छात्राओं की मौत पर चेल्सी स्कूल प्रबंधन न्यायिक जांच को तैयार

शिमला, 30 सितंबर ।

राजधानी के कान्वेंट स्कूल चेल्सी में छटी कक्षा की दो छात्राओं साक्षी और नैंसी की रहस्मयी परिस्थितियों में मौत होने के छह दिन बाद स्कूल प्रबंधन ने चुप्पी तोड़ी और पहली बार मीडिया से मुखातिब हुआ। बीते 24 सितंबर को छात्राओं की मौत के बाद उनके अभिभावकों द्वारा लगातार स्कूल प्रशासन पर संगीन आरोप लग रहे हैं। रविवार को स्कूल प्रबंधन की ओर से सिस्टर जैनेत और अलमा समेत प्रिंसीपल श्यामा ने स्कूल स्टाफ की मौजूदगी में पत्रकारों को बताया कि स्कूल प्रशासन को इस मामले की गंभीरता का अंदाजा है तथा हम किसी भी तरह की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन पुलिस जांच में अपना पूरा सहयोग देगा ताकि तथ्यों का पता लग सके। साथ ही उन्होंने 27 सिंतबर को प्रदर्शनकारियों द्वारा स्कूल परिसर में घुसने और तोडफोड़ करने की निंदा की और इसे भी जांच का विषय बनाने की मांग उठाई। एक प्रश्र के उत्तर में स्कूल प्रिंसीपल श्यामा ने कहा कि छात्राओं की मौत और प्रदर्शनकारियों के तोडफ़ोड़ करने और छात्राओं की मौत, इन दोनों मामलों पर स्कूल प्रबंधन न्यायिक जांच करवाने के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रदर्शनकारी स्कूल परिसर में घुसे, इससे 150 साल पुराने स्कूल की प्रतिष्ठा को धक्का पहुंचा है। उन्होंने कहा कि साक्षी और नैंसी की मौत के मामले में पुलिस तफतीश कर रही है और यदि स्कूल प्रशासन की तरफ से कोई दोषी पाया जाता है, तो उस पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने स्कूल की विभिन्न कक्षाओं की छात्राओं द्वारा स्कूल प्रबंधन पर प्रताडि़त करने के सभी आरोपों को नकारा और कहा कि इस संदर्भ में किसी भी छात्रा ने प्रबंधन को शिकायत नहीं की है।
स्कूल प्रिंसीपल ने पे्रस कांफेंरस में एक ओर तो यह कहा कि स्कूल प्रबंधन ने अपने स्तर पर छात्राओं की मौत के संबंध में जांच बिठा रखी है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि साक्षी और नैंसी की स्कूल शिक्षिका हादसे के अगले दिन से स्कूल से गैरहाजिर चल रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मामले से संबंधित शिक्षिका ही छुट्टी पर है तो स्कूल प्रबंधन क्या जांच करेगा?  बताया जा रहा है कि इन दो दिवंगत छात्राओं को शिक्षिका ने क्लास रूम में चिट पास करते हुए पकड़ा था। आरोप है कि शिक्षिका कई दिन तक उन्हें प्रताडि़त करती रही। आत्महत्या करने से पहले भी दोनों छात्राओं को कक्षा से बाहर खड़ा कर सजा दी गई। उस चिट में क्या लिखा था, इस पर स्कूल प्रिंसीपल ने जानकारी नहीं होने की बात कही और बताया कि संबंधित शिक्षिका को ही इसका पता है।

गौरतलब है कि छठी कक्षा की दो छात्राओं साक्षी और नैंसी की गत 24 सितंबर को रहस्यमय हालत में मौत हो गई थी। दोनों छात्राओं को संजौली-नबवहार सडक़ किनारे काला ढांक के नीचे जख्मी हालत में पाया गया तथा लोगों ने उन्हें आईजीएमसी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन इस दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्राओं की गिरने से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस की कार्यप्रणाली से नाखुश दिवंगत छात्राओं के अभिभावक इस संदर्भ में स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराकर मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।