जेट एयरवेस को उपभोक्ता के पक्ष में 4500 रूपये हर्जाना अदा करने के आदेश

 मंडी।

फ्लाईट में देरी और यात्रा के दौरान सामान को क्षति पहुंचाना एक एयरवेज को उस समय महंगा पड गया जब जिला उपभोक्ता फोरम ने उपभोक्ता के पक्ष में 30 दिनों के अंदर 4500 रूपये हर्जाना भरने के आदेश दिए। इसके अलावा एयरवेज को उपभोक्ता के पक्ष में 1500 रूपये शिकायत व्यय भी अदा करना होगा। जिला उपभोक्ता फोरम कुल्लू के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और सदस्यों सत्याभामा एवं के पी सहगल ने बदाह (मौहल) निवासी आर पी ओबराय पुत्र गुरदिता मल की शिकायत को उचित मानते हुए जेट एयरवेज को उक्त हर्जाना राशि और शिकायत व्यय अदा करने के आदेश दिए। अधिवक्ता विक्रांत ठाकुर के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने कुल्लू में उक्त एयरवेज की चंडीगढ से मुंबई के लिए फ्लाईट में एक सीट बुक करवाई थी। लेकिन यह फ्लाईट एक घंटा लेट हो गई। उपभोक्ता को किसी कार्यक्रम में शामिल होना था लेकिन फ्लाईट में देरी हो जाने से वह अपने कार्यक्रम में समय से नहीं पहुंच सके। इसके अलावा उपभोक्ता की फ्लाईट जब मुंबई में उतरी तो उनके सूटकेस का हैंडल  सफर के दौरान तोड दिया गया। जिस पर उपभोक्ता ने एयरपोर्ट अथारिटी के बैगेज सर्विस विभाग में शिकायत दर्ज करवाई थी। उपभोक्ता के सूटकेस का हैंडिल टूट जाने के कारण उन्हे भारी परेशानी का सामना करना पडा और वापिसी में चंडीगढ में नया सूटकेस खरीदना पडा। उपभोक्ता ने एयरवेज को सेवाओं में कमी की शिकायत की थी लेकिन कोई कार्यवाही न होने पर उन्होने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि फ्लाईट लेट होना और सामान को सुरक्षित गंतव्य तक नहीं पहुंचाना एयरवेज की सेवाओं में कमी को दर्शाता है। एयरवेज की सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को हुई परेशानी के बदले फोरम ने उपभोक्ता के पक्ष में उक्त हर्जाना राशि और शिकायत व्यय अदा करने के आदेश दिए।