वीरभद्र अपनी गलतियां दूसरों पर न थोपें : धूमल

शिमला, 09 जुलाई।

मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि वीरभद्र सिंह सीडी मामले में भाजपा का कहीं भी कुछ रोल नहीं है। इस सीडी का सारा प्रकरण वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मुख्य एजेंडा प्रदेश में विकास करवाना है। उन्होंने वीरभद्र सिंह को चुनौति दी कि यदि वह सीडी को लेकर जनता के बीच जाना चाहते हैं तो वह इस सीडी को जनता को सुनाएं तथा फिर उनका निर्णय आने दें। वह आज शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने वीरभद्र सिंह पर बरसते हुए कहा कि गेजेटियर जलाने या एक व्यक्ति के ब्यानों से इतिहास नहीं बदलते हैं। पिछले कुछ निशान छूट ही जाते हैं। धूमल ने वीरभद्र सिंह को सलाह दी कि वह अपनी ऐज, स्टेज व स्टेचर को ध्यान में रखें। वह अपनी लड़ाई कानूनी रूप से लडऩा चाहें या जनता के बीच में यह उनकी अपनी इच्छा है। लेकिन वह स्वयं की गलती के लिए दूसरों को दोषी नहीं ठहरा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह की सीडी जब रिकार्ड की गई उस समय वह मुख्यमंत्री थे। इस सीडी को उनके ही शासन काल में उनके पार्टी के नेता ने लांच किया तथा वह स्वयं ही इस सीडी को लेकर न्यायालय गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएफएसएल से सीडी की रिपोर्ट वर्ष 2008 में आ गई थी। यदि भाजपा सरकार इस का प्रयोग करना चाहती तो वह वर्ष 2009 में चुनावों में इसका प्रयोग वीरभद्र सिंह के खिलाफ कर सकते थे। लेकिन उनका एजेंडा प्रदेश के आम आदमी के जीवन में परिवर्तन लाना है ताकि आम आदमी के जीवन स्तर में बेहतर हो। उन्होंने वीरभद्र सिंह को सलाह दी कि अपने दोष के लिए दूसरों पर दोषारोपण करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वीरभद्र सिंह इस्पात मंत्री थे तो एक अधिकारी को नीजी सचिव लगाने के लिए उन्होंने राज्य सरकार को पत्र लिखा था। सरकार के पास इसके रिकार्ड हैं।