40 सालों में 5 डिग्री बढ़ गया हिमाचल का तापमान

शिमला, 05 जून ।

हिमाचल प्रदेश में गत चार दशकों के दौरान औसत तापमान में 5.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है, जबकि इस अवधि के दौरान औसत वर्षा उतनी ही रही है। यह आंकड़े आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा प्रकाशित ‘हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण सांख्यिकी के संदर्भ संग्रह-2012’ में निकलकर सामने आए हैं। मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने आज यहां विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इसका विमोचन किया। इस दस्तावेज में तापमान, वर्षा, बर्फबारी, जल, ऊर्जा, मौसम, भूमि एवं मृदा, वन, बर्फ एवं हिमखण्ड, फसल चक्र एवं अन्य पर्यावरण से जुड़े पहलुओं को दर्शाया गया है।
इस संग्रह के आंकड़ों की जानकारी देते हुए धूमल ने बताया कि वर्ष 1971-72 में सर्वाधिक तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो वर्ष 2010-11 में बढक़र 33.7 डिग्री सेल्सियस हो गया। न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर रहा और यह वर्ष 1971-72 में 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अब 5.8 डिग्री सेल्सियस है। वर्षा एवं बर्फबारी के चक्र में आंशिक बदलाव आया, किन्तु औसत वर्षा लगभग स्थिर रही। वर्षा एवं बर्फबारी के चक्र में बदलाव का कारण ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन है। वाहन कार्बन डाईआक्साइड के प्रमुख स्रोत हैं। यह चार दशक पूर्व मात्र 9116 थे और अब इनकी संख्या 167264 है।

धूमल ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि पिछले चार दशकों में राज्य के वन क्षेत्र में 16460 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। राज्य में वर्ष 1970-71 में 20540 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र था, जो अब बढक़र 37000 वर्ग किलोमीटर से अधिक हो गया है। इस प्रकार प्रत्येक दशक के दौरान वन क्षेत्र में 411.5 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य के पर्यावरण के प्रति जागरूक लोगों एवं स्वयं सेवियों द्वारा वन संरक्षण की दिशा में दी गई सेवाओं के परिणामस्वरूप यह सब संभव हो पाया है।