कोल ब्लॉक पर भाजपा अस्थिरता का माहौल बना रही : बंसल

 

शिमला, 13 सितंबर ।

कोल ब्लॉक मसले पर भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए तथ्यों को तोड़-मरोडक़र पेश कर रही है, जो देश के विकास के लिए नुकसानदायक है। विपक्ष ने अपनी गलतियों को छिपाने के लिए 13 दिन तक संसद में गतिरोध बनाकर कार्यवाही नहीं चलने दी। कोल ब्लॉक मसले पर भाजपा द्वारा घोटाले का माहौल पैदा किया जा रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे पर पहले दिन से संसद में चर्चा के जरिए तथ्य पेश करने को तैयार थी, मगर भाजपा में सच्चाई का सामना करने की हिम्मत नहीं है। भाजपा ने सरकार की पेशकश को  नकारते हुए सदन में अफरातफरी और अस्थिरता का माहौल पैदा करना उचित समझा। यह बात केंद्रीय संसदीय कार्य और जलसंसाधन मंत्री पवन वंसल ने आज शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आवंटन में हुई अनियमितताओं को ढूंढऩे और सिफारिशें देने के लिए अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन कर दिया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। कोल ब्लॉकों के आवंटन में अपनायी गयी प्रक्रिया में कुछ भी गलत नहीं हुआ है और आवंटन के बाद राज्य सरकारों सहित कहीं से भी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
कैग की रिपोर्ट के आधार पर लगाये जा रहे 1.86 लाख करोड़ रूपये के नुकसान के आकंडे को ‘अस्तित्वहीन और काल्पनिक’ बताते हुए बंसल ने कहा कि कोल ब्लाकों को आवंटित करने का अधिकार राज्यों के मुख्य सचिवों की सदस्यता वाली जांच समिति के पास है और उनके पट्टा समझौते भी राज्य सरकारों के साथ होता है. इसके अलावा उसकी 14 प्रतिशत रॉयल्टी भी राज्यों को ही जाती है। बंसल ने कहा कि कैग ने अगले 35 सालों में होने वाले नुकसान का तो आंकलन किया, लेकिन यह अंदाजा नहीं लगाया कि कोयला खानों के विकास पर अगले पांच वर्षों में कितने रुपये का खर्चा आता।

उन्होंने कहा कि एनडीए के समय में बगैर बोली के कोल आवंटन बिना हुए। यूपीए ने सता में आने के बाद महसूस किया कि मौजूदा सिस्टम में खामिया हैं, लिहाजा कंपीटीटिंग बिडिंग के जरिए कोल ब्लाक आवंटन करने शुरू किए गए। कोल ब्लॉक पर सितंबर 2009 में कानून पारित हुआ और उसके बाद कोई भी कोल ब्लाक आवंटित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से 2009 तक यदि सरकार कोल ब्लॉक आवंटित नहीं करती, तो देश की विकास की रफतार प्रभावित होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोल ब्लॉक मसले पर कोई घोटाला नहीं हुआ है और कैग रिपोर्ट किसी बिनाह पर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति पर कैग टिप्पणी करे यह गलत है।