तीन पावर प्रोजेक्टों से बिजली उत्पादन नहीं हुआ बहाल

शिमला, 22 अगस्त ।

नदियों में गाद बढऩे से प्रदेश के हाइड्रो प्रोजेक्टों में लगातार तीसरे दिन भी बिजली उत्पादन बहाल नहीं हुआ। भारी बारिश से प्रदेश में नदियां उफान पर हैं और गाद की मात्रा बढऩे से बिजली प्रोजेक्टों की मशीनों को बंद कर दिया गया है। सतलुज नदी पर स्थित 1500 मेगावाट की नाथपा-झाकड़ी और 1000 मेगावाट की कड़छम बांगतु प्रोजेक्ट में उत्पादन तीसरे दिन भी ठप्प रहा। इसके अलावा चंबा में एनएचपीसी की 300 मेगावाट चमेरा परियोजना में भी विद्युत उत्पादन शुरू नहीं हो पाया। किन्नौर में प्रदेश विद्युत बोर्ड के 120 मेगावाट के भावा प्रोजेक्ट और शिमला में आंध्रा प्रोजेक्ट में मशीनों को आज चालू कर दिया गया। गाद बढऩे से इन प्रोजेक्टों में मंगलवार को उत्पादन नहीं हो पाया था।
सतलुज नदी पर स्थित देश के सबसे बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट में बुधवार को उत्पादन बहाल नहीं होने के कारण उत्तरी भारत में बिजली का गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। 1500 मेगावाट के नाथपा-झाकड़ी प्रोजेक्ट से हिमाचल समेत नौ राज्यों को बिजली आपूर्ति होती है। नदी में गाद बढऩे से सोमवार से प्रोजेक्ट में उत्पादन ठप्प है। इस प्रोजेक्ट से प्रतिदिन 38 मिलीयन बिजली पैदा होती है। सतलुज जल विद्युत निगम के उपमहाप्रबंधक विजय कुमार वर्मा ने बताया कि गाद की मात्रा घटने पर ही प्रोजेक्ट से उत्पादन संभव होगा। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के बंद रहने से रोजाना निगम को 9 करोड़ का घाटा हो रहा है।