एसजेवीएनएल तैयार करेगा 6 हजार मेगावाट बिजली

शिमला, 04 सितम्बर ।

सरकारी उपक्रम की सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड अगले आठ सालों में 6 हजार मेगावाट बिजली तैयार करेगा। कंपनी के अध्यक्ष आरपी सिंह ने आज शिमला में प्रेस वार्ता में बताया कि हाल ही में कपंनी ने अरूणाचल प्रदेश में चार जलविद्युत परियोजनाओं के सर्वेक्षण और अन्वेषण का कार्य किया है। कई प्रोजेक्ट अगले कुछ सालों में कार्य करना आरंभ कर देंगे और वर्ष 2020 तक 6 हजार मेगावाट बिजली तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि नेपाल में अरूण नदी पर स्थित 900 मेगावाट की अरूण-3 जलविद्युत परियोजना की डीपीआर को नेपाल सरकार द्वारा अंतिम रूप दिया जा रहा है। भुटान में 600 मेगावाट की खोलोंग्च और 572 मेगावाट की वांग्चु प्राजेक्टों का सर्वेक्षण पूरा हो गया है। तकनीकी-आर्थिकी मूल्यांकन के लिए डीपीआर सीआईए को सौंपी गई है।
इसके अलावा एसजेवीएनएल बिहार और उतर प्रदेश की सीमा पर स्थित चौंस क्षेत्र में एक थर्मल प्लांट लगाएगा। इसमें 666 मेगावाट की दो यूनिट स्थापित होंगी। आरंभ में यहां 1320 मेगावाट बिजली तैयार होगी, बाद में इसकी क्षमता को 2000 मेगावाट तक बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हिमाचल में 412 मेगावाट की निर्माणाधीन रामपुर जल विद्युत परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है और अगले साल सितंबर तक यहां विद्युत उत्पादन आरंभ होगा।  परियोजना की 15 किलोमीटर लंबी सुरंग की खुदाई का कार्य जुलाई में पूरा कर लिया गया है। 775 मेगावाट के लुहरी प्रोजेक्ट की डीपीआर दो वर्ष पूर्व केंद्रीय विद्युत प्राधिकर को भेजी जा चुकी है। मंजूरी मिलते ही उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। 

सिंह ने बताया कि राज्य में चल रही 1500 मेगावाट की नाथपा-झाकड़ी जलविद्युत परियोजना ने पिछले साल 1068.88 करोड़ का लाभ कमाया है। इस दौरान यहां रिकार्ड 7610 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ। इस वर्ष जुलाई में 186 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन करते हुए रिकॉर्ड कायम किया, इससे पूर्व अगस्त 2011 में 1151 मिलियन यूनिट का उच्चतम मासिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया गया था।