भाजपा ने वीरभद्र सिंह को दी खुली बहस की चुनौती

शिमला, 12 सितंबर।

राज्य में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने से पहले ही सतारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप की जंग छिड़ गई है। भाजपा ने प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष वीरभद्र सिंह को हिमािचल ऑन सेल को लेकर खुली बहस की चुनौती दी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतापल सिंह सत्ती ने आज पत्रकार वार्ता में कहा कि वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान बड़ी संख्या में जमीनें गैर हिमाचलियों को बेची गई हैं। इतना ही नहीं नियमों को ताक पर रखकर विदेशियों तक को जमीनें दी गईं। सत्ती ने सिंह पर गल्ली मुहल्लों के व्यक्तियों की तरह बात करने का आरोप भी लगाया तथा साथ ही उन्हें नसीहत भी दी कि वह चुनावों के समय में दुष्प्रचार बंद करे तथा विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़े।
सत्ती ने कहा कि कांग्रेस हिमाचल ऑन सेल का लगातार राग अलाप रही है जबकि तथ्य कुछ ओर ही है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक भूमि के सौदे कांग्रेस के शासन काल में हुए हैं। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को चुनौती दी कि वह मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के साथ खुली बहस करे। कांग्रेस नेता तथ्य सहित आएं तथा हम भी पुख्ता कागजों के साथ आएंगे। इस बहस का स्थान व समय स्वयं कांग्रेसी नेता तय करे।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने एक ईंच सरकारी भूमि निजी विश्वविद्यालय को नहीं दी है। कांग्रेस के बिजली प्रोजैक्टों व खेल मैदानों को भूमि देने के आरोपों पर उन्होंने वीरभद्र सिंह से पूछा कि वह बताए कि बिना जमीन दिए विकास कैसे संभव है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेसी सरकारें प्रदेश में समय-समय पर धारा 118 का उल्लंघन करती रही है। भाजपा ने वीरभद्र सिंह के 161 बिघा भूमि पर कब्जा करने का मुद्दा हर मंच पर उठाया था जिसे बाद में वीरभद्र ने स्वयं माना कि गल्ती से यह भूमि उनके नाम हो गई थी, जिसे उन्होंने सरकार को वापिस कर दिया है। उन्होंने वीरभद्र सिंह से उनके एक साले द्वारा भूमि को हथियाने व उसे बेचने की बात पर स्पष्टीकरण मांगा।