ग्राम सभाओं में मिलेगी आपदा प्रबन्धन की जानकारी

शिमला, 06 जून।

बड़े-बड़े शहरों व नगरों के साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी आपदाओं से निपटने की जानकारी मिलेगी। आपदा प्रबंधन ग्राम सभाओं में लोगों को भूकंप, बाढ, आग व भूस्खलन आने पर लोगों को इससे बचने की जानकारी देगी।
प्रदेश सरकार भूकंप जैसी परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन और इससे निपटने की तैयारियों के लिए ग्राम सभा की बैठकों के माध्यम से लोगों को जागरूक करेगी। आज यहां राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की बैठक में  यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश ने अपनी आपदा प्रबंधन नीति तैयार की है, जो भूकंप के संभावित खतरों से निपटने पर केंद्रित है।
उन्होंंने बताया कि प्रदेश सिसमिक जोन 4 व 5 में आता है और लोगों, विशेषकर ग्रामीणों को भूकंप रोधी आवासीय भवनों के निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश में भूकंप की तीव्रता 6 तक अनुभव की गई है और प्रदेश के 12 जिलों में से 11 जिले भूकंप प्रभावित क्षेत्र में आते हैं। लोगों को भूकंप के बारे में जागरूक बनाने और आपात स्थिति में तैयारियों का जायजा लेने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण फरवरी, 2013 में मॉक मेगा-स्टेट भूकंप आपदा अभ्यास आयोजित करेगी, जिसे ‘एम 8.0 मंडी, अर्थक्वेक डिजास्टर सिनेरियो’ का नाम दिया गया है। इसके अन्तर्गत भूकंप की तीव्रता 8 और भूकंप का केंद्र सुन्दरनगर माना जाएगा। इस अभियान को वर्ष 1905 में कांगड़ा में आए भूकंप की स्थितियों के समान मानकर कार्य किया जाएगा, उस समय भी भूकंप की तीव्रता 8 थी।