडी मामले में अगली सुनवाई नवंबर में

 

शिमला, 21 सितंबर ।

विधानसभा चुनावों से पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीरभद्र सिंह के सीडी मामले में साफ-सुथरे बाहर निकलने की उम्मीदों को झटका लगा है। राज्य में आगामी विस चुनाव नवंबर महीने में होने के आसार हैं तथा इसी दौरान न्यायालय ने सीडी मामले में गवाहों के साक्ष्य दर्ज करने की तिथि निर्धारित की है।
ट्रायल कोर्ट ने सीडी मामले में गवाहों के साक्ष्य दर्ज करने के लिए नवंबर महीने के छह दिन तय किए हैं। इन दिनों में अभियोजन पक्ष की ओर से 63 गवाह विशेष न्यायाधीश बीएल सोनी की अदालत में पेश होंगे। सीडी मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलों को सुनने के उपरांत न्यायालय ने 6 से 9 नवंबर के दिन गवाहों के साक्ष्य दर्ज करने के लिए निर्धारित किए हैं। इस दौरान प्रतिदिन 10 गवाह पेश होंगे। शेष 23 गवाहों को 16 और 17 नवंबर को पेश होंगे। मामले की जल्द सुनवाई की मांग करते हुए बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी  कि इस मोड़ पर सबूत के तौर पर सीडी और ऑडियो कैसेट को नहीं लाया जाए। जिस पर अभियोजन पक्ष के वकील जीवन लाल शर्मा ने इस मामले में दोष सिद्व करने के लिए मामले से जुड़े सभी गवाहों के बयान दर्ज करने पर जोर दिया। 
वीरभद्र और उनकी पत्नी के खिलाफ यह मामला 3 अगस्त 2009 को दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्री के समय उनके कैबिनेट मंत्री रहे मेजर विजय सिंह मनकोटिया द्वारा 2007 में जारी की गई एक सीडी के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। सीडी में वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी की कुछ अधिकारियों के साथ कथित तौर पर पैसे के लेन देन की आवाज है। विशेष जज वीएल सोनी की अदालत ने बीते 25 जून को सीडी मामले में वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी पर आरोप तय किए थे। इसके  बाद गत 26 जून को केन्द्रीय मंत्रिमंडल से त्याग पत्र देना पडा था। कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें 28 अगस्त को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का मुखिया बनाया था।