कोल ब्लाक आबंटन की सच्चाई जनता को बताऐंगे : नड्डा

शिमला, 31 अगस्त।

कोल ब्लॉक मसले पर भाजपा सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शनों व जनसभाओं के जरिए लोगों को इस आबंटन में हुई कथित अनियमितताओं के बारे में बताएगी। भाजपा राष्ट्रीय महासिचव जेपी नडडा ने शुक्रवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में बताया कि भाजपा इस प्रकरण पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे व 142 कोल ब्लॉक के आबंटन को रद्द करने की मांग पर कायम है। इन मांगों को लेकर पार्टी शनिवार व रविवार को सभी राज्यों की राजधानियों समेत 30 स्थानों पर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा किए जा रहे आंदोलन को लेकर कांग्रेस जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है और विपक्षी दल होने के नाते सच्चाई लाना भाजपा की जिम्मेवारी है।
कांग्रेस के नेताओं के ससंद को नहीं चलने देने को लेकर भाजपा पर लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा संसद को रोके जाने के बाद ही ए राजा व कल्माड़ी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया तथा उन्हें जेल भेजा गया। इसलिए अब भी भाजपा संसद को ठप्प करके प्रधानमंत्री का त्याग पत्र मांग रही है। उन्होंने कहा कि 2जी स्पैक्ट्रम में प्रधानमंत्री की अप्रत्यक्ष जिम्मेवारी थी लेकिन कोल घोटाले में तो उनकी प्रत्यक्ष जिम्मेवारी है। इसलिए भाजपा प्रधानमंत्री के इस्तीफे से लेकर 142 कोल ब्लॉक के आबंटन को रद्द करने की मांग रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक यह अपने परिणाम तक नहीं पहुंच जाती है।

नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की यूपीए सरकार को कोल ब्लॉक के आबंटन की प्रक्रिया को नोटिफाई करने के लिए 8 साल लग गए। 28 जनवरी 2004 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोल आबंटन को बिडिंग प्रक्रिया से देने के लिए नीति देने की बात कही थी तथा सितम्बर 2004 को सीबू सोरेन के त्यागपत्र देने के बाद प्रधानमंत्री स्वयं कोयला मंत्री बने। उन्होंने कहा कि इसके बाद वर्ष 2006 में इस नई नीति का बिल ड्राफ्ट तैयार किया गयाए 2008 में बिल पारित किया गया तथा वर्ष 2012 को यह बिल नोटिफाई किया यगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से 2009 तक प्रधानमंत्री के पास कोयला मंत्रालय था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से 2012 की अवधि में केंद्र सरकार ने 142 कोल ब्लॉक आबंटित किया।