लोगों को गुमराह कर रहे हैं धूमल : वीरभद्र सिंह

शिमला, 28 सितंबर।

पूर्व मुख्यमन्त्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीरभद्र सिंह ने मुख्यमन्त्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल पर अपने भाषणों में पार्टी के 2007 के घोषणा पत्र में किए गए वायदों से अधिक काम करनें के दावे को खोखला एवं लोगों को गुमराह करने वाला बताया हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा के 2007 के घोषणा पत्र मे स्वास्थ, शिक्षा, रोजगार और लोगों के कल्याण का कोई भी वायदा नहीं किया था।
 शुक्रवार को शिमला से जारी एक विज्ञपति में वीरभद्र सिंह ने कहा है कि 1998 में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में बीएमआरटी के तहत पालमपुर मे विशेषज्ञ अस्पताल बनाने का वायदा किया था परन्तु वह पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मुख्यमन्त्री धूमल अपने आप को उस समय सडक़ों वाला मुख्यमन्त्री कहकर अपनी पीठ थपथपाते रहे जबकी उस दौरान केवल पांच सालों के कार्यकाल मे 3038 किलामीटर सडक़ें बनी जबकी कांग्रेस सरकार ने 1948 के बाद जब प्रदेश मे केवल 218 कि0मी0 सडक़ें ही थी उसके बाद कांग्रेस ने प्रदेष मे 27000 किलोमीटर सडक़ों का निर्माण किया।
  
वीरभद्र सिंह ने कहा है कि भाजपा के इस शासन मे सामाजिक क्षेत्र मे पूंजीगत व्यय कुल खर्च का जोकि 2006-07 मे 25 प्रतिशत था वह 2010-11 मे घटकर 11 प्रतिशत रह गया और महिलाओं, विधवाओं, एकल महिला, बर्जुग, असाहय व समाज के कमजोर वर्गो के लिए कुछ भी नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि स्कूलों मे हजारों की संख्या मे अध्यापकों के पद रिक्त पड़े है। सीएजी की रिर्पोट मे साफ है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने सामान्य शिक्षा के 264 करोड़ खर्च नहीं किए और इसे सरेंडऱ करना पड़ा। इसी प्रकार स्वास्थ्य में पंूजीगत व्यय भी 10 प्रतिषत से घटकर 8 प्रतिषत रह गया है। इसी प्रकार जल आपूर्ति और आवास पर खर्च जो 2006-07 मे 40 प्रतिशत था वह 2010-11 मे घटकर 20 प्रतिशत रह गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार को 1256 करोड़ रूपये सरेंडऱ करने पडे जोकि प्रदेश के विकास कार्यो मे खर्च हो सकते थे।