प्रदेश सरकार ने फर्जी राशन कार्डों के आरोप नकारे

शिमला, 26 सितंबर ।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने उन खबरों का खंडन किया जिसमें कहा गया है कि प्रदेश में तीन लाख बीस हजार फर्जी राशनकार्ड बनाए गए हैं और इनमें करोड़ों रूपये का गबन हुआ है। प्रवक्ता ने कहा कि गत चार वर्षों के दौरान 12,857 एपीएल राशनकार्ड फर्जी पाए गए, जिन्हें तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया और केन्द्र सरकार ने राज्य के लिए बीपीएल के लिए 316900 तथा अन्त्योदय अन्न योजना परिवारों के लिए 197100 का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके मुकाबले प्रदेश में 3,00818 बीपीएल और 195857 अन्त्योदय अन्न योजना के परिवारों को राशन कार्ड जारी किए हैं। विभाग द्वारा की गई जांच में कोई भी बीपीएल एवं अन्त्योदय अन्न योजना परिवार का फर्जी राशन कार्ड नहीं पाया गया।
उन्होंने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग फर्जी राशनकार्डों के प्रति पूरी तरह सजग है तथा समय-समय पर इस बारे में शिकायत मिलने पर छानबीन करने के साथ-साथ स्वयं भी जांच करता है। जाली राशनकार्ड पाए जाने पर इसे तुरंत रद्द कर दिया जाता है। विभाग द्वारा ऐसे मामलों में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। प्रवक्ता ने कहा कि दाल खरीद मामले में कथित तौर पर शामिल दो अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई तथा इसकी जांच प्रदेश के सतर्कता विभाग को सौंप दी गई।