सार्वजनिक स्थानों में धूम्रपान पर सरकार से जबाव तलब

शिमला, 24 जुलाई ।

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर कोटपा एक्ट का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के संबंध में प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। कोटपा एक्ट के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाने का प्रावधान है। मंगलवार को मुख्य न्यायधीश कुरियन जोसफ और न्यायमुर्ति डीसी चौधरी की खंडपीठ ने एक गैर सरकारी संगठन द्वारा लिखे एक पत्र पर संज्ञान लेते हुए यह निर्देश जारी किए। हिमाचल प्रदेश वालेंटरी हैल्थ एसोएिसशन के अध्यक्ष ने मुख्य न्यायधीश को लिखे पत्र में कोटपा के प्रावधानों के उलंघन का आरोप लगाया है। न्यायालय ने राज्य सरकार को आठ हफतों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
पत्र में अदालत से राज्य सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे कि शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज की परिधि में कोई तम्बाकू पदार्थ नहीं बेचे जाएं और इस क्षेत्र में तम्बाकू उपयोग को बढ़ावा देने वाले किसी विज्ञापन का प्रदर्शन नहीं हो। साथ ही एनजीओ ने मध्य प्रदेश, केरल और बिहार की तर्ज पर राज्य में गुटखा पर पाबंदी लगाने के लिए भी अदालत से अनुरोध किया।
गौरतलब है कि राज्य में दो अक्टूबर, 2008 से ही सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध है। राज्य सरकार ने इस साल 13 जुलाई को गुटखा उत्पादों के भंडारण, बिक्रय और उत्पादन पर रोक लगा दी थी। लेकिन व्यापारियों द्वारा मौजूदा स्टॉल को खत्म करने के लिए मोहलत मांगने पर सरकार ने 2 अक्तूबर तक प्रतिबंध को टाल दिया है।