प्रदेश में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण नाकाफी : पुनिया

शिमला 19 जून।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने हिमाचल में अनुसूचित वर्ग के लोगों को मिल रहे आरक्षण को नाकाफी बताया। आज यहां पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित समुदाय की जनसंख्या 25 प्रतिशत है और प्रदेश सरकार 15 फीसदी आरक्षण देने की बात कर रही है। लेकिन समीक्षा करने पर 10 फीसदी आरक्षण इस तबके को मिल रहा है।

 
उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं में एससी समुदाय के लोगों को 25 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि देश के अधिकांश राज्यों की तर्ज पर यहां भी राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन हो। वे प्रदेश में अनुसूचति समुदाय के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करने यहां आए हैं।

पुनिया ने कहा कि हिमाचल में 85वां संविधान संशोधन लागू नहीं करने से पदोन्नति व अन्य लाभों से इस समुदाय के लोग वंचित है। संसोधन के तहत राज्य सरकार को आरक्षण देने से पूर्व दो-तीन बिंदुओं पर अध्ययन करवाना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस दिशा में सार्थक प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित वर्ग को लेकर राज्य व जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठकें समय-समय पर नहीं हो रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को राज्य स्तरीय बैठकों के हर छह महीनें व जिला बैठकों के 3 महीनें बाद करवाए जाने के निर्देश दिए। ताकि समय पर शिकायतों का निवारण हो। उन्होंने यह भी कहा कि एससी लोगों के मंदिरों में प्रवेश पर रोक की शिकायतें आयोग को प्राप्त हुई हैं। 2 मामले बसों से उतारने के सामने आए हैं। एक-दो स्थानों पर मिड डे मील में भी छुआछूत की शिकायतें संज्ञान में आई हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों में यदि सत्यता है तो कार्यवाही होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दलितों के विकास के लिए प्रदेश सरकार को अलग से योजनाएं तैयार कर अमलीजामा पहनाना चाहिए। जिससे सीधा-सीधा लाभ दलितों को प्राप्त हो सके।