ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने आगे आएं चिकित्सक : धूमल

शिमला, 24 जुलाई ।
मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने चिकित्सकों का आह्वान किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देने के लिए स्वेच्छा से आगे आएं, जो पीडि़त मानवता के प्रति एक सच्ची सेवा होगी।
मुख्यमंत्री आज यहां ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में राजकीय दंत महाविद्यालय, शिमला के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह ‘इरप्शन-2012’ को संबोधित कर थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 में भाजपा सरकार ने इस कॉलेज को डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया से स्वीकृति प्रदान करवाई। पूर्व कांग्रेस सरकार ने वर्ष 1994 में डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त किए बिना ही कालेज आरम्भ कर दिया था और बीडीएस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रवेश देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। ऐसी ही परिस्थिति वर्ष 1998 में हुई जब डा. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल आरम्भ किया गया और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की स्वीकृति प्राप्त किए बिना ही यहां एमबीबीएस पाठ्यक्रमों के लिए 50 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया।

धूमल ने कहा मेडिकल कालेज में इंटर्नशिप के दौरान स्टाईफंड राशि को 5000 रुपये से बढ़ाकर 8000 प्रति माह तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थी, जो इस समय 25 हजार रुपये से 27,500 रुपये प्राप्त कर रहे हैं, को बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। वरिष्ठ प्रवक्ताओं के मानदेय को बढ़ाकर 35 हजार रुपये किया गया है, जबकि अन्य विशेषज्ञ पहले वर्ष के दौरान 40 हजार रुपये, दूसरे वर्ष में 42,500 रुपये तथा तीसरे वर्ष में 45 हजार रुपये प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मेडिकल एवं डेंटल कालेजों में विभिन्न संकायों की एमबीबीएस और स्नातकोत्तर सीटों को बढ़ाया गया है। डेंटल कालेज में विभिन्न संकायों के लिए 13 स्नातकोत्तर सीटें उपलब्ध करवाई गई हैं।