मंहगाई में सार्वजनिक वितरण प्रणाली बनी लोगों का सहारा

शिमला।

मंहगाई के इस जमाने में उपभोक्ताओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राहत देने की सरकार द्वारा कोशिश की जा रही है। प्रदेश में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सभी श्रेणियों के अन्तर्गत कुल 16,31,804 राशन कार्ड धारक पंजीकृत हैं। योजना के तहत 20 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से एक किलो काला चना प्रतिमाह, दाल चना 25 रुपये प्रति किलोग्राम, 35 रुपये की दर से एक किलो उड़द दाल उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अतिरिक्त एक लीटर सरसों का तेल 45 रुपये की दर से तथा एक लीटर रिफाइंड तेल 40 रुपये की दर से और प्रति परिवार चार रुपये की दर से एक किलो आयोडीनयुक्त नमक भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उपभोक्ताओं को ‘विशेष उपदान योजना’ के तहत गत वित्त वर्ष में 130 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। जिसके तहत 8186 मीट्रिक टन काला चना 14,743 मीट्रिक टन दाल चना, 16,788 मीट्रिक टन दाल उड़द, 16527 लीटर रिफाइंड तेल, 14446 लीटर सरसों तेल तथा 16,078 मीट्रिक टन आयोडीन नमक, उपदानयुक्त एवं सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाया गया।

उन्होंने बताया कि 2011-12 के दौरान 25853.02 लाख रुपये की आवश्यक वस्तुएं वस्तुएं आबंटित की गई, जबकि 2010-11 के दौरान 25697.47 रुपये की आवश्यक वस्तुएं आबंटित की गई थी। प्रदेश के सभी 11,17,804 ए.पी.एल. कार्ड धारकों को प्रतिमाह 18 किलो गेहूं का आटा तथा 9 किलो चावल क्रमश: 8.50 रुपये तथा 10 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सभी 316900 बी.पी.एल. राशन कार्ड धारकों को प्रतिमाह 20 किलो गेहूं तथा 15 किलो चावल क्रमश: 5.25 रुपये तथा 6.85 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि ‘अन्त्योदय अन्न योजना’ के अन्तर्गत 1,97,100 राशन कार्ड धारकों को प्रतिमाह 2 रुपये प्रति किलो की दर से 20 किलो गेहूं तथा 3 रुपये प्रति किलो की दर से 15 किलो चावल प्रदान किय जा रहे हैं। ‘अन्नपूर्णा योजना’ के तहत प्रतिमाह 10 किलो चावल मुफ्त प्रदान किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में अनियमितता और कालाबाजारी पर रोक के लिए कड़ी नजऱ रखी जा रही है।

उन्होंने बताया कि गत वित्त वर्ष के दौरान विभाग द्वारा 31,618 निरीक्षण किए गए, जिसमें से विभागीय कार्रवाई के अंतर्गत 1623 को दंडित किया गया। जबकि 1442 मामलों में लिखित चेतावनी दी गई। इसके अतिरिक्त 5 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए जबकि 8 लोगों को हिरासत में लिया गया। 18,28,319 रुपये की राशि जमानत के रूप में व 5,68,453 रुपये की वस्तुएं जब्त की गई।