जनजातीय क्षेत्रों में पीरियड आधार पर रखे जाएंगे शिक्षक

शिमला।

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल कीे आज यहां आयोजित बैठक में स्कूल प्रबन्धन समितियों के माध्यम से जनजातीय एवं अधिसूचित पिछड़े क्षेत्रों में पीरियड के आधार पर शिक्षकों के रिक्त पड़ेे पदों को भरने के संबंध में नीति अपनाने को स्वीकृति प्रदान की गई।

11वीं तथा 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले स्नातकोत्तर अध्यापकों को प्रति पीरियड 150 रुपये, 9वीं तथा 10वीं कक्षा को पढ़ाने वाले अध्यापकों को प्रति पीरियड 100 रुपये तथा प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों को प्रति पीरियड 100 रुपये मिलेंगे। एक माह में अधिकतम 6 हजार रुपये प्रदान किये जाएंगे। शास्त्री तथा भाषा अध्यापकों को प्रति पीरियड 75 रुपये मिलेंगे और इस प्रकार उन्हें एक माह में अधिकतम 4500 रुपये दिये जा सकेंगे। जेबीटी को प्रति पीरियड 75 रुपये तथा एक माह में अधिकतम 3500 रुपये प्रदान किए जा सकेंगे। इस निर्णय से ग्रामीण शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे तथा प्रदेश के कठिन एवं दुर्गम क्षेत्रों में छात्रों को समुचित शिक्षण सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।
मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने बैठक की अध्यक्षता की। मंत्रिमण्डल ने विभिन्न विभागों में कार्यरत उन दैनिक भोगियों/कंटीनजेंट पेड वर्कर को नियमित करने का निर्णय लिया, जिन्होंने 31 मार्च, 2012 को एक कैलेण्डर ईयर में न्यूनतम 240 दिवसों के साथ आठ वर्ष की नियमित सेवा अवधि पूरी की हो। इसमें छूट, जनजातीय क्षेत्रों में विभिन्न विभागों में उपलब्ध खाली पड़े पदों के अनुसार होगी।

बैठक में राजस्व विभाग के शेष 274 अशंकालिक राजस्व चौकीदारों को दिहाड़ीदार का पद देने को स्वीकृति प्रदान की गई। एकीकृत बाल सुरक्षा योजना के अंतर्गत पंजीकृत समितियों के पहले चरण के तहत् विभिन्न श्रेणियों के 11 पदों को आउट सोर्स करने का निर्णय लिया गया। मण्डी तथा कांगड़ा के मण्डलीय कार्यालयों में नायब तहसीलदार के तीन पद भरने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।

बैठक में बाल/बालिका सुरक्षा योजना आरम्भ करने को स्वीकृति प्रदान की गई। योजना के तहत कोई भी परिवार, जिसकी वार्षिक आय 60 हजार रुपये से कम हो और किसी को भी कोई गंभीर बीमारी न हो, बच्चों को अपनाने के लिए पात्र होगा। राज्य सरकार प्रतिमाह प्रत्येक बच्चे के भरण-पोषण के लिए ऐसे परिवार को 500 रुपये उपलब्ध करवाएगी।
मंत्रिमण्डल ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं के चयन के लिए शर्तों में संशोधन का निर्णय लिया। इस निर्णय के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं के पदों पर भर्ती के लिए संबंधित ग्राम पंचायत की सिलाई अध्यापिकाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।   

बैठक में निदेशक, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन को प्राधिकृत किया गया कि वे हिमाचल सरकार की ओर से पंजाब सरकार के साथ हिमाचल प्रदेश के श्री नयना देवी जी मंदिर और पंजाब स्थित श्री आनन्दपुर साहिब को सार्वजनिक निजी सहभागिता के अंतर्गत बीओटी आधार पर रज्जुमार्ग से जोडऩे के लिए परियोजना का निष्पादन करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करें। 
मंत्रिमण्डल ने हमीरपुर जि़ला की डुग्घा और बजुरी ग्राम पंचायतों तथा कुल्लू जि़ला की निरमण्ड तहसील की तुनान, पोषना और थाचवा ग्राम पंचायतों को हिमाचल प्रदेश नगर नियोजन अधिनियम, 1977 की परिधि से बाहर करने को स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमण्डल ने मण्डी जि़ला के बरोटी गांव में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने को स्वीकृति प्रदान की। यहां आन्तरिकीकरण के माध्यम से पदों को भरा जाएगा।