प्रदेश में बैंकों की हड़ताल से कामकाज ठप

शिमला, 22 अगस्त ।

बैंकिंग संशोधन विधेयक और निजीकरण सहित कई अन्य मुद्दों को लेकर निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मियों के बुधवार से दो दिन की हड़ताल पर चले जाने से प्रदेश में बैंकिंग सेवाएं ठप पड़ गईं। पूरे प्रदेश में बैंकों में सुबह से ताले लटके रहे। हिमाचल ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोडक़र लगभग सभी बैंकों की शाखाएं दिन भर बंद रहीं। हड़ताल के कारण प्रदेश में तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप्प रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
हड़ताल से ग्राहक सेवा, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, आयात-निर्यात और स्थानीय बिल, चेकों के समाशोधन, बैंक लॉकर से सम्बंधित कार्य, पूंजी बाजारों और बैंक द्वारा चलाई जाने वाले सभी कार्योंं पर असर पड़ा। लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राजधानी शिमला में बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी मॉल रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हिमाचल बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव प्रेम वर्मा ने बताया कि निजीकरण, आउटसोर्सिग, बैंकिंग संशोधन विधेयक और ग्रामीण शाखाओं को बंद करने के खिलाफ बैंककर्मी हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने  केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर पेंनशन सुविधा, सप्ताह में पांच दिन की डयूटी और बैंक कर्मियों के लिए वर्किंग आवरज व्यवस्थित करने की मांग की है।