भ्रष्टाचार के विरोध में विद्यार्थी परिषद का चक्का जाम

शिमला, 04 सितम्बर । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के चक्का जाम से करीब दो घंटे के लिए शहर की रफतार थम गई। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने परिषद के राष्ट्रीय आहवान पर भ्रष्टाचार के विरोध में मंगलवार को चक्का जाम किया। दिन में 11 बजे परिषद के सैंकड़ों कार्यकर्ता विक्ट्री टनल के पास एकत्रित हुए और आधे घंटे तक जाम रखा। चक्का जाम से शिमला-कालका हाईवे पर लंबा जाम लग गया। विक्ट्री टनल से लक्कड़ बाजार और पुराने बस स्टैंड की तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यातायात बाधित रहने से आम लोगों, मरीजों व कॉलेज छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब आधे घंटे के चक्का जाम के बाद पुलिस को ट्रैफिक बहाल करने में दो घंटे लग गए।

विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री अजय भेरटा ने कहा कि जिस तरह से केन्द्र की सरकार भ्रष्टाचार के आगोश में डूबी हुई है यह इस देश के आम नागरिक के लिए चिन्ता का विषय है, उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश की जिला केन्द्रों में विद्यार्थी परिषद् के द्वारा चक्का जाम तथा शिक्षा बन्द करके विरोध जताया गया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोयला घोटाला सामने आया है जिसमें निजी कम्पनियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश की राष्ट्रीय खजाने को 1.86 लाख करोड़ की चपत लगाई गई जो कि बड़े ही शर्म की बात है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को तुरन्त इस्तीफा दे देना चाहिए और कोयला आबंटन के 142 लाईसेंस रद हो जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हर रोज नए-नए घोटालें सामने आ रहे है जिससे इस देश के आम नागरिक की भावनाओं पर कुठाराघात किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विद्यार्थी परिषद् आम छात्र को लेकर सडक़ों पर उतरेगी।