न्यायिक कर्मचारियों ने मांगो को लेकर काले रिबन लगाकर विरोध प्रदर्शन किया


मंडी। हिमाचल प्रदेश न्यायिक कर्मचारी कल्याण संघ ने शेटटी कमीशन की सिफारिशें लागू करने और अन्य मांगों को लेकर अपना आंदोलन शुरू कर दिया है। जिसके तहत जिला एवं सत्र न्यायलय के न्यायिक कर्मियों ने काले रिबन लगाकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। संघ की राज्य ईकाई द्वारा विगत 22 जुलाई को बनाई गई आंदोलन की रणनीति के अनुसार न्यायिक कर्मचारियों ने मंगलवार से अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जिसके तहत कर्मचारियों ने दोपहर के समय गेट मीटिंग की । जबकि उन्होने वर्क टू रूल के तहत अपना दिन भर का अदालती कार्य काले रिबन लगा कर किया। एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष रोशल लाल ने बताया कि न्यायिक कर्मी लंबे अरसे से सरकार के समक्ष प्रदेश उच्च न्यायलय के अनुमोदन के बाद प्रेषित की गई मांगों को लागू न करने का विरोध कर रहे हैं। उन्होने कहा कि अधीनस्थ न्यायलयों के कर्मियों को जस्टीस शैटी पे कमीशन की सिफारिशों के आधार पर साल 2003 से लाभ नहीं दिए जा रहे हैं। हालांकि न्यायिक अधिकारियों के लिए सरकार शैटी पे कमीशन की सभी सिफारिशें लागू कर चुकी है। जिला न्यायिक कर्मचारी संघ के महासचिव प्रेम सिंह राव ने बताया कि न्यायिक कर्मी रिकार्ड रूम, कापिंग एजेंसी के पदों को सृजित करने, लीगल एड व लीगल लीटरेसी के तहत आने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के लिए अलग से करीब 100 पदों का सृजन करने, फास्ट ट्रैक कोर्टों में समकक्ष अदालतों के समान स्टाफ का सृजन करना, प्रोटोकाल आफिसर व प्रोटोकाल के कार्य के लिए विभिन्न पदों को सृजित करना और पंजाब की तर्ज पर पे सकेल प्रदान करने की मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। उन्होने बताया कि सरकार का विरोध करते हुए कर्मी अब काले रिबन लगाकर ही कार्य करेंगे। इसके अलावा 3 और 4 अगस्त को मास कैजुलिव ली जाएगी। उन्होने बताया कि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो 10 अगस्त से अनिश्चित कालीन हडताल शुरू कर दी जाएगी। गेट मीटिंग के अवसर पर संघ के पदाधिकारी नरेश कुमार, सुरेश कुमार, जितेन्द्र, लेख राज, निशी कपूर, प्रवीण, शगुन, राकेश कुमार, ओंकार सिंह भाऊ ठाकरे, कश्मीर सिंह, धनीराम सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।