कालका-शिमला होली-डे स्पेशल ट्रैन शुरू

शिमला, 28 सितंबर ।

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सैलानियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे विभाग ने विश्व धरोहर शिमला-कालका रेलवे लाइन पर शुक्रवार से अतिरिक्त ट्रेन शुरू कर दी है। यह टे्रन आगामी तीन दिनों तक चलेगी। मॉनसून की विदाई लेने के बाद प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने एक और अतिरिक्त होली-डे ट्रेन चलाने का फैसला किया है।
रेलवे विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि वीक एण्ड पर चलाई गई यह ट्रैन शुक्रवार को कालका से 12 : 40 पर रवाना हुई, जो शाम को शिमला पहुंचेगी। शिमला से शनिवार सुबह 09 : 30 बजे कालका के लिए रवाना होगी। शिमला में आमतौर पर सत्ताह के अंतिन दिनों में पर्यटकों की भीड़ रहती है।

कालका शिमला रेलवे लाइन पर पहले ही 10 ट्रेनें प्रतिदिन शिमला से कालका और कालका से शिमला के लिए चलाई जा रही है। इसके अलावा रेल कार भी चलाई जा रही थी, जो आजकल बंद है।
      
इस ऐतिहासिक नैरो गेज लाइन को 9 नवंबर 1903 में ब्रिटिश शासन काल में कालका-शिमला रेलवे लाइन पर यातायात जारी हुआ था।

वहीं दूसरी ओर  पर्यटकों की मांग को देखते हुए हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से विश्व धरोहर भाप इंजन, दो कोच के साथ जल्दी ही कैथलीघाट के बीच दोड़ेगा। यह इंजन पिछले कई दिनों से खराब था। एक मात्र इस विश्व धरोहर का ट्रायल पूरा कर लिया गया है।
उत्तरी रेलवे कालका के सहायक डिविजन मैकेनिकल इंजीनियर दीपेंद्र ने बताया कि कालका-शिमला रेलवे लाईन पर दौडऩे वाले भाप इंजन को पर्यटकों की मांग पर शिमला-कैथलीघाट के बीच चलाया जाता है। भाप इंजन के साथ दो कोच भी लगाए गये है।
इस रेलवे लाईन पर पहले भाप इंजन ही दौड़ते थे,जिसमें चार डिब्बे होते थे। वर्ष 1965 में पहली बार डीजल इंजन चलाया गयाथा। लेकिन आज भी सैलानी भाप इंजन का आन्नद उठाते है। इस इंजन की गति 18 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा है।