विद्युत कर्मियों ने काले बिल्ले पहन कर किया विरोध प्रदर्शन

शिमला, 27 सितंबर ।

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड इम्पलाईज़ यूनियन के ‘‘बिजली बोर्ड बचाओं’’ आवाह्न पर वीरवार को प्रदेश में बिजली कर्मचारियों ने सरकार के बिजली बोर्ड के प्रति उदासीन रवैये व बिजली बोर्ड विरोधी नीतियों के खिलाफ काले बिल्ले पहन कर विरोध प्रदर्शन किया।

यूनियन के महासचिव एच एल वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत उर्जा नीतियों के चलते बिजली बोर्ड के 468 करोड़ रुपये निजी कंपनियों व अन्य संस्थाओं से नहीं मिल पाये। इसके विपरीत पिछले दिनों सरकार द्वारा बोर्ड को बीबीएमबी से मिलने बाली बिजली को उत्पादन दर के बजाए मार्केट रेट पर बेचने के फैसले से बोर्ड के उपर लगभग 290 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया।
उन्होंने कहा कि सीएफएल बल्व का खर्चा बिजली नियामक आयोग द्वारा नहीं दिया गया और यह खर्चा भी बोर्ड को ही उठाना पड़ा।  वहीं प्रदेश सरकार की हिस्से की बिजली भी बोर्ड को मंहगी दरों पर खरीदी गई। परिणामस्वरुप बोर्ड को एक रुपये से अधिक का घाटा प्रति यूनिट उठाना पड़ रहा है।
यूनियन का आरोप है कि बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की संख्या लगातार घटती जा रही है यदि बोर्ड मेंं शीघ्र निचले स्तर में तकनीकी व कमर्शीयल श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती नहीं की जाती है तो एक दिन बोर्ड कर्मचारियों के अभाव से अपने आप ढह जाएगा।
उल्लेखनीय है कि यूनियन पिछले कई महीनों से सरकार से राज्य बिजली बोर्ड को वर्तमान वितीय संकट से निकालने, निचले स्तर पर तकनीकी व कर्मशीयल कर्मचारियों की भर्ती करने तथा पेंशन की अदायगी के लिए स्थाई मैकेनिज़म बनाने जैसी मांगो को लेकर संघर्षरत हैं।