भाजपा का सोलन के कांग्रेसी नेता पर वार : लैंड सीलिंग एक्ट का हुआ उलंघन

शिमला, 04 जुलाई ।

प्रदेश भाजपा आने वाले विधानसभा चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सीडी के साथ-साथ भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाएगी। साथ ही पार्टी ने राज्य सरकार से जिला सोलन के कांग्रेसी नेता की भूमि मामले की जांच करने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। आज शिमला में प्रदेश भाजपा प्रवक्ता डॉ. अशोक कपाटिया ने पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश में भ्रष्टाचार हुआ है तथा जमीनी सौदों में धारा 118 का उल्लंघन हुआ है। वर्तमान भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही सत्ता में आई थी और इस बार भी कांग्रेस शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार को लोगों के समक्ष ले जा कर मिशन रपीट के सपने को भाजपा साकार करेगी।

उन्होंने कहा कि सोलन के कांग्रेसी नेता के लैंड सिलिंग एक्ट के उल्लंघन का मामला सामने आया है। कांग्रेस भाजपा को बदनाम करने के लिए हिमाचल ऑन सेल का नारा देकर दुष्प्रचार कर रही है। लेकिन हिमाचल को किसने बेचा है इसकी सच्चाई परत दर परत खुल रही है। कांग्रेस के समय में कानून को ताक पर रखकर बाहरी लोगों को जमीन को बेचा गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक नेता को कुठार रियासत से बहुत बड़ी जागीर मिली थी। लैंड सीलिंग एक्ट के तहत राज्य ने उन्हें अतिरिक्त भूमि को सरकार को देने के लिए नोटिस दिया था। लेकिन उन्होंने न्यायालय की शरण ली। इसमें अंत: सुप्रीम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया।

उन्होंने कहा कि उक्त नेता ने वर्ष 2003 में 256 बिघा भूमि को अपने भाई व एक अन्य के नाम की। साथ ही इन दोनों से जीपीए लेकर इस भूमि को एग्रीकल्चरिस्ट फर्मों को 8 करोड़ 78 लाख रूपए में बेच दिया। जिन्होंने इसे आगे दिल्ली के एक बिल्डर को बेच दिया। कपाटिया ने इस पूरे मामले को धारा 118 तथा लैंड सीलिंग एक्ट का उल्लंघन कहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले के लिए जिम्मेवार सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए तथा दोषियों को सजा दी जानी चाहिए।